8th Pay Commission: क्या ₹18,000 से बढ़कर ₹72,000 हो जाएगी न्यूनतम बेसिक सैलरी? जानिए किसने रखा बड़ा प्रस्ताव और क्या है पूरी तस्व

तनीषा त्यागी

• 05:02 PM • 09 Jul 2026

8वें वेतन आयोग की चर्चा के बीच 72000 रुपये न्यूनतम बेसिक सैलरी का प्रस्ताव सामने आया है. जानिए 4 गुना फिटमेंट फैक्टर की मांग और अभी फैसला क्यों नहीं हुआ.

NewsTak
Google CTA

न्यूज़ हाइलाइट्स

कोलकाता बैठक में यूनियनों से वेतन और भत्तों पर राय ली गई

आयोग अभी यूनियनों और पेंशनभोगियों से सुझाव जुटाने की प्रक्रिया में है

सातवें वेतन आयोग में 2.57 फिटमेंट फैक्टर से न्यूनतम वेतन बढ़ा था

फिटमेंट फैक्टर के साथ OPS, HRA, DA और TA में बदलाव की मांग भी उठी

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग से जुड़ी चर्चाएं लगातार तेज हो रही हैं. देशभर में आयोग अलग-अलग शहरों में कर्मचारी संगठनों और यूनियनों के साथ बैठकें कर रहा है, ताकि उनकी मांगों और सुझावों को समझा जा सके. इसी बीच कोलकाता में चल रही बैठकों के दौरान एक ऐसा प्रस्ताव सामने आया है, जिसने लाखों कर्मचारियों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ ने आयोग के सामने न्यूनतम बेसिक सैलरी को मौजूदा 18,000 रुपये से बढ़ाकर 72,000 रुपये करने का प्रस्ताव रखा है. इस मांग के पीछे 4 गुना फिटमेंट फैक्टर लागू करने का सुझाव दिया गया है. हालांकि यह सिर्फ एक प्रस्ताव है और अभी तक इस पर कोई आधिकारिक फैसला नहीं हुआ है.

Read more!

क्या है ₹72,000 बेसिक सैलरी का प्रस्ताव?

कोलकाता में आयोजित बैठक के दौरान भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ ने 8वें वेतन आयोग के सामने न्यूनतम बेसिक वेतन में बड़ी बढ़ोतरी का सुझाव दिया. संगठन का कहना है कि कर्मचारियों की वर्तमान आर्थिक जरूरतों और बढ़ती महंगाई को देखते हुए न्यूनतम बेसिक सैलरी 72,000 रुपये की जानी चाहिए. यह मांग 4 गुना फिटमेंट फैक्टर के आधार पर रखी गई है. अगर भविष्य में आयोग इस तरह की सिफारिश करता है और केंद्र सरकार उसे मंजूरी देती है, तो न्यूनतम बेसिक सैलरी में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है.

क्या होता है फिटमेंट फैक्टर?

फिटमेंट फैक्टर वह गुणांक होता है जिसके आधार पर कर्मचारियों की मौजूदा बेसिक सैलरी को संशोधित किया जाता है. इसी के जरिए नए वेतनमान तय किए जाते हैं.

7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 रखा गया था. इसी वजह से उस समय न्यूनतम बेसिक सैलरी 7,000 रुपये से बढ़कर 18,000 रुपये हो गई थी. अब 8वें वेतन आयोग में अलग-अलग कर्मचारी संगठन अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रहे हैं. अधिकांश संगठन 2.86 से 3.8 के बीच फिटमेंट फैक्टर चाहते हैं, जबकि भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ ने करीब 4 गुना फिटमेंट फैक्टर का प्रस्ताव रखा है.

क्या अभी 72,000 रुपये सैलरी तय हो गई है?

