बिहार सरकार में विभागों के बदलाव को लेकर अक्सर राजनीतिक चर्चाएं होती रही हैं. ऐसे में जब विजय सिन्हा से उनकी नई जिम्मेदारी और विभाग बदले जाने को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने इस पर खुलकर जवाब दिया. विजय सिन्हा ने कहा कि नेतृत्व को जिस विभाग में बेहतर काम की उम्मीद होती है, उसी हिसाब से जिम्मेदारी दी जाती है. विजय सिन्हा ने अपने पुराने पदों का जिक्र करते हुए कहा कि वह पहले पथ निर्माण मंत्री रहे, विधानसभा अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली और माइंस मिनिस्टर के तौर पर भी काम किया. उन्होंने कहा कि हर बार नेतृत्व को जो लगता है कि कौन सा विभाग उनके जिम्मे दिया जाए ताकि वहां कुछ बेहतर हो, उसी विश्वास पर खरा उतरने के लिए वह अभियान शुरू करते हैं.
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‘माइंस और राजस्व में किए गए काम का असर दिखा’
विजय सिन्हा ने राजस्व और भूमि सुधार विभाग में अपने कार्यकाल का जिक्र करते हुए माइंस और राजस्व से जुड़े कामों को सामने रखा. उन्होंने दावा किया कि 2021-22 में माइंस से करीब 1600 करोड़ रुपये का राजस्व आता था, जिसे उनके कार्यकाल में बढ़ाकर 3592 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई. उन्होंने ट्रांजिट चालान लागू करने, अवैध खनन और ओवरलोडिंग के खिलाफ कार्रवाई का भी जिक्र किया. विजय सिन्हा के मुताबिक, अवैध खनन और ओवरलोडिंग की जानकारी देने वाले लोगों के लिए 10 हजार रुपये के इनाम की व्यवस्था भी की गई थी.
‘बालू माफिया और भूमाफिया पर नजर थी’
बातचीत में विजय सिन्हा ने बालू और जमीन से जुड़े अवैध कारोबार का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि बालू माफिया अपनी अवैध कमाई को जमीन में लगाते थे और इसी वजह से भूमाफिया का नेटवर्क भी मजबूत हुआ.उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग में रहते हुए उनकी नजर ऐसे मामलों पर थी और इस दिशा में कार्रवाई की गई. साथ ही उन्होंने दावा किया कि उनके कार्यकाल में ओवरलोडिंग पर भी अभियान चलाया गया, जिससे सड़क, पुल और पुलिया को नुकसान से बचाने की कोशिश की गई.
Farmer ID और Agri Stack को लेकर क्या बोले विजय सिन्हा?
विजय सिन्हा ने कहा कि प्रधानमंत्री की सोच के अनुरूप किसानों को प्राथमिकता देने के लिए Agri Stack के माध्यम से Farmer ID बनाने का अभियान शुरू किया गया. उनके मुताबिक, किसान की जमीन से जुड़ी जानकारी को एक पासबुक के माध्यम से व्यवस्थित करने का उद्देश्य यह है कि आने वाली पीढ़ी तक जमीन का रिकॉर्ड सुरक्षित रहे और किसानों को खाद, बीज और अनुदान जैसी सुविधाएं उनके रिकॉर्ड के आधार पर मिल सकें. उन्होंने दावा किया कि भूमि एवं राजस्व विभाग के दौरान करीब 48 लाख Farmer ID बनाए गए. अब कृषि मंत्री बनने के बाद भी उन्होंने इस अभियान को जारी रखने की बात कही. विजय सिन्हा के अनुसार, करीब सवा दो करोड़ किसानों तक Farmer ID अभियान को आगे बढ़ाने का लक्ष्य है.
विभाग बदलने को लेकर ‘पेपर बदलने’ वाला सवाल
इंटरव्यू के दौरान विजय सिन्हा से एक राजनीतिक सवाल भी पूछा गया. उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने किसी विभाग में कार्रवाई की तैयारी की और इसी बीच उनका विभाग बदल दिया गया? सवाल में परीक्षा और पेपर बदलने का उदाहरण देते हुए पूछा गया कि क्या उनके साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ. इस पर विजय सिन्हा ने कहा कि राजनीति में परिस्थितियों के अनुसार संभावनाएं बदलती रहती हैं. विजय सिन्हा ने कहा कि उन्हें जो भी जिम्मेदारी मिली, उन्होंने ईमानदारी से काम करने का प्रयास किया. उनके मुताबिक, पद पर रहने का समय कितना भी हो, कोशिश यह रहती है कि लोगों के सामने आंख मिलाने में आंख न झुके.
‘मौका मिला तो चौका लगाने की कोशिश’
अपने अलग-अलग विभागों में काम का जिक्र करते हुए विजय सिन्हा ने पथ निर्माण, माइंस, राजस्व और कला-संस्कृति विभाग का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि कला-संस्कृति विभाग में फिल्म नीति लाने के बाद बिहार में दो दर्जन से ज्यादा फिल्में बन रही हैं. उन्होंने बताया कि फिल्म निर्माण के लिए 4 से 5 करोड़ रुपये तक के अनुदान के साथ यह शर्त रखी गई कि 75 फीसदी लोग बिहारी हों और 75 फीसदी काम बिहार में हो. विजय सिन्हा ने कहा कि उन्हें जब भी कोई जिम्मेदारी मिली, उन्होंने उसे निभाने का प्रयास किया और आगे भी लोगों को निराश नहीं करने की कोशिश रहेगी. उनके बयान से साफ है कि वह विभाग बदले जाने को अपनी जिम्मेदारी सीमित किए जाने के तौर पर नहीं देखते, बल्कि इसे नेतृत्व की ओर से दी गई नई जिम्मेदारी के रूप में पेश कर रहे हैं. अब देखना होगा कि कृषि विभाग में उनकी प्राथमिकताएं किस तरह जमीन पर दिखाई देती हैं.
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