8th Pay Commission : 8वें वेतन आयोग पर आई बड़ी खबर, सरकारी कर्मचारियों की हो गई बल्ले-बल्ले!

सौरभ दीक्षित

• 02:54 PM • 30 Jul 2026

8वें वेतन आयोग पर चर्चा तेज है. कर्मचारी संगठन 3 से ऊपर फिटमेंट फैक्टर मांग रहे हैं, लेकिन अभी आयोग और सरकार ने किसी अंतिम आंकड़े की पुष्टि नहीं की.

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न्यूज़ हाइलाइट्स

आयोग ने कई राज्यों में कर्मचारी संगठनों और पेंशनरों से बातचीत की

7 और 10 अगस्त को दिल्ली में अहम बैठकें तय हैं

फिटमेंट फैक्टर बढ़ने से बेसिक वेतन और भत्तों पर असर पड़ता

8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों के बीच चर्चा तेज है. अगस्त 2026 में आयोग का करीब आधा समय पूरा होने जा रहा है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल फिटमेंट फैक्टर को लेकर है, क्योंकि इसी के आधार पर वेतन बढ़ोतरी की तस्वीर साफ होगी.

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अभी कई कर्मचारी संगठन फिटमेंट फैक्टर 3 से ऊपर रखने की मांग कर रहे हैं. कुछ जगह 3.833 और 4 तक की मांग भी सामने आई है. हालांकि अब तक न आयोग ने कोई अंतिम आंकड़ा बताया है और न सरकार ने किसी प्रस्ताव की पुष्टि की है. इसलिए फिलहाल इसे संभावना ही माना जा रहा है.

8वें वेतन आयोग पर अभी क्या स्थिति है

8वें वेतन आयोग का गठन नवंबर 2025 में किया गया था. अगस्त 2026 में इसका लगभग आधा समय पूरा होने वाला है. इस दौरान आयोग ने दिल्ली, पश्चिम बंगाल और ओडिशा समेत कई जगह कर्मचारी संगठनों, पेंशनरों और दूसरे पक्षों से बात की है. आगे भी कई अहम बैठकें तय हैं.

7 और 10 अगस्त को दिल्ली में बैठकें होंगी.7 और 8 सितंबर को चेन्नई में बैठकें होंगी.9 सितंबर को पुडुचेरी में कर्मचारी संगठन अपनी मांगें रखेंगे.

इन बैठकों से साफ है कि बातचीत अभी जारी है और अंतिम रिपोर्ट आना बाकी है. यानी अभी किसी अंतिम फैसले पर पहुंचना जल्दबाजी होगी.

फिटमेंट फैक्टर क्या होता है

फिटमेंट फैक्टर एक ऐसा आंकड़ा होता है, जिससे बेसिक वेतन तय होता है. आसान भाषा में कहें तो यह वही गुणा करने वाला मान है, जिसके बढ़ने पर बेसिक वेतन भी बढ़ता है. बेसिक वेतन बढ़ने का असर महंगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता, दूसरे भत्तों और पेंशन पर भी पड़ता है.

कर्मचारी संगठनों की क्या मांग है

कई बड़े कर्मचारी संगठन चाहते हैं कि फिटमेंट फैक्टर 3 से ऊपर रखा जाए. कुछ संगठन 3.833 तक की मांग कर रहे हैं, जबकि कुछ ने 4 गुना तक की मांग रखी है. अगर ऐसा होता है तो वेतन में बड़ी बढ़ोतरी दिख सकती है.

सरकार के सामने चुनौती क्या है

दूसरी तरफ सरकार के सामने खर्च का सवाल भी है. फिटमेंट फैक्टर जितना ज्यादा होगा, वेतन और पेंशन पर उतना ही ज्यादा बोझ बढ़ेगा. इससे सरकार को हर साल बहुत ज्यादा अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ सकता है. यही वजह है कि कर्मचारियों की उम्मीदों और सरकार की खर्च उठाने की क्षमता के बीच संतुलन बनाना आसान नहीं है.

जानकार क्या कह रहे हैं

जानकारों के मुताबिक, 3 से ज्यादा फिटमेंट फैक्टर को लेकर अभी जो चर्चा चल रही है, वह अटकलों के दायरे में है. वजह यह है कि 8वें वेतन आयोग ने अभी अपनी अंतिम सिफारिशें सरकार को नहीं सौंपी हैं. आयोग की ओर से किसी तय फिटमेंट फैक्टर की आधिकारिक पुष्टि भी नहीं की गई है.

इसीलिए सोशल मीडिया और दूसरी जगहों पर चल रहे दावों को अभी पक्का नहीं माना जा सकता. अंतिम तस्वीर तभी साफ होगी, जब आयोग अपनी रिपोर्ट देगा और उसके बाद सरकार उस पर फैसला लेगी.

फिलहाल सबसे अहम बात यह है कि 8वें वेतन आयोग पर चर्चा जारी है, कर्मचारियों की मांगें सामने आ रही हैं और 3 से ज्यादा फिटमेंट फैक्टर की मांग भी बनी हुई है. लेकिन इस समय कोई आधिकारिक आंकड़ा तय नहीं है. ऐसे में केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों को अंतिम फैसले के लिए अभी इंतजार करना होगा.