Adani Energy Solutions को मिला 8,500 करोड़ रुपये का बड़ा प्रोजेक्ट, आंध्र प्रदेश में मजबूत होगा पावर नेटवर्क

संदीप शर्मा

• 03:27 PM • 24 Jul 2026

अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस को आंध्र प्रदेश में 8500 करोड़ की ट्रांसमिशन परियोजना मिली. इससे विजाग के ग्रीन हाइड्रोजन, ग्रीन अमोनिया और डेटा सेंटर को मदद मिलेगी.

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न्यूज़ हाइलाइट्स

₹8,500 करोड़ का नया प्रोजेक्ट

ऑर्डर बुक ₹80,000 करोड़ के पार

4,500 MW बिजली मांग पूरी होगी

अडानी ग्रुप की कंपनी Adani Energy Solutions Limited (AESL) को आंध्र प्रदेश में करीब 8,500 करोड़ रुपये का बड़ा पावर ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट मिला है. यह प्रोजेक्ट भारत सरकार के टैरिफ-बेस्ड कॉम्पिटिटिव बिडिंग (TBCB) के तहत मिला है, जिसमें AESL सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी रही. इस प्रोजेक्ट का मकसद विशाखापट्टनम (Vizag) में बनने वाले ग्रीन हाइड्रोजन, ग्रीन अमोनिया प्रोजेक्ट्स और तेजी से बढ़ रहे AI डेटा सेंटर को भरोसेमंद बिजली उपलब्ध कराना है.

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इस प्रोजेक्ट की खासियत?

करीब 8,500 करोड़ रुपये की लागत वाला ये प्रोजेक्ट वाइज़ाग क्षेत्र में बढ़ती बिजली की जरूरतों को पूरा करेगा. इस प्रोजेक्ट के जरिए करीब 4,500 मेगावाट (MW) की बिजली मांग पूरी की जाएगी. AI और हाइपरस्केल डेटा सेंटर को मजबूत बिजली सप्लाई मिलेगी. ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन अमोनिया प्रोजेक्ट्स को ग्रिड से जोड़ा जाएगा.

80,000 करोड़ रुपये के पार ऑर्डर बुक

इस नए प्रोजेक्ट के साथ Adani Energy Solutions की ट्रांसमिशन ऑर्डर बुक 80,000 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गई है.इसके अलावा कंपनी के नेटवर्क में 1,582 सर्किट किलोमीटर (ckm) नई ट्रांसमिशन लाइनें जुड़ेंगी. 10,500 MVA की ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता बढ़ेगी.कंपनी को इस प्रोजेक्ट को 30 महीने के भीतर पूरा करना है.

क्या-क्या होगा तैयार?

ये प्रोजेक्ट Vizag Power Transmission Ltd. के तहत विकसित किया जाएगा. 

  • पेनदुर्ति (Vizag) में 765/400 kV GIS सबस्टेशन बनाया जाएगा
  • खम्मम-II में नया 765/400 kV सबस्टेशन तैयार किया जाएगा

प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद कंपनी का कुल ट्रांसमिशन नेटवर्क बढ़कर 29,531 सर्किट किलोमीटर हो जाएगा, जबकि कुल ