बिहार की राजनीति में जेडीयू के भविष्य और नीतीश कुमार की राजनीतिक विरासत को लेकर लगातार चर्चा के बीच राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने निशांत कुमार को लेकर बड़ा बयान दिया है. कुशवाहा ने कहा कि निशांत कुमार को राजनीति में आगे आने का उनका पूरा समर्थन और आशीर्वाद है. उन्होंने अपने बेटे दीपक प्रकाश और निशांत कुमार की तुलना करते हुए कहा कि राजनीतिक मंच पर दोनों में कोई अंतर नहीं है. उपेंद्र कुशवाहा के मुताबिक, जिस तरह दीपक प्रकाश उनके बेटे हैं, उसी तरह निशांत कुमार को भी वह अपना बेटा मानते हैं.
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'सबसे पहले मैंने ही कहा था, निशांत को पार्टी में लाना चाहिए'
निशांत कुमार को लेकर पूछे गए सवाल पर उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि सबसे पहले उन्हीं लोगों में से वह थे जिन्होंने निशांत कुमार को पार्टी में लाने की बात कही थी. उन्होंने कहा कि लोग इस बात को भूल जाते हैं कि निशांत कुमार को राजनीति में आगे बढ़ाने के पक्ष में वह पहले से रहे हैं. कुशवाहा ने दोहराया कि निशांत को उनका पूरा आशीर्वाद प्राप्त है और युवा नेताओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए.
दीपक प्रकाश और निशांत में 'कोई अंतर नहीं'
उपेंद्र कुशवाहा ने बातचीत के दौरान कहा कि राजनीतिक मंच पर दीपक प्रकाश और निशांत कुमार में वह कोई अंतर नहीं देखते. उन्होंने दोनों को बिहार और देश के भविष्य से जुड़ा युवा चेहरा बताते हुए कहा कि नौजवानों को आगे बढ़ने का जितना अवसर मिले, उतना मिलना चाहिए. उनका कहना था कि निशांत कुमार को आगे बढ़ने के लिए उनका पूरा समर्थन है.
'JDU को खून-पसीने से सींचा है, इसलिए चिंता भी है'
जेडीयू और नीतीश कुमार की राजनीतिक विरासत को लेकर पूछे गए सवाल पर उपेंद्र कुशवाहा ने अपने पुराने राजनीतिक सफर का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि जेडीयू को बनाने और आगे बढ़ाने में उन्होंने भी खून-पसीना लगाया है. इसी वजह से, भले ही आज वह अलग राजनीतिक दल में हों, लेकिन जेडीयू के भविष्य को लेकर उनके मन में चिंता और एक तरह का दर्द होना स्वाभाविक है. कुशवाहा ने कहा कि यह चिंता सिर्फ उनकी नहीं है. जेडीयू के लोगों को भी यह सवाल परेशान करता है कि भविष्य में पार्टी और उसकी राजनीतिक विरासत किस दिशा में जाएगी.
क्या नीतीश कुमार के उत्तराधिकारी हैं निशांत?
जब उनसे सीधे तौर पर निशांत कुमार को नीतीश कुमार का राजनीतिक उत्तराधिकारी मानने को लेकर सवाल किया गया तो उपेंद्र कुशवाहा ने साफ तौर पर किसी अंतिम निष्कर्ष पर जाने से बचते हुए कहा कि वह किसी पार्टी के भविष्य का फैसला करने वाले कौन होते हैं. हालांकि, उन्होंने इतना जरूर दोहराया कि निशांत कुमार को राजनीति में आगे आना चाहिए और इस मामले में उन्हें उनका पूरा समर्थन है.
RLM को आगे बढ़ाने की इच्छा पर भी दी सफाई
बिहार की राजनीति और आरएलएम के भविष्य पर पूछे गए सवालों पर उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि हर पार्टी और उसके समर्थक चाहते हैं कि उनका संगठन आगे बढ़े. उन्होंने इसे किसी राजनीतिक विरोधाभास के रूप में मानने से इनकार किया. कुशवाहा का कहना था कि अलग-अलग राजनीतिक और सामाजिक मंचों पर अलग-अलग संदर्भों में बातें होती हैं और हर बयान को पार्टी या गठबंधन की राजनीति से जोड़कर देखना जरूरी नहीं है. उन्होंने कहा कि देश और लोकतंत्र की खासियत अलग-अलग विचारों के बीच सहमति बनाकर आगे बढ़ने में है. कुल मिलाकर, उपेंद्र कुशवाहा के इस बयान ने एक बार फिर निशांत कुमार की संभावित राजनीतिक भूमिका और जेडीयू के भविष्य को लेकर चल रही चर्चा को हवा दे दी है. हालांकि कुशवाहा ने निशांत को लेकर अपने समर्थन का स्पष्ट संकेत दिया है, लेकिन उत्तराधिकारी के सवाल पर अंतिम फैसला जेडीयू और उसके राजनीतिक नेतृत्व के हाथ में ही बताया.
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