बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के मामले में हथियारों की सप्लाई से जुड़े कथित नेटवर्क का खुलासा हुआ है. इस मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने चार आरोपियों को पकड़ा है. इनमें हरियाणा के सोनीपत निवासी कुनाल और सुमित के अलावा उत्तर प्रदेश की राधा और बबीता शामिल हैं. इसके बाद महाराष्ट्र पुलिस की CID, मुंबई की टीम ने अदालत की अनुमति से चारों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया. पुलिस को आरोपियों की तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड भी मिली है. जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस पूरे मामले में कुनाल की भूमिका अहम मानी जा रही है. पुलिस के अनुसार, वह हाल ही में जमानत पर जेल से बाहर आया था. बताया गया है कि हरसाना गांव में रहने वाले उसके एक दोस्त के जरिए उसकी बातचीत अनिल पंडित से शुरू हुई. इसके बाद दोनों कथित तौर पर एक एन्क्रिप्टेड ऐप के जरिए संपर्क में रहने लगे.
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अमृतसर से पिस्टल और कारतूस लाने का आरोप
जांच के अनुसार, अनिल पंडित के निर्देश पर कुनाल अमृतसर से एक पिस्टल और 20 कारतूस लेकर आया था. करीब दो महीने पहले उसकी मुलाकात राधा से हुई थी. आरोप है कि कुनाल ने राधा को अपनी गतिविधियों के बारे में बताया और बाद में उसे हथियार लेकर मुंबई जाने के लिए तैयार किया. पुलिस के मुताबिक, 15 अक्टूबर को कुनाल राधा और बबीता को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन लेकर पहुंचा. बताया जा रहा है कि पिस्टल राधा के बैग में रखी गई थी. यात्रा के दौरान कुनाल एन्क्रिप्टेड ऐप के जरिए संपर्क में रहा और अनिल पंडित की ओर से दिए जा रहे निर्देश उन तक पहुंचाता रहा.
दादर स्टेशन पर पहुंचने के बाद क्या हुआ?
पुलिस की जांच के मुताबिक, 17 अक्टूबर को राधा और बबीता मुंबई के दादर स्टेशन पहुंचीं. इसके बाद दोनों एक होटल में ठहरीं. उसी दिन सुबह करीब 11 बजे एक नाबालिग लड़का होटल के पास राधा से बैग लेकर गया. जांच एजेंसियां बैग में रखे हथियार को टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग की घटना से जोड़कर देख रही हैं. जांच के अनुसार, 18 अक्टूबर को शाम करीब सात बजे टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग हुई थी. घटना के बाद अनिल पंडित ने कथित तौर पर कुनाल को बताया कि शूटर मुंबई में फंस गए हैं. इसके बाद उन्हें वहां से निकालने की व्यवस्था करने को कहा गया.
फायरिंग के बाद दिल्ली लौट गई थीं दोनों महिलाएं
पुलिस के अनुसार, 18 अक्टूबर को ही राधा और बबीता दादर से हरिद्वार जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेन में सवार होकर दिल्ली के लिए रवाना हो गईं. 20 अक्टूबर को दोनों को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से पकड़ा गया. वहीं, कुनाल और सुमित को हरियाणा के सोनीपत से हिरासत में लिया गया. बाद में मुंबई पुलिस की CID ने अदालत की अनुमति लेकर चारों आरोपियों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया. पुलिस को उनकी तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड मिली है, ताकि मामले में आगे की पूछताछ और जांच की जा सके.
हथियारों की सप्लाई और पूरे नेटवर्क की जांच जारी
टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में अब जांच का अहम पहलू हथियारों की सप्लाई और उन्हें कथित शूटरों तक पहुंचाने की प्रक्रिया है. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हथियार किसके निर्देश पर जुटाए गए, आरोपियों के बीच संपर्क कैसे बना और फायरिंग की घटना में प्रत्येक व्यक्ति की कथित भूमिका क्या थी. फिलहाल मामले की जांच जारी है. आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों और उनकी भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा.
फायरिंग के मामले में बिहार के बेगूसराय का कनेक्शन
अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में बिहार के बेगूसराय का नाम भी सामने आया था. मुंबई पुलिस की ओर से कथित आरोपी की पहचान ऋतिक कुमार उर्फ रोशन, पिता रामू महतो, पिपरा, बेगूसराय के रूप में बताई गई थी. हालांकि, स्थानीय स्तर पर नाम और पते का मिलान होने के बावजूद परिवार ने तस्वीर देखकर उसकी पहचान की पुष्टि नहीं की थी. ऋतिक की मां संयुक्त देवी ने बताया था कि 17 अक्टूबर को दोपहर करीब 2 बजे उनकी बेटे से आखिरी बार बात हुई थी. मां का दावा था कि उनका बेटा मुंबई में खाना बनाने का काम करता है और वह ऐसी वारदात में शामिल नहीं हो सकता. उन्होंने उसे फंसाए जाने की आशंका भी जताई थी. हालांकि, परिवार की ओर से लगाए गए इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई थी.
मामले की जांच हुई तेज
अब मामले में हथियारों की कथित सप्लाई करने वाले नेटवर्क से जुड़े चार लोगों की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा और अहम हो गया है. पुलिस की जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि बेगूसराय से जुड़े कथित आरोपी की इस पूरे नेटवर्क में क्या भूमिका थी और हथियार पहुंचाने वाले मॉड्यूल से उसका कोई संबंध था या नहीं.
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