सीतामढ़ी में स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने देर रात मारी हॉस्पीटल में रेड, मरीजों ने खोली व्यवस्था की पोल

आशीष अभिनव

• 11:48 AM • 24 Aug 2026

सीतामढ़ी सदर अस्पताल में स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने देर रात औचक निरीक्षण किया. मरीजों और स्थानीय लोगों ने अस्पताल की व्यवस्था को लेकर शिकायतें कीं.

Nishant Kumar
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बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने रविवार देर रात सीतामढ़ी सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया. बिना किसी पूर्व सूचना के मंत्री के अस्पताल पहुंचने से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया. उन्होंने अस्पताल के अलग-अलग वार्डों का जायजा लिया और मरीजों से सीधे बातचीत कर स्वास्थ्य सुविधाओं की जमीनी स्थिति जानने की कोशिश की. निरीक्षण के दौरान अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर मरीजों और स्थानीय लोगों ने खुलकर अपनी शिकायतें स्वास्थ्य मंत्री के सामने रखीं. किसी ने इलाज से जुड़ी परेशानी बताई तो किसी ने डॉक्टरों की उपलब्धता, साफ-सफाई, दवाओं और दूसरी बुनियादी सुविधाओं को लेकर सवाल उठाए.

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मरीजों की शिकायतें सुनते रहे मंत्री

स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल में मौजूद मरीजों और उनके परिजनों से बारी-बारी बातचीत की. लोगों ने अपनी समस्याएं बताईं तो मंत्री ने संबंधित अधिकारियों से मौके पर ही जानकारी ली और जरूरी सुधार के निर्देश दिए. निरीक्षण के दौरान अस्पताल की सफाई व्यवस्था, मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं, चिकित्सकीय व्यवस्था और दवाओं की उपलब्धता समेत कई बिंदुओं की समीक्षा की गई. मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि सरकारी अस्पताल में आने वाले मरीजों को इलाज के लिए अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए. ताजा रिपोर्टिंग के मुताबिक, निरीक्षण के दौरान डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की मौजूदगी को लेकर भी सवाल उठे और मंत्री ने अस्पताल प्रशासन से जवाब-तलब किया.

शिकायत पर मंत्री ने अधिकारियों से की बात

मरीजों की शिकायतों को सुनने के बाद निशांत कुमार ने संबंधित अधिकारियों से एक-एक कर जानकारी ली. जरूरत के मुताबिक मरीजों को उपचार और रेफर करने से संबंधित निर्देश भी दिए गए. वहीं अस्पताल की जरूरतों और व्यवस्थाओं को लेकर सिविल सर्जन से भी चर्चा की. स्वास्थ्य मंत्री ने संकेत दिया कि अस्पताल में सामने आई कमियों को दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे. उनका कहना था कि सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा.

जर्जर आयुष अस्पताल का भी निरीक्षण

सदर अस्पताल के निरीक्षण के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने वर्षों से जर्जर स्थिति में पड़े आयुष अस्पताल का भी जायजा लिया. अस्पताल की स्थिति देखकर उन्होंने इसके कायाकल्प की बात कही. निरीक्षण के दौरान आयुष अस्पताल में ताला लगा हुआ था. इसको लेकर पूछे गए सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री ने मामले की जांच कराने और स्थिति की जानकारी लेने की बात कही.

दो घंटे से ज्यादा चला निरीक्षण

स्वास्थ्य मंत्री का यह औचक निरीक्षण दो घंटे से अधिक समय तक चला. इस दौरान बड़ी संख्या में मरीज और स्थानीय लोग अपनी समस्याएं लेकर मंत्री के आसपास मौजूद रहे. मरीजों की लगातार शिकायतों के बीच मंत्री ने अधिकारियों को समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए. स्थानीय लोगों के बीच भी इस औचक निरीक्षण के बाद उम्मीद जगी है कि अस्पताल की व्यवस्था में सुधार हो सकता है. अब देखने वाली बात यह होगी कि निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों पर स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन कितनी तेजी से कार्रवाई करता है.