बिहार के भागलपुर जिले के सुल्तानगंज में हुए सनसनीखेज गोलीकांड में पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल की है. नगर परिषद कार्यालय में घुसकर कार्यपालक पदाधिकारी (EO) कृष्ण भूषण की दिनदहाड़े हत्या करने वाले मुख्य आरोपी रामधनी यादव को पुलिस ने एक मुठभेड़ में मार गिराया है. पुलिस ने यह कार्रवाई वारदात के महज 24 घंटे के भीतर की है.
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क्या था मामला?
मंगलवार को सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय में उस वक्त हड़कंप मच गया जब नकाबपोश अपराधियों ने दफ्तर में घुसकर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी. हमलावरों का सीधा निशाना कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण और सभापति राजकुमार उर्फ गुड्डू थे. इस हमले में ईओ कृष्ण भूषण की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सभापति राजकुमार गंभीर रूप से घायल हो गए. उनका इलाज फिलहाल नाजुक स्थिति में जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा अस्पताल में चल रहा है.
एनकाउंटर की पूरी कहानी
घटना के बाद से ही बिहार पुलिस और प्रशासन पर सवाल उठ रहे थे. पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम गठित की और अपराधियों के संभावित ठिकानों पर दबिश देना शुरू किया. गुप्त सूचना के आधार पर जब पुलिस मुख्य आरोपी रामधनी यादव को पकड़ने पहुंची, तो उसने सरेंडर करने के बजाय पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी.
जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं, जिसमें रामधनी यादव को गोली लगी. उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. इस मुठभेड़ में एक अन्य आरोपी के घायल होने की भी खबर है, जबकि पुलिस के तीन जवान भी जख्मी हुए हैं.
अपराध करोगे तो कलेजे पर लगेगी गोली
इस एनकाउंटर के बाद सरकार और पुलिस की ओर से सख्त संदेश दिया गया है. वीडियो रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि "अभी तक तो पैर में गोली लग रही थी, लेकिन अगर पुलिस पर हमला करोगे तो सीधे कलेजे पर गोली लगेगी." बिहार पुलिस ने 24 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी का सफाया कर यह संदेश दिया है कि राज्य में कानून का राज स्थापित करने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं.
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