8th Pay Commission : 18 हजार से सीधे 70 हजार हो सकती है बेसिक सैलरी? 3.83 फिटमेंट फैक्टर से बदलेगा वेतन का गणित

तनीषा त्यागी

• 01:51 PM • 25 Aug 2026

8वें वेतन आयोग में 3.83 फिटमेंट फैक्टर की चर्चा तेज है. समझिए 18 हजार बेसिक सैलरी पर कितना असर पड़ सकता है, सरकार ने अब तक क्या कहा है और आगे क्या तय होगा.

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न्यूज़ हाइलाइट्स

फिटमेंट फैक्टर मौजूदा बेसिक वेतन को बढ़ाकर नई सैलरी तय करता है

अलग फैक्टर लगने पर नई बेसिक सैलरी में बड़ा फर्क आता है

3.83 का आंकड़ा अभी मांग भर है, सरकार ने मंजूरी नहीं दी

8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स की नजरें इसकी सिफारिशों पर टिकी हुई हैं. वेतन आयोग से जुड़ी गतिविधियों और बैठकों के बीच कर्मचारियों की उम्मीदें भी बढ़ रही हैं. सबसे ज्यादा चर्चा इस समय फिटमेंट फैक्टर को लेकर हो रही है. कर्मचारी संगठनों की ओर से 3.83 फिटमेंट फैक्टर की मांग की जा रही है. अगर भविष्य में इसी स्तर का फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो 18,000 रुपये की मौजूदा न्यूनतम बेसिक सैलरी बढ़कर करीब 68,940 रुपये हो सकती है. यही वजह है कि इसे आसान भाषा में करीब 70 हजार रुपये की बेसिक सैलरी के तौर पर देखा जा रहा है. हालांकि, यहां यह समझना बेहद जरूरी है कि 70 हजार रुपये की बेसिक सैलरी अभी तय नहीं हुई है. 3.83 फिटमेंट फैक्टर फिलहाल एक मांग और उसके आधार पर लगाया गया संभावित अनुमान है. 8वें वेतन आयोग की अंतिम सिफारिश और केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद ही नई सैलरी का वास्तविक ढांचा सामने आएगा.

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क्या है फिटमेंट फैक्टर और क्यों है इसकी इतनी चर्चा?

फिटमेंट फैक्टर को समझना जरूरी है, क्योंकि इसी के आधार पर मौजूदा बेसिक सैलरी को बढ़ाकर नई बेसिक सैलरी का अनुमान लगाया जाता है. आसान शब्दों में कहें तो मौजूदा बेसिक पे को तय किए गए फिटमेंट फैक्टर से गुणा किया जाता है और उससे नई बेसिक सैलरी का आंकड़ा निकलता है. मौजूदा व्यवस्था में लेवल-1 के केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये है. ऐसे में फिटमेंट फैक्टर में होने वाला बदलाव सीधे नई बेसिक सैलरी के आंकड़े को प्रभावित करेगा.

उदाहरण के लिए, अगर फिटमेंट फैक्टर 2.00 रहता है, तो 18,000 रुपये की बेसिक सैलरी बढ़कर 36,000 रुपये हो सकती है. वहीं 2.57 के फिटमेंट फैक्टर पर यही बेसिक सैलरी करीब 46,260 रुपये हो जाएगी. लेकिन अगर 3.83 का फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो कैलकुलेशन के मुताबिक 18,000 रुपये की बेसिक सैलरी करीब 68,940 रुपये तक पहुंच सकती है.

3.83 फिटमेंट फैक्टर पर क्यों टिकी हैं कर्मचारियों की उम्मीदें?

8वें वेतन आयोग को लेकर कर्मचारियों की सबसे बड़ी उम्मीद वेतन में पर्याप्त बढ़ोतरी को लेकर है. इसी वजह से फिटमेंट फैक्टर पर भी खास ध्यान दिया जा रहा है. कर्मचारी संगठनों की ओर से 3.83 के फिटमेंट फैक्टर की मांग की जा रही है. अगर इस मांग को स्वीकार किया जाता है, तो मौजूदा 18,000 रुपये की न्यूनतम बेसिक सैलरी में बड़ा बदलाव दिखाई देगा. 3.83 से गुणा करने पर यह आंकड़ा 68,940 रुपये आता है. इसे राउंड ऑफ करके करीब 70 हजार रुपये कहा जा रहा है. यानी 18 हजार रुपये से करीब 69 हजार रुपये तक की बेसिक सैलरी पहुंचने का अनुमान इसी 3.83 फिटमेंट फैक्टर पर आधारित है.

अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर पर कितना हो सकता है वेतन?

18,000 रुपये की मौजूदा बेसिक सैलरी को आधार मानें तो अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर पर संभावित नई बेसिक सैलरी इस तरह समझी जा सकती है.

  • 1.83 फिटमेंट फैक्टर: 32,940 रुपये
  • 2.00 फिटमेंट फैक्टर: 36,000 रुपये
  • 2.57 फिटमेंट फैक्टर: 46,260 रुपये
  • 3.83 फिटमेंट फैक्टर: 68,940 रुपये

इस तुलना से साफ है कि फिटमेंट फैक्टर जितना ज्यादा होगा, नई बेसिक सैलरी का आंकड़ा उतना ही बड़ा होगा. इसी वजह से कर्मचारियों के बीच 3.83 के प्रस्ताव को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है.

18 हजार से 70 हजार की सैलरी अभी पक्की नहीं

हालांकि, इस पूरे मामले में सबसे जरूरी बात यही है कि 18,000 रुपये से 68,940 रुपये या करीब 70 हजार रुपये की बेसिक सैलरी अभी कोई अंतिम सरकारी फैसला नहीं है. फिलहाल 3.83 फिटमेंट फैक्टर की मांग की जा रही है और इसी आधार पर संभावित सैलरी की गणना की जा रही है. 8वें वेतन आयोग की ओर से फिटमेंट फैक्टर को लेकर अंतिम घोषणा अभी नहीं हुई है. इसलिए कर्मचारियों को 70 हजार रुपये की बेसिक सैलरी को अभी एक संभावित आंकड़े के तौर पर ही देखना चाहिए. वास्तविक बढ़ोतरी इस बात पर निर्भर करेगी कि आयोग अपनी सिफारिशों में कौन सा फिटमेंट फैक्टर रखता है और केंद्र सरकार उसे किस रूप में मंजूरी देती है.

8वें वेतन आयोग के फैसले का इंतजार

8वें वेतन आयोग की सिफारिशों का इंतजार केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के साथ-साथ पेंशनर्स भी कर रहे हैं. वेतन ढांचे में बदलाव का सबसे अहम हिस्सा फिटमेंट फैक्टर होगा, क्योंकि इसी से नई बेसिक सैलरी का आधार तैयार होगा. अगर कर्मचारियों की 3.83 फिटमेंट फैक्टर की मांग मान ली जाती है, तो 18,000 रुपये की मौजूदा न्यूनतम बेसिक सैलरी का आंकड़ा करीब 68,940 रुपये तक पहुंच सकता है. लेकिन अगर अंतिम फिटमेंट फैक्टर इससे कम रहता है, तो नई बेसिक सैलरी भी उसी अनुपात में कम होगी. इसलिए फिलहाल कर्मचारियों की नजरें 8वें वेतन आयोग की अगली सिफारिशों और फिटमेंट फैक्टर पर टिकी हैं. 18 हजार से 70 हजार तक पहुंचने का अनुमान आकर्षक जरूर है, लेकिन इस आंकड़े पर अंतिम मुहर लगना अभी बाकी है.