संसद के बाहर एक जबरदस्त वाकया देखने को मिला जहां पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव अनोखे अंदाज में प्रदर्शन करने लगे. पप्पू यादव साधु के भेष में चंदा मांगने बैठ गए. उनके इस प्रदर्शन में विपक्ष के करीब करीब सभी सांसद मौजूद रहे. पप्पू यादव ने सांकेतिक रूप से साधु का भेष धारण कर राम मंदिर में हुए कथित घोटाले को लेकर सरकार पर हमला बोला. हालांकि पप्पू यादव के ऐसे प्रदर्शन पर स्पीकर ओम बिरला ने सदन के अंदर आपत्ति जताई है.
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चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर चर्चा की मांग
दरअसल, राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर विपक्ष संसद में चर्चा की मांग कर रहा है. इस मामले को लेकर शुक्रवार को पुर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने संसद के बाहर प्रदर्शन किया. पप्पू यादव ने विरोध जताने के लिए साधु के भेष में दानपेटी लेकर संसद पहुंचे. यहां वह पूरी तरह से भगवा वेष में दिखाई दिए. इस दौरान वह चढ़ावा बटोरते नजर आए. वहीं राहुल गांधी ने भी दानपेटी में चढ़ावा चढ़ाकर इस प्रदर्शन में हिस्सा लिया. इस पूरी घटना के दौरान विपक्ष के अन्य नेता पीछे नारेबाजी करते नजर आए.
स्पीकर को आया गुस्सा
हालांकि, जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो विपक्षी सांसद चंदा चोरी को लेकर हंगामा करने लगे. इस दौरान स्पीकर गुस्से में नजर आए और उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि इस तरह का प्रदर्शन ठीक नहीं है. उन्होंने बिना नाम लिए कहा कि हमें कुछ सांसदों ने लिखकर दिया है कि कुछ सदस्य सदन के बाहर अलग-अलग भेष में प्रदर्शन करने आए हैं. ये संसद परिसर की मर्यादा के खिलाफ है. ऐसे प्रदर्शन की लोकतंत्र में कोई जगह नहीं है. हमें संसद और संसद परिसर की पवित्रता बनाए रखना चाहिए.
बीजेपी और सत्ता पक्ष का पप्पू पर हमला
पप्पू यादव के इस अवतार पर सत्ता पक्ष के सांसदों ने भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की. सत्ता पक्ष का कहना था कि भगवा और साधु के भेष का इस तरह प्रदर्शन में इस्तेमाल करना सनातन धर्म और आस्था का मजाक उड़ाना है. बीजेपी सांसद साक्षी महाराज ने पप्पू यादव के प्रदर्शन पर आपत्ति जताई है.
पप्पू यादव का पलटवार
हालांकि, स्पीकर की टिप्पणी और बीजेपी के आरोपों पर पप्पू यादव ने भी अपनी सफाई दी. उन्होंने कहा कि भगवा पर किसी एक पार्टी का अधिकार नहीं है. उन्होंने कहा कि हम गोली-लाठी तो नहीं चला सकते. हमने आस्था के सम्मान में गेरुआ पहना था. असली नाटक तो वे लोग कर रहे हैं जो भगवा पहनकर देश में धार्मिक उन्माद फैलाते हैं और भगवान को राजनीति में घसीटते हैं. फिलहाल, स्पीकर के इस कड़े रुख के बाद संसद में विरोध प्रदर्शन के तरीकों और सदन की मर्यादा को लेकर बहस एक बार फिर छिड़ गई है.
संसद में जारी है गतिरोध
संसद में जारी हंगामा थमता नजर नहीं आ रहा है. संसद में गृह मंत्री अमित शाह के मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ. विपक्षी सांसदों ने लगातार दूसरे दिन अमित शाह के खिलाफ बैनर लेकर संसद भवन परिसर में प्रदर्शन किया. 'गृहमंत्री अमित शाह संसद से गायब क्यों' के बैनर के साथ प्रदर्शन हुआ. पूरा विपक्ष 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान छात्रों के खिलाफ दमन के मुद्दे पर अमित शाह का इस्तीफा मांग रहा है. इस मुद्दे पर लोकसभा में कोई कामकाज नहीं हो पाया.
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