ACC Q1 Results: मुनाफे में 61% की गिरावट, जानिए क्यों घटी कंपनी की कमाई और आगे क्या है प्लान?

संदीप शर्मा

• 08:19 PM • 24 Jul 2026

ACC की पहली तिमाही में बिक्री, आय और मुनाफा दबाव में रहे, लेकिन ग्रीन पावर, प्रीमियम बिक्री, क्षमता विस्तार और विलय योजना से आगे सुधार की उम्मीद बनी है.

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न्यूज़ हाइलाइट्स

जून तिमाही में मुनाफा घटकर 147 करोड़ रुपये रहा, आय 5,808 करोड़ रुपये रही

प्रीमियम सीमेंट की हिस्सेदारी बढ़कर 44%, ग्रीन एनर्जी का इस्तेमाल 31% पहुंचा

कंपनी क्षमता विस्तार पर फोकस, ACC-Ambuja के विलय की प्रक्रिया आगे बढ़ी

अडानी ग्रुप की सीमेंट कंपनी ACC ने वित्त वर्ष 2026-27 की अप्रैल-जून तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं. इस दौरान कंपनी का मुनाफा पिछले साल के मुकाबले कम रहा. हालांकि, कंपनी का कहना है कि वह खर्च घटाने, प्रीमियम सीमेंट की बिक्री बढ़ाने और नए प्लांट्स के जरिए कारोबार बढ़ाने पर लगातार काम कर रही है.

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कैसे रहे नतीजे?

शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 61% गिरकर ₹376 करोड़. आय ₹6,328 करोड़ से गिरकर ₹5,808 करोड़ पर आई. ऑपरेटिंग EBITDA: ₹457 करोड़ पर आया. पिछले साल Q1 FY26 में ₹779 करोड़ था. सेल्स वॉल्यूम 10 मिलियन टन रही. पिछले साल समान अवधि में 10.7 मिलियन टन था. 

मुनाफे और सेल्स में गिरावट के 3 मुख्य कारण

  1. ईंधन और लॉजिस्टिक्स की लागत में बढ़ोतरी: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण पेटकोक, थर्मल कोल और माल ढुलाई (Freight) की दरों में उछाल आया, जिससे कंपनी की लागत बढ़ी.

  2. प्लांट्स में मेंटेनेंस का काम: तिमाही के दौरान ACC के बड़े इंटीग्रेटेड प्लांट्स में प्लान्ड मेंटेनेंस (रखरखाव) का काम चला, जिससे उत्पादन पर असर पड़ा.

  3. MSA वॉल्यूम में बदलाव: पैरेंट कंपनी Ambuja Cements के साथ मास्टर सप्लाई एग्रीमेंट (MSA) वॉल्यूम अधिक रहा.

अच्छी बात क्या रही?

  • ट्रेड सेल्स बढ़कर 81% पहुंच गई
  • प्रीमियम सीमेंट की हिस्सेदारी 44% हो गई
  • ग्रीन एनर्जी का इस्तेमाल 26% से बढ़कर 31% हो गया
  • खर्च कम करने के लिए कई कदम उठाए गए
  • क्षमता बढ़ाने पर फोकस

ACC और Ambuja के विलय पर अपडेट

ACC और Ambuja Cements के प्रस्तावित विलय को SEBI से मंजूरी मिल चुकी है. अब मामला NCLT के पास है. सभी जरूरी मंजूरियां मिलने के बाद इस वित्त वर्ष में विलय पूरा होने की उम्मीद है.

आगे क्या है चुनौती?

कंपनी का कहना है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव की वजह से पेटकोक, कोयला और माल ढुलाई महंगी हुई है. इसका असर पूरे सीमेंट सेक्टर पर पड़ा है और अगली तिमाही में भी इसका असर रह सकता है.हालांकि, कंपनी का मानना है कि देश में इंफ्रास्ट्रक्चर, हाउसिंग और शहरी विकास की बढ़ती मांग से सीमेंट की खपत बढ़ती रहेगी. इसी को देखते हुए ACC खर्च कम करने, उत्पादन बढ़ाने और प्रीमियम प्रोडक्ट्स पर फोकस बनाए रखेगी.