8th Pay Commission: आधा सफर पूरा, अब निर्णायक दौर में पहुंचा 8वां वेतन आयोग. जानिए टॉप 5 लेटेस्ट अपडेट और फिटमेंट फैक्टर पर क्या है तस्वीर

तनीषा त्यागी

• 03:28 PM • 27 Jul 2026

8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया अब तेज हो गई है. पुडुचेरी, चेन्नई और दिल्ली की बैठकों के बीच फिटमेंट फैक्टर, पेंशन और नई बेसिक सैलरी पर सबकी नजर टिकी है.

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न्यूज़ हाइलाइट्स

आयोग ने पुडुचेरी, चेन्नई और दिल्ली में नई बैठकों का कार्यक्रम तय किया

फिटमेंट फैक्टर पर 3.5 या उससे अधिक की मांग सबसे आगे

अंतिम सिफारिशें मध्य 2027 तक सरकार को सौंपी जाने की उम्मीद

8th Pay Commission: केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग का काम अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है. आयोग अपने तय कार्यकाल का लगभग आधा समय पूरा करने की ओर बढ़ रहा है और इसी के साथ देशभर में कर्मचारी संगठनों, पेंशनर्स और अन्य हितधारकों से सुझाव लेने की प्रक्रिया भी तेज हो गई है. आयोग लगातार अलग-अलग राज्यों में बैठकें आयोजित कर रहा है, ताकि अंतिम सिफारिशों में सभी पक्षों की राय शामिल की जा सके. जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में गठित इस आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है. अब तक आयोग कई अहम प्रशासनिक और परामर्श संबंधी कदम उठा चुका है.

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आयोग ने जारी किए टॉप 5 बड़े ऑफिशियल अपडेट

आयोग की ओर से हाल के दिनों में पांच महत्वपूर्ण आधिकारिक अपडेट जारी किए गए हैं, जो यह संकेत देते हैं कि अब परामर्श प्रक्रिया पूरी रफ्तार से आगे बढ़ रही है.

1. पुडुचेरी में होगा हितधारकों से सीधा संवाद

24 जुलाई 2026 को आयोग ने 9 सितंबर 2026 को प्रस्तावित पुडुचेरी दौरे के लिए नोटिस जारी किया. इस कार्यक्रम में कर्मचारी संघ, यूनियन और अन्य हितधारक सीधे आयोग के सामने अपनी मांग और सुझाव रख सकेंगे. इसके लिए रजिस्ट्रेशन की अंतिम तारीख 18 अगस्त तय की गई है.

2. चेन्नई दौरे की भी तैयारी

उसी दिन आयोग ने 7 और 8 सितंबर 2026 को चेन्नई में होने वाली क्षेत्रीय बैठक का नोटिस भी जारी किया. इस बैठक का उद्देश्य तमिलनाडु और आसपास के क्षेत्रों के कर्मचारी संगठनों तथा प्रतिनिधियों से सुझाव प्राप्त करना है.

3. दिल्ली में अगस्त में होंगी अहम बैठकें

23 जुलाई 2026 को जारी नोटिस के मुताबिक दिल्ली में 7 अगस्त और 10 अगस्त 2026 को विभिन्न केंद्रीय सरकारी विभागों के कर्मचारी संगठनों, यूनियनों और प्रतिनिधियों के साथ चर्चा आयोजित की जाएगी. इन बैठकों में वेतन, भत्तों और सेवा शर्तों से जुड़े मुद्दों पर विचार किया जाएगा.

4. मेमोरेंडम जमा करने की समय सीमा बढ़ाई गई

29 मई 2026 को आयोग ने मांग पत्र यानी मेमोरेंडम जमा करने की अंतिम तारीख बढ़ाकर 15 जून 2026 कर दी थी. इस फैसले का उद्देश्य अधिक से अधिक कर्मचारी संगठनों और पेंशनभोगियों को अपनी सिफारिशें प्रस्तुत करने का अतिरिक्त अवसर देना था.

5. कोलकाता में भी जुटाए गए सुझाव

29 मई 2026 को ही आयोग ने 9 और 10 जुलाई 2026 को कोलकाता में आयोजित क्षेत्रीय बैठक का नोटिस जारी किया था. इस कार्यक्रम के जरिए पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के विभिन्न हितधारकों से सुझाव और प्रतिक्रियाएं एकत्र की गईं.

 गठन से लेकर अब तक क्या-क्या हुआ ?

8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया पिछले डेढ़ साल में कई अहम चरणों से गुजरी है.

  • 16 जनवरी 2025 को केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग के गठन का ऐलान किया
  • 28 अक्टूबर 2025 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आयोग की कार्यशर्तों को मंजूरी दी
  • 3 नवंबर 2025 को आयोग का आधिकारिक गठन किया गया
  • 7 फरवरी 2026 को आयोग की वेबसाइट, ऑनलाइन डेटा पोर्टल और परामर्श मंच शुरू किया गया
  • अप्रैल से जुलाई 2026 के बीच देशभर में मेमोरेंडम और क्षेत्रीय बैठकों का सिलसिला शुरू हुआ
  • मध्य 2027 तक आयोग की अंतिम सिफारिशें सरकार को सौंपे जाने की संभावना जताई जा रही है

फिटमेंट फैक्टर पर टिकी हैं सबसे ज्यादा उम्मीदें

8वें वेतन आयोग की सबसे ज्यादा चर्चा फिटमेंट फैक्टर को लेकर हो रही है. यही वह आधार होता है जिसके जरिए कर्मचारियों की नई बेसिक सैलरी और पेंशन तय होती है. 6वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 1.86 रखा गया था, जबकि 7वें वेतन आयोग में इसे बढ़ाकर 2.57 किया गया था. अब प्रमुख कर्मचारी संगठन BPMS और NC JCM ने 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर को 3.5 या उससे अधिक रखने की मांग की है. हालांकि अभी तक आयोग ने फिटमेंट फैक्टर को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं किया है. आयोग सभी हितधारकों के सुझावों और आर्थिक परिस्थितियों का आकलन करने के बाद ही इस पर अपनी सिफारिश देगा.

कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए क्यों अहम है यह प्रक्रिया

आयोग की मौजूदा गतिविधियां यह संकेत देती हैं कि सरकार और आयोग दोनों व्यापक स्तर पर सुझाव जुटाने की कोशिश कर रहे हैं. अलग-अलग राज्यों में बैठकों का आयोजन इस बात का संकेत है कि अंतिम रिपोर्ट तैयार करने से पहले सभी पक्षों की राय को महत्व दिया जा रहा है. इसी वजह से लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की नजर अब आयोग की आगामी बैठकों और उसके फैसलों पर टिकी हुई है. आने वाले महीनों में जैसे-जैसे परामर्श प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, वैसे-वैसे वेतन, पेंशन और फिटमेंट फैक्टर से जुड़े मुद्दों पर तस्वीर और साफ होती जाएगी.

आगे क्या रहेगा फोकस ?

फिलहाल आयोग परामर्श प्रक्रिया को पूरा करने में जुटा है. अलग-अलग राज्यों से सुझाव मिलने के बाद आयोग उनका अध्ययन करेगा और फिर अपनी अंतिम सिफारिशें तैयार करेगा. कर्मचारियों के लिए सबसे बड़ी नजर फिटमेंट फैक्टर और वेतन संशोधन के फॉर्मूले पर रहेगी, क्योंकि यही भविष्य में उनकी बेसिक सैलरी, पेंशन और अन्य वित्तीय लाभों की दिशा तय करेगा.