सीवान में 'बिहार बंद' के दौरान AK-47 से हुई फायरिंग के सनसनीखेज मामले में पुलिस और प्रशासन का बड़ा बयान सामने आया है. सीवान के एसपी पूरण कुमार झा ने स्पष्ट किया है कि भीड़ पर राइफल तानने और गोली चलाने वाले आरोपी सिपाही को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और उसके खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जा रही है.
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DM और SP ने दी सफाई
वहीं, जिलाधिकरी विवेक रंजन मैत्रेय ने पुलिस की इस बड़ी चूक पर मुहर लगाते हुए कहा कि जवान को न तो गोली चलाने का आदेश दिया गया था और न ही हवाई फायरिंग की कोई अनुमति थी. DM के मुताबिक, उग्र भीड़ के बीच उस तरह का घातक शस्त्र लेकर जाना ही गलत था. पुलिसकर्मी खुद भीड़ के बीच फंस गया था और हड़बड़ाहट में उसने यह कदम उठाया.
बिहार बंद के दौरान हुई थी फायरिंग
आपको बता दें कि नीट पेपर लीक मामले को लेकर शनिवार को बिहार बंद के दौरान हुए उग्र प्रदर्शन के बीच सिवान में AK-47 से हवाई फायरिंग करने वाले जवान को निलंबित कर दिया गया है. ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. सोशल मीडिया पर घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस मुख्यालय ने मामले का संज्ञान लिया और कार्रवाई करते हुए जवान को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया. मिली जानकारी के मुताबिक फायरिंग करने वाले जवान का नाम अभिषेक पटेल है. अभिषेक पटेल एसआईटी टीम में तैनात हैं.
ये है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह से ही बड़ी संख्या में छात्र और प्रदर्शनकारी सिवान के गांधी मैदान में जुटने लगे थे. इसके बाद प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया. प्रदर्शनकारियों ने शहर के कई हिस्सों में हंगामा किया, पुलिस बैरिकेडिंग तोड़ी और गांधी मैदान व जेपी चौक के पास पुलिस पर पथराव किया. इस दौरान सिवान के पुलिस अधीक्षक (एसपी) पुराण कुमार झा घायल हो गए थे. उनके पैर में चोट आई लगी थी. वहीं कई पुलिसकर्मी और ड्यूटी पर मौजूद पत्रकार भी पथराव की चपेट में आकर घायल हुए थे.
जवान पर विभाग ने की कार्रवाई
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने पहले प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन जब भीड़ नहीं मानी तो लाठीचार्ज किया गया. इसके बाद आंसू गैस के गोले छोड़कर प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर किया गया. इसी दौरान एक वीडियो सामने आया, जिसमें एक जवान AK-47 से हवाई फायरिंग करता दिखाई दिया. वीडियो वायरल होने के बाद इस कार्रवाई पर सवाल उठे, जिसके बाद विभागीय जांच शुरू की गई.फिलहाल, प्रशासन ने साफ कर दिया है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा.
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