Bihar MLA Sujeet Paswan: रूस ने क्यों बुलाया बिहार के BJP विधायक को? मॉस्को में निभाएंगे ये खास भूमिका

ऋचा शर्मा

• 02:44 PM • 17 Sep 2026

बिहार के BJP MLA सुजीत पासवान को Russia के संसदीय चुनाव में International Observer के तौर पर बुलाया गया है। राजनगर से विधानसभा तक उनका राजनीतिक सफर और Moscow में चुनावी प्रक्रिया के अवलोकन की पूरी कहानी जानिए। पटना से मॉस्को तक आखिर क्यों हो रही है सुजीत पासवान की चर्चा?

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बिहार के मधुबनी से बीजेपी विधायक सुजीत पासवान इन दिनों पटना से लेकर मॉस्को तक चर्चा में हैं. राजनगर विधानसभा सीट से विधायक सुजीत पासवान को रूस की ओर से खास निमंत्रण मिला है. वह रूस में होने वाले संसदीय चुनाव के दौरान अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक चुनाव पर्यवेक्षक की भूमिका में नजर आएंगे. यानी सुजीत पासवान रूस में चुनाव लड़ने नहीं, बल्कि वहां होने वाली चुनावी प्रक्रिया को करीब से देखने और उसका अवलोकन करने पहुंचेंगे.

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रूस की Civic Chamber of the Russian Federation की ओर से उन्हें यह निमंत्रण दिया गया है. कार्यक्रम के मुताबिक सुजीत पासवान 18 से 20 सितंबर 2026 तक मॉस्को में रहेंगे. इस दौरान वह दूसरे देशों से पहुंचे पर्यवेक्षकों और सिविल सोसाइटी से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ रूस की चुनावी प्रक्रिया को देखेंगे.

क्या है सुजीत पासवान की भूमिका?

रूस में होने वाले स्टेट डूमा चुनाव के दौरान सुजीत पासवान की भूमिका किसी राजनीतिक दल के प्रतिनिधि की नहीं होगी. उन्हें अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक चुनाव पर्यवेक्षक के तौर पर आमंत्रित किया गया है. मॉस्को स्थित सिचुएशनल सेंटर में वह दूसरे अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों के साथ चुनावी प्रक्रिया का अवलोकन करेंगे. चुनाव के दौरान मतदान प्रक्रिया, चुनाव से जुड़ी व्यवस्थाओं और पूरी प्रक्रिया को करीब से देखने का मौका उन्हें मिलेगा.

रूस की Civic Chamber ने अलग-अलग देशों के निर्वाचित प्रतिनिधियों, विशेषज्ञों और सिविल सोसाइटी से जुड़े लोगों को चुनावी प्रक्रिया के सार्वजनिक पर्यवेक्षण के लिए आमंत्रित किया है. इसी क्रम में बिहार के राजनगर विधायक सुजीत पासवान को भी मॉस्को बुलाया गया है.

कौन हैं सुजीत पासवान?

अब बात करते हैं उस विधायक की, जिनकी चर्चा बिहार से निकलकर रूस तक पहुंच गई है. सुजीत पासवान मधुबनी जिले की राजनगर विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक हैं. इसके साथ ही वह बिहार बीजेपी के अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं. 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने उन्हें राजनगर विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया था. चुनाव जीतने के बाद सुजीत पासवान पहली बार बिहार विधानसभा पहुंचे. राजनगर सीट मिथिलांचल की महत्वपूर्ण विधानसभा सीटों में गिनी जाती है.

छात्र राजनीति से शुरू हुआ सफर

सुजीत पासवान का राजनीतिक सफर सीधे विधानसभा से शुरू नहीं हुआ. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने छात्र राजनीति के जरिए संगठन में अपनी सक्रियता शुरू की. बताया जाता है कि 2010 में वह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े और संगठन में अलग-अलग जिम्मेदारियां निभाईं. इसके बाद उनका जुड़ाव बीजेपी से बढ़ता गया.

साल 2020 में बीजेपी के सक्रिय सदस्य बनने के बाद उन्होंने पार्टी के युवा संगठन में भी काम किया. संगठन में सक्रियता के चलते उन्हें बीजेपी युवा मोर्चा में प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी मिली. इसके बाद पार्टी संगठन में उनकी भूमिका लगातार बढ़ती गई और वह बीजेपी के अनुसूचित जाति मोर्चा के बिहार प्रदेश अध्यक्ष बनाए गए.

विधायक के साथ संगठन की भी जिम्मेदारी

सुजीत पासवान की मौजूदा राजनीतिक भूमिका दो स्तरों पर है. एक तरफ वह राजनगर से निर्वाचित विधायक हैं, वहीं दूसरी तरफ बीजेपी के अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर संगठन में भी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. इसके अलावा वह ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के सिंडिकेट सदस्य भी हैं.

बिहार की राजनीति से रूस की चुनावी प्रक्रिया तक

सुजीत पासवान के लिए मॉस्को का यह दौरा इसलिए भी खास है क्योंकि विधानसभा चुनाव जीतने के बाद यह उनके लिए एक अलग तरह की अंतरराष्ट्रीय भूमिका होगी. बिहार की राजनीति में सक्रिय रहने वाले एक मौजूदा विधायक को रूस के संसदीय चुनाव की प्रक्रिया को देखने के लिए आमंत्रित किया गया है. हालांकि, यहां यह समझना जरूरी है कि चुनाव पर्यवेक्षक के तौर पर उनकी भूमिका रूस के चुनाव में किसी उम्मीदवार या राजनीतिक दल के समर्थन की नहीं है. उनका काम अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों के साथ चुनावी प्रक्रिया का अवलोकन करना होगा.

इस तरह मधुबनी के राजनगर से बिहार विधानसभा तक का राजनीतिक सफर तय करने वाले सुजीत पासवान अब मॉस्को में रूस की संसदीय चुनाव प्रक्रिया के अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षक के तौर पर नजर आएंगे. यही वजह है कि उनकी राजनीतिक यात्रा की चर्चा अब बिहार से बाहर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हो रही है.