आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के गठन और उसकी सिफारिशों को लेकर भले ही अभी अंतिम फैसला आना बाकी है, लेकिन उससे पहले केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक बेहद अच्छी खबर आ रही है. देश में बढ़ती महंगाई के ताजा आंकड़ों ने केंद्रीय कर्मचारियों के डीए यानी महंगाई भत्ता (Dearness Allowance) में बढ़ोतरी की उम्मीदों को एक बार फिर हवा दे दी है. अगर केंद्र सरकार इस पर अपनी मुहर लगाती है, तो जुलाई से कर्मचारियों की इनहैंड सैलरी में सीधा इजाफा देखने को मिलेगा.
ADVERTISEMENT
क्यों बढ़ सकता है महंगाई भत्ता (DA)?
केंद्र सरकार साल में दो बार अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते में संशोधन करती है. पहला संशोधन जनवरी से और दूसरा जुलाई से लागू होता है. इसका सीधा उद्देश्य बढ़ती महंगाई के असर को कम करना है.
हाल ही में मई महीने की खुदरा महंगाई (Retail Inflation) के आंकड़े सामने आए हैं, जिसमें बढ़ोतरी दर्ज की गई है. मई में खुदरा महंगाई बढ़कर 3.93% हो गई है, जो अप्रैल में 3.48% थी. इसके साथ ही फूड इन्फ्लेशन (खाद्य महंगाई) भी 4.20% से बढ़कर 4.78% पर पहुंच गई है. हालांकि, कर्मचारियों के डीए की गणना सीधे खुदरा महंगाई से नहीं, बल्कि औद्योगिक कर्मचारियों के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI-IW) के आधार पर की जाती है, लेकिन महंगाई का यह मौजूदा रुझान साफ संकेत दे रहा है कि जुलाई में डीए का बढ़ना तय है.
कितना बढ़ सकता है DA और क्या होगा सैलरी पर असर?
वर्तमान में केंद्रीय कर्मचारियों को उनकी बेसिक सैलरी का 60% डीए मिल रहा है. सरकार ने अप्रैल 2026 में ही इसे 58% से बढ़ाकर 60% किया था, जो 1 जनवरी 2026 से प्रभावी है.
ताजा मीडिया रिपोर्ट्स और एक्सपर्ट्स के मुताबिक, जुलाई महीने के रिवीजन में डीए में 2 से 3 फीसदी की और बढ़ोतरी देखी जा सकती है. इसका मतलब है कि केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़कर 62% या 63% तक पहुंच सकता है. हालांकि, इस पर अंतिम और आधिकारिक फैसला केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी के बाद ही लिया जाएगा.
8वें वेतन आयोग पर क्या है अपडेट?
जब तक आठवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू नहीं हो जातीं, तब तक कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग (7th Pay Commission) के तहत ही डीए बढ़ोतरी का लाभ मिलता रहेगा. दूसरी ओर, विभिन्न केंद्रीय कर्मचारी संगठनों की सरकार से लगातार मांग है कि 8वें वेतन आयोग के तहत न्यूनतम बेसिक सैलरी को बढ़ाया जाए, भत्तों (Allowances) की नई समीक्षा हो और पेंशन व्यवस्था में भी सुधार किया जाए. सरकार ने फिलहाल इन मांगों पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है. ऐसे में कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की निगाहें पूरी तरह से जुलाई में होने वाले डीए बढ़ोतरी के आधिकारिक ऐलान पर टिकी हुई हैं.
कच्चा तेल हुआ सस्ता, फिर भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम कब होंगे कम? जानिए अंदर का पूरा 'हिसाब किताब'
ADVERTISEMENT


