बिहार की राजनीति में मचे घमासान के बीच नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले पर बड़ा हमला बोला है. तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने नीतीश कुमार पर इतना मानसिक दबाव बनाया कि उन्हें पद छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा. उन्होंने इसे जनता के साथ बड़ा धोखा करार दिया है.
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तेजस्वी का सवाल- 2025 तक नीतीश का नारा था, फिर ये क्या हुआ?
तेजस्वी यादव ने एनडीए के पुराने नारे की याद दिलाते हुए कहा कि चुनाव के समय "2025 से 2030, फिर से नीतीश" का नारा दिया गया था, लेकिन अब उन्हें पद से हटाकर राज्यसभा भेजा जा रहा है. तेजस्वी ने कहा, "भाजपा नहीं चाहती कि जनता दल यूनाइटेड एक स्वतंत्र पार्टी के रूप में रहे, वह इसे पूरी तरह खत्म करना चाहती है.
महाराष्ट्र मॉडल का बिहार में इस्तेमाल
तेजस्वी ने दावा किया कि उन्होंने बहुत पहले ही भविष्यवाणी की थी कि नीतीश कुमार को भाजपा दोबारा मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठने नहीं देगी. उन्होंने कहा, "हमने पहले ही कहा था कि महाराष्ट्र में जो हुआ (शिंदे मॉडल), उसी को रिफाइंड तरीके से बिहार में लागू किया जाएगा. काम वही हुआ है, बस तरीका अलग है.
निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री पर क्या बोले तेजस्वी?
नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के राजनीति में आने की चर्चाओं पर तेजस्वी ने कहा कि निशांत को बहुत पहले ही राजनीति में आ जाना चाहिए था. उन्होंने जेडीयू के ही कुछ नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी के अंदर मौजूद "साढ़े तीन" लोगों ने निशांत को आगे नहीं आने दिया.
नीतीश कुमार के प्रति सहानुभूति
हैरान करने वाली बात यह रही कि तेजस्वी ने नीतीश कुमार के प्रति सहानुभूति भी जताई. उन्होंने कहा, "हमारी पूरी सहानुभूति उनके प्रति है. उन्होंने बिहार की जो सेवा की है, उसके लिए हम उन्हें धन्यवाद देते हैं, लेकिन भाजपा ने उनके साथ जो किया वह गलत है.
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