इस सवाल का जवाब है- नहीं. फिलहाल 72,000 रुपये की न्यूनतम बेसिक सैलरी का कोई आधिकारिक फैसला नहीं हुआ है. आयोग अभी केवल कर्मचारी संगठनों, यूनियनों और पेंशनभोगियों से सुझाव ले रहा है. इन बैठकों में रखे गए प्रस्ताव अंतिम निर्णय नहीं होते. आयोग सभी सुझावों का अध्ययन करने के बाद अपनी सिफारिशें तैयार करेगा. इसके बाद रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपी जाएगी और अंतिम फैसला सरकार ही करेगी.

सिर्फ बेसिक सैलरी नहीं, इन मुद्दों पर भी चर्चा

8वें वेतन आयोग की बैठकों में केवल बेसिक वेतन बढ़ाने की बात नहीं हो रही है. कर्मचारी संगठनों ने कई अन्य महत्वपूर्ण मांगें भी आयोग के सामने रखी हैं. इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं.

  • फिटमेंट फैक्टर में बढ़ोतरी
  • हाउस रेंट अलाउंस (HRA) में संशोधन
  • ट्रैवल अलाउंस (TA) की समीक्षा
  • महंगाई भत्ता (DA) से जुड़े बदलाव
  • पुरानी पेंशन योजना (OPS) को फिर से लागू करने की मांग

कर्मचारी संगठनों का कहना है कि वेतन ढांचे में बदलाव के साथ-साथ पेंशन और भत्तों पर भी व्यापक समीक्षा की जरूरत है.

देशभर में जारी हैं आयोग की बैठकें

8वां वेतन आयोग विभिन्न राज्यों और शहरों में जाकर कर्मचारी संगठनों से बातचीत कर रहा है. हाल ही में आयोग ने भुवनेश्वर में बैठक की थी. इसके बाद कोलकाता में कर्मचारियों और यूनियनों के साथ चर्चा जारी है. इससे पहले आयोग दिल्ली, लखनऊ, हैदराबाद, श्रीनगर और लद्दाख में भी इसी तरह की बैठकें आयोजित कर चुका है. इन बैठकों का उद्देश्य अलग-अलग विभागों और क्षेत्रों के कर्मचारियों की समस्याओं, अपेक्षाओं और सुझावों को समझना है ताकि अंतिम रिपोर्ट तैयार करते समय सभी पक्षों को ध्यान में रखा जा सके.

अगर फिटमेंट फैक्टर बढ़ता है तो क्या होगा असर?

अगर भविष्य में फिटमेंट फैक्टर बढ़ाया जाता है, तो इसका फायदा सिर्फ बेसिक सैलरी तक सीमित नहीं रहेगा. बेसिक वेतन बढ़ने से महंगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता, ट्रैवल अलाउंस और कई अन्य वित्तीय लाभों में भी बदलाव देखने को मिल सकता है. इसके अलावा रिटायरमेंट से जुड़े कई लाभ भी बेसिक सैलरी के आधार पर तय होते हैं. यानी फिटमेंट फैक्टर में बदलाव कर्मचारियों के कुल वेतन पैकेज पर बड़ा असर डाल सकता है.

अभी क्या है स्थिति?

फिलहाल 8वां वेतन आयोग विभिन्न कर्मचारी संगठनों से सुझाव जुटाने की प्रक्रिया में है. आयोग की अंतिम सिफारिशें अभी तैयार नहीं हुई हैं और न ही केंद्र सरकार ने किसी नई वेतन संरचना को मंजूरी दी है. ऐसे में 72,000 रुपये की न्यूनतम बेसिक सैलरी को लेकर चल रही चर्चा फिलहाल एक प्रस्ताव भर है. इस पर अंतिम निर्णय आयोग की रिपोर्ट और केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद ही लिया जाएगा.

क्या समझें कर्मचारी?

फिलहाल केंद्रीय कर्मचारियों के लिए सबसे अहम बात यही है कि वेतन बढ़ोतरी को लेकर चर्चाएं जरूर तेज हैं, लेकिन अभी किसी भी नए वेतनमान को अंतिम रूप नहीं दिया गया है. आने वाले समय में 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें और उसके बाद केंद्र सरकार का फैसला ही तय करेगा कि कर्मचारियों की सैलरी में कितना बदलाव होगा और नया वेतन ढांचा कैसा होगा.