UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 के नतीजों के बाद ऑल इंडिया रैंक 301 को लेकर छिड़ा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा. इस बीच बिहार की आकांक्षा सिंह पहली बार कैमरे के सामने आईं और अपना पक्ष रखा. रणबीर सेना के दिवंगत प्रमुख ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती आकांक्षा ने साफ कहा कि 301वीं रैंक उन्हीं की है और इसमें कोई संदेह नहीं होना चाहिए.
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"मेरी गलती नहीं, UPSC की तकनीकी चूक हो सकती है"
आकांक्षा सिंह के एडमिट कार्ड के बारकोड और रोल नंबर (0856794) के बीच अंतर को लेकर सवाल उठ रहे हैं. इस पर आकांक्षा का कहना है कि यह उनकी भूल नहीं, बल्कि UPSC की तकनीकी गड़बड़ी हो सकती है.
उन्होंने तर्क दिया कि अगर शुरू से ही उनके एडमिट कार्ड में कोई खामी होती, तो वे प्रीलिम्स, मेन्स और इंटरव्यू तीनों चरण कैसे पार करतीं? उनका कहना है कि उन्होंने इसी रोल नंबर पर परीक्षा दी और उसी आधार पर इंटरव्यू भी दिया.
परीक्षा की तारीखें गिनाकर साबित किया अपना दावा
अपनी दावेदारी को साबित करने के लिए बिहार की आकांक्षा ने अपने परीक्षा सफर का पूरा ब्यौरा पेश किया. उन्होंने बताया कि 26 मई को प्रीलिम्स की परीक्षा दी थी, जिसका परिणाम 11 जून को आया. इसके बाद नवंबर में मुख्य परीक्षा (Mains) पास की और 4 फरवरी को उनका इंटरव्यू पूरा हुआ. उन्होंने 'डेफ' (DAF) फॉर्म का भी जिक्र किया, जो केवल वही उम्मीदवार भर सकते हैं जो मेंस क्लियर करते हैं. फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया पर बिहार बनाम यूपी की जंग बन चुका है, लेकिन असली फैसला यूपीएससी के स्पष्टीकरण के बाद ही होगा.
- 26 मई - प्रीलिम्स परीक्षा दी
- 11 जून - प्रीलिम्स का रिजल्ट आया
- नवंबर - मेन्स परीक्षा उत्तीर्ण की
- 4 फरवरी - इंटरव्यू हुआ
UPSC को मेल, सोमवार तक जवाब की उम्मीद
आकांक्षा ने बताया कि उन्होंने UPSC को मेल भेजकर स्पष्टीकरण की मांग की है. उनका कहना है, "मुझे सोशल मीडिया पर सफाई देने की जरूरत नहीं. जो जवाब देना है, वह UPSC देगा." उन्हें उम्मीद है कि सोमवार तक आयोग की तरफ से आधिकारिक बयान आएगा.
देखिए आकांक्षा सिंह का पूरा बयान
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