बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम विजय सिन्हा का एक मंच से दर्द छलका है. हाल ही में हुए विभाग बदलाव के बाद उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान अपनी बात रखी और कहा कि वे इस नई पाठशाला के नए विद्यार्थी हैं. उन्होंने अपनी स्थिति की तुलना एक ऐसे छात्र से की जो पढ़ाई तो किसी एक विषय की करता है, लेकिन परीक्षा में दूसरे विषय से जुड़े सवाल आ जाते हैं. हालांकि, उन्होंने साफ किया कि वे इस परीक्षा को पास करने के लिए पूरी तन्मयता और लगन के साथ जुट गए हैं.
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विभाग बदलने से राहत महसूस करने वालों को चेतावनी
विजय सिन्हा ने उन लोगों को कड़ा संदेश दिया है जो उनके राजस्व विभाग से हटने के बाद राहत की सांस ले रहे थे. उन्होंने कहा कि कुछ लोग सोच रहे हैं कि राजस्व विभाग से विजय सिन्हा के हट जाने के बाद उन्हें छूट मिल गई है, लेकिन ऐसा नहीं है. उन्होंने मंच से हुंकार भरते हुए कहा कि अब वह सिर्फ विजय सिन्हा नहीं बल्कि 'विजय बिहारी' हैं. पूरे बिहार के लोगों की चिंता और उनकी समस्याओं का समाधान करना उनका मुख्य लक्ष्य है. लोगों की जमीन को सुरक्षित रखने का जो संकल्प उन्होंने लिया था, उसे उन्होंने छोड़ा नहीं है.
कृषि और राजस्व विभाग मिलकर चलाएंगे अभियान
कृषि मंत्री का कार्यभार संभालने के बाद विजय सिन्हा ने किसानों के हित में बड़े कदम उठाने के संकेत दिए हैं. उन्होंने घोषणा की कि जब तक बिहार के किसानों के लिए 'फार्मर आईडी' (किसान पहचान पत्र) नहीं बन जाता, तब तक कृषि विभाग और राजस्व विभाग दोनों मिलकर एक साझा अभियान चलाएंगे. उन्होंने सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि किसानों के हित में चल रहे इस काम में जो भी अधिकारी या व्यक्ति बाधक बनेगा, उसे चिन्हित किया जाएगा और किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.
बिहार निवेश प्रोत्साहन नीति 2026 और कोल्ड स्टोरेज की चेन
किसानों की आय बढ़ाने और फसलों को सुरक्षित रखने के लिए सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए विजय सिन्हा ने कहा कि बिहार में कोल्ड स्टोरेज की एक बड़ी चेन बनाने पर काम किया जा रहा है. इसके लिए राज्य सरकार 'बिहार निवेश प्रोत्साहन नीति 2026' लाने के लिए पूरी तरह से तैयार है. उन्होंने बताया कि इस विषय पर उनकी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से भी बातचीत हुई है. उन्होंने कहा कि जनता ने जो बड़ा जनादेश दिया है, उसके तहत किसानों और गरीबों के चेहरे पर मुस्कुराहट लाना सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है.
विपक्ष पर तंज और सुशासन की परिभाषा
मंच से विरोधियों पर निशाना साधते हुए पूर्व उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में शासन करना बहुत बड़ी बात नहीं है, क्योंकि शासन तो कोई भी कर लेता है और इसके लिए बहुत ज्यादा दिमाग की जरूरत नहीं होती. उन्होंने अतीत का जिक्र करते हुए तंज कसा कि इसी बिहार में ऐसे लोगों ने भी शासन किया है जो ठीक से हस्ताक्षर भी नहीं कर पाते थे. उन्होंने जोर देकर कहा कि शासन और सुशासन में फर्क होता है. सुशासन से समृद्धि लाने के लिए एकाग्रता, ईमानदारी और जनता के प्रति पूर्ण समर्पण की जरूरत होती है, जो कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में दिखाई देती है.
हवाई कनेक्टिविटी और विकास का खाका
बिहार के विकास और बुनियादी ढांचे पर बात करते हुए विजय सिन्हा ने कहा कि पहले राज्य में हवाई उड़ानें सिर्फ पटना तक सीमित थीं, लेकिन केंद्र सरकार के सहयोग से अब गया, दरभंगा और पूर्णिया जैसे शहरों को भी देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने के लिए हवाई अड्डों का वातावरण तैयार किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार प्रकृति के अनुकूल वातावरण बनाने और जनता की पुरानी मांगों को पूरा करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, जिसके लिए आवश्यक अनुमतियां भी मिल चुकी हैं.
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