8th Pay Commission: देरी हुई तो कर्मचारियों को मिल सकता है ₹18 लाख तक का एरियर, जानिए पूरी गणित

सौरभ दीक्षित

• 02:15 PM • 25 Sep 2026

8वें वेतन आयोग की सिफारिशें देर से लागू हुईं और पुरानी तारीख से असर हुआ, तो कुछ कर्मचारियों को बड़ा एरियर मिल सकता है. 18 लाख का आंकड़ा अभी सिर्फ अनुमान है.

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न्यूज़ हाइलाइट्स

आयोग को रिपोर्ट सौंपने के लिए नवंबर 2025 से 18 महीने मिले

पिछली तारीख से लागू होने पर वेतन अंतर का एरियर बन सकता

लेवल 6 में अनुमानित एरियर 7 लाख से 13.34 लाख

केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को 8वें वेतन आयोग का इंतजार है. आयोग की ओर से अलग-अलग शहरों में कर्मचारी संगठनों और प्रतिनिधियों से मुलाकात की जा रही है. कर्मचारी भी अपनी मांगें और सुझाव आयोग के सामने रख रहे हैं.

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इसी बीच 8वें वेतन आयोग को लेकर एक ऐसा अनुमान सामने आया है, जिसने कर्मचारियों की दिलचस्पी बढ़ा दी है. रिपोर्ट के मुताबिक, अगर नए वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने में देरी होती है और सरकार इसे पिछली तारीख से लागू करती है, तो कुछ कर्मचारियों को लाखों रुपये का एरियर मिल सकता है.

कुछ कैलकुलेशन में यह रकम करीब 18 लाख रुपये तक बताई गई है. हालांकि, यह समझना जरूरी है कि यह अभी सिर्फ अनुमानित गणना है. सरकार ने फिलहाल 18 लाख रुपये के एरियर की कोई घोषणा नहीं की है.

8वें वेतन आयोग को रिपोर्ट देने के लिए 18 महीने

8वें वेतन आयोग को नवंबर 2025 में नोटिफाई किया गया था. आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने और सरकार को सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है.

इस हिसाब से आयोग मई 2027 तक अपनी रिपोर्ट जमा कर सकता है. हालांकि, अगर आयोग को रिपोर्ट तैयार करने में ज्यादा समय की जरूरत पड़ती है, तो वह समय सीमा बढ़ाने का अनुरोध कर सकता है.

यहीं से एरियर की संभावित गणना का मामला शुरू होता है.

देरी होने पर एरियर कैसे बन सकता है?

इसे एक आसान उदाहरण से समझिए.

मान लीजिए किसी कर्मचारी की मौजूदा बेसिक सैलरी 35,400 रुपये है. 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर के आधार पर उसकी नई बेसिक सैलरी तय होती है.

अगर सरकार नए वेतनमान को किसी पिछली तारीख से लागू करती है, तो उस तारीख से लेकर वास्तविक भुगतान शुरू होने तक पुरानी और संशोधित सैलरी के बीच का अंतर एरियर के तौर पर मिल सकता है.

यानी आयोग की रिपोर्ट या नए वेतनमान के लागू होने में जितनी देरी होगी, उतने ज्यादा महीनों का बकाया बनने की संभावना हो सकती है.

लेकिन यह तभी होगा जब सरकार संशोधित वेतनमान को पिछली प्रभावी तारीख से लागू करने का फैसला करती है.

लेवल 6 कर्मचारियों को कितना एरियर मिल सकता है?

लेवल 6 के कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी 35,400 रुपये मानी गई है.

अब अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर और देरी की अवधि के आधार पर संभावित एरियर की गणना की गई है.

अगर फिटमेंट फैक्टर 2.1 माना जाए और 18 महीने की देरी हो, तो अनुमानित एरियर करीब 7 लाख रुपये हो सकता है.

वहीं, अगर फिटमेंट फैक्टर 2.28 माना जाए और 24 महीने का बकाया बने, तो संभावित एरियर करीब 10.87 लाख रुपये तक पहुंच सकता है.

इसी तरह अगर फिटमेंट फैक्टर 2.57 हो और 24 महीने का एरियर माना जाए, तो अनुमानित रकम करीब 13.34 लाख रुपये हो सकती है.

लेवल 8 कर्मचारियों के लिए और बड़ा एरियर?

अब बात करते हैं लेवल 8 के कर्मचारियों की.

यहां संभावित एरियर की रकम और ज्यादा बताई जा रही है.

अगर फिटमेंट फैक्टर 2.15 हो और 24 महीने का बकाया बने, तो अनुमानित एरियर करीब 13.14 लाख रुपये हो सकता है.

अगर फिटमेंट फैक्टर 2.28 माना जाए और 24 महीने का एरियर हो, तो यह रकम करीब 14.62 लाख रुपये तक पहुंच सकती है.

वहीं, अगर फिटमेंट फैक्टर 2.57 और 24 महीने का एरियर माना जाए, तो संभावित रकम करीब 17.94 लाख रुपये यानी लगभग 18 लाख रुपये हो सकती है.

क्या हर कर्मचारी को मिलेंगे ₹18 लाख?

यहां सबसे जरूरी बात समझना जरूरी है. नहीं, फिलहाल ऐसा नहीं कहा जा सकता कि हर कर्मचारी को 18 लाख रुपये का एरियर मिलेगा.

₹18 लाख का आंकड़ा एक अनुमानित कैलकुलेशन पर आधारित है. यह फिटमेंट फैक्टर और 24 महीने की देरी जैसी मान्यताओं के आधार पर निकाला गया है.

अभी सरकार ने 8वें वेतन आयोग के लिए अंतिम फिटमेंट फैक्टर की घोषणा नहीं की है. इसी तरह एरियर किस तारीख से और किस तरीके से दिया जाएगा, इस पर भी अंतिम फैसला होना बाकी है.

इसलिए कर्मचारियों को इन आंकड़ों को संभावित रकम के तौर पर देखना चाहिए, न कि पक्की सरकारी घोषणा के तौर पर.

DA बढ़ने से भी बदल सकती है सैलरी की गणित

महंगाई भत्ता यानी DA भी कर्मचारियों की सैलरी का अहम हिस्सा है.

DA की गणना बेसिक सैलरी के प्रतिशत के आधार पर होती है. इसलिए जब नया वेतन आयोग लागू होकर बेसिक सैलरी में बदलाव करता है, तो DA की रकम पर भी इसका असर पड़ सकता है.

इसी वजह से नए वेतन आयोग के बाद कर्मचारियों की कुल सैलरी में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है.

हालांकि, एरियर की अंतिम रकम सिर्फ फिटमेंट फैक्टर से तय नहीं होगी. इसमें प्रभावी तारीख, संशोधित बेसिक पे, DA और सरकार की ओर से तय किए गए दूसरे नियमों की भी भूमिका हो सकती है.

18 महीने या 24 महीने की देरी क्यों अहम है?

एरियर की गणना में सबसे महत्वपूर्ण चीजों में से एक है देरी की अवधि.

अगर संशोधित वेतन किसी पिछली तारीख से लागू होता है, तो 18 महीने का बकाया और 24 महीने का बकाया एक जैसा नहीं होगा.

जितने ज्यादा महीनों का वेतन अंतर जमा होगा, संभावित एरियर की रकम उतनी ही ज्यादा हो सकती है.

इसी वजह से 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट और उसके बाद सरकार के फैसले पर कर्मचारियों की नजर बनी हुई है.

क्या ₹18 लाख का एरियर पक्का है?

फिलहाल इसका जवाब है नहीं.

₹18 लाख का आंकड़ा केवल एक अनुमान है, जो 2.57 के फिटमेंट फैक्टर और 24 महीने के संभावित एरियर की गणना पर आधारित है.

वास्तविक रकम का पता तभी चलेगा जब 8वां वेतन आयोग अपनी सिफारिशें देगा और सरकार फिटमेंट फैक्टर, संशोधित वेतन और प्रभावी तारीख को लेकर अंतिम फैसला करेगी.

इसलिए फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि फिटमेंट फैक्टर कितना तय होता है और नया वेतनमान किस तारीख से लागू किया जाता है.

इन्हीं दोनों फैसलों से तय होगा कि केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी कितनी बढ़ेगी और उन्हें एरियर के तौर पर कितनी रकम मिल सकती है.