DTO ऑफिस में चल रहा था दलाली का नेटवर्क, DM रिची पांडेय ने अचानक मारा छापा.. दो होमगार्ड सस्पेंड

ऋचा शर्मा

• 04:41 PM • 06 Aug 2026

सीतामढ़ी के डीएम रिची पांडेय ने डीटीओ कार्यालय में अचानक छापा मारकर बड़ा एक्शन लिया. जांच के दौरान दलाली और भ्रष्टाचार की शिकायत पहली नजर में सही मिली. दो होमगार्ड जवानों को सस्पेंड कर एफआईआर और विभागीय कार्रवाई का आदेश दिया गया। बाहरी लोगों की भूमिका की भी जांच शुरू कर दी गई है.

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सीतामढ़ी के जिलाधिकारी रिची पांडेय ने बुधवार को जिला परिवहन कार्यालय में अचानक पहुंचकर औचक निरीक्षण किया. इस कार्रवाई की जानकारी पहले किसी को नहीं थी. डीएम को लगातार शिकायत मिल रही थी कि डीटीओ कार्यालय में दलाल सक्रिय हैं. आम लोगों से पैसे लेकर उनके काम कराए जाते हैं. शिकायत में ये भी कहा गया था कि कुछ कर्मचारी और होमगार्ड के जवान इस पूरे नेटवर्क को संरक्षण दे रहे हैं.

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जानकारी के अनुसार डीएम का उस समय किसी दूसरे कार्यक्रम में जाना तय था. गुप्त सूचना मिलने के बाद उन्होंने सबसे पहले डीटीओ कार्यालय पहुंचने का फैसला लिया. निरीक्षण के दौरान पूरे कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई. कई कर्मचारी भी अचानक हुई कार्रवाई से हैरान रह गए.

शिकायत पहली नजर में सही मिली

डीएम के निरीक्षण के दौरान कई ऐसे तथ्य सामने आए जिनसे शिकायत पहली नजर में सही दिखाई दी. जिला जनसंपर्क पदाधिकारी कमल सिंह ने बताया कि डीएम को लगातार शिकायतें मिल रही थीं. शिकायत में कहा गया था कि होमगार्ड के कुछ जवान दलाली को बढ़ावा दे रहे हैं. साथ ही बाहरी लोगों को भी कार्यालय में सक्रिय रहने दिया जा रहा है. निरीक्षण के दौरान डीएम ने कार्यालय की व्यवस्था का जायजा लिया. लोगों से भी बातचीत की. इसके बाद प्रशासन ने मामले में तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी.

दो होमगार्ड जवान सस्पेंड, एफआईआर के आदेश

जांच के बाद डीएम रिची पांडेय ने होमगार्ड के दो जवान त्रिपुरारी सिंह और इश्की लाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश दिया. दोनों पर दलाली और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप है.
डीएम ने दोनों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया. साथ ही एफआईआर दर्ज कराने का भी आदेश दिया गया. प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की आगे भी जांच जारी रहेगी. जांच में जो भी दोषी मिलेगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी.

जांच के दायरे में बाहरी लोगों की भूमिका

निरीक्षण के दौरान रवि कुमार उर्फ फुद्दू और राजकुमार नाम के दो बाहरी लोगों का मामला भी सामने आया. प्रशासन के अनुसार दोनों सरकारी कर्मचारी नहीं हैं. इसके बाद भी उनकी डीटीओ कार्यालय में लगातार आवाजाही रहती थी.

प्रारंभिक जांच में पता चला कि दोनों आम लोगों से पैसे लेकर परिवहन विभाग से जुड़े काम करवाते थे. डीएम ने दोनों की भूमिका की विस्तृत जांच कराने का आदेश दिया है. जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.

डीएम ने डीटीओ को दिए सख्त निर्देश

निरीक्षण के बाद डीएम ने डीटीओ को कार्यालय की पूरी व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि कार्यालय में बाहरी लोगों का अनधिकृत प्रवेश पूरी तरह रोका जाए. किसी भी व्यक्ति को दलाली करने का मौका नहीं मिलना चाहिए.
उन्होंने ये भी कहा कि आम लोगों का काम बिना किसी बिचौलिए के होना चाहिए. सरकारी सेवाएं पूरी तरह पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराई जाएं. कार्यालय में आने वाले लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए.

भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की चेतावनी

डीएम रिची पांडेय ने साफ कहा 

सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार, दलाली और अनधिकृत हस्तक्षेप किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा. उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को चेतावनी दी कि ऐसी गतिविधियों में शामिल पाए जाने पर कठोर कार्रवाई होगी.

रिची पांडेय, जिलाधिकारी


प्रशासन का मानना है कि इस कार्रवाई के बाद जिले के दूसरे सरकारी कार्यालयों में भी साफ संदेश जाएगा कि भ्रष्टाचार और दलाली को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

आम लोगों को मिल सकती है राहत

डीटीओ कार्यालय में ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन रजिस्ट्रेशन, परमिट, टैक्स और दूसरे जरूरी कामों के लिए हर दिन बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं. लंबे समय से दलालों की सक्रियता को लेकर शिकायतें मिलती रही हैं. कई लोग बिना बिचौलियों के काम नहीं होने की बात कहते रहे हैं.

डीएम की इस कार्रवाई से उम्मीद की जा रही है कि कार्यालय की व्यवस्था में सुधार होगा. आम लोगों को बिना अतिरिक्त पैसे दिए और बिना किसी बिचौलिए के सरकारी सेवाओं का लाभ मिल सकेगा.

कौन हैं IAS रिची पांडेय?

रिची पांडेय बिहार कैडर के 2016 बैच के आईएएस अधिकारी हैं. उन्होंने इंजीनियरिंग में स्नातक की पढ़ाई की है. इसके बाद बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन यानी एमबीए की डिग्री भी हासिल की.आईएएस बनने के बाद उन्होंने बिहार प्रशासन में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं. 6 मार्च 2024 को उन्होंने सीतामढ़ी के जिलाधिकारी और जिला मजिस्ट्रेट के रूप में पदभार संभाला.

रिची पांडेय की पहचान एक सख्त, सक्रिय और पारदर्शी प्रशासनिक अधिकारी के रूप में होती है. वो अचानक निरीक्षण करने और शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करने के लिए जाने जाते हैं. सरकारी कार्यालयों में पारदर्शिता बढ़ाने, जवाबदेही तय करने और आम लोगों को बेहतर सेवाएं दिलाने पर उनका खास जोर रहता है.

सीतामढ़ी में पदभार संभालने के बाद भी उन्होंने कई प्रशासनिक सुधारों पर काम किया है. सरकारी योजनाओं की निगरानी, कानून व्यवस्था और जन शिकायतों के त्वरित समाधान को उन्होंने प्राथमिकता दी है. डीटीओ कार्यालय में की गई ये कार्रवाई भी उनकी उसी कार्यशैली का हिस्सा मानी जा रही है. प्रशासन का कहना है कि जिले में भ्रष्टाचार और दलाली के खिलाफ आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी.