बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर बिहार की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है. जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने मुख्य चुनाव पदाधिकारी से मिलकर पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्तिकेय शर्मा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले पुलिस ने जन सुराज के नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया प्रभावित हुई. साथ ही उन्होंने मामले में कार्रवाई की मांग भी की है.
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मुख्य चुनाव पदाधिकारी से मुलाकात के बाद प्रशांत किशोर ने कहा कि उनकी शिकायत पर जांच कराने का आश्वासन दिया गया है. उन्होंने ये भी कहा कि जरूरत पड़ने पर वे चुनाव आयोग के समक्ष दिल्ली में भी अपनी बात रखेंगे.
कौन हैं IPS कार्तिकेय शर्मा?
- 2014 बैच के बिहार कैडर के IPS अधिकारी हैं.
- जन्म 4 दिसंबर 1988 को रांची में हुआ.
- IIT खड़गपुर से इंजीनियरिंग और IIM अहमदाबाद से मैनेजमेंट की पढ़ाई की.
- कॉर्पोरेट करियर छोड़कर UPSC पास किया और IPS बने.
- बिहार कैडर में पूर्णिया, गया और शेखपुरा में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं.
- शेखपुरा के चर्चित बरबीघा डकैती कांड का 24 घंटे में खुलासा कर सुर्खियों में आए.
- कई हाई-प्रोफाइल मामलों में त्वरित कार्रवाई के लिए पहचान बनाई.
- जून 2025 में पटना के SSP नियुक्त किए गए.
- पटना में नाइट पेट्रोलिंग, थानों की मॉनिटरिंग और डिजिटल सर्विलांस को मजबूत किया.
- टेक्नोलॉजी आधारित और डेटा ड्रिवन पुलिसिंग के लिए जाने जाते हैं.
- बांकीपुर उपचुनाव के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर प्रशांत किशोर की शिकायत के बाद एक बार फिर चर्चा में हैं.
बिहार में बनाई अलग पहचान
आईपीएस बनने के बाद उन्होंने बिहार कैडर जॉइन किया. पूर्णिया, गया और शेखपुरा जैसे जिलों में उन्होंने अपनी सेवाएं दीं. इन जिलों में स्मार्ट पुलिसिंग और तेज कार्रवाई के कारण उनकी अलग पहचान बनी. शेखपुरा के चर्चित बरबीघा डकैती कांड का खुलासा 24 घंटे के भीतर करने और कई हाई-प्रोफाइल मामलों में त्वरित कार्रवाई के कारण उनकी कार्यशैली चर्चा में रही.
2025 में बने पटना SSP
बिहार सरकार के जून 2025 के तबादले में कार्तिकेय शर्मा को पूर्णिया से पटना का SSP बनाया गया. उस समय राजधानी में अपराध के बढ़ते मामलों को देखते हुए उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई.
पटना का प्रभार संभालने के बाद उन्होंने रात्रि गश्त बढ़ाने, थानों की नियमित मॉनिटरिंग, डिजिटल सर्विलांस और सीसीटीवी नेटवर्क को मजबूत करने जैसे कई कदम उठाए. उन्होंने पुलिस अधिकारियों को सक्रिय पुलिसिंग पर जोर देने के निर्देश भी दिए.
एक्शन ड्रिवन अधिकारी की छवि
कार्तिकेय शर्मा को एक्शन ड्रिवन अधिकारी के रूप में जाना जाता है. उन्होंने कई संवेदनशील मामलों में त्वरित कार्रवाई की है. पुलिसिंग में तकनीक के इस्तेमाल, साइबर इन्वेस्टिगेशन और डेटा आधारित मॉनिटरिंग पर उनका विशेष जोर रहा है.
क्यों चर्चा में हैं कार्तिकेय शर्मा?
बांकीपुर उपचुनाव से पहले जन सुराज के करीब 20 नेताओं को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद यह मामला राजनीतिक विवाद का कारण बना. प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि पुलिस ने निष्पक्ष तरीके से काम नहीं किया और इसी को लेकर उन्होंने मुख्य चुनाव पदाधिकारी से शिकायत की है.
हालांकि इन आरोपों की जांच अभी जारी है. चुनाव आयोग या संबंधित अधिकारियों की ओर से अभी तक शिकायत के तथ्यों पर कोई अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया गया है.
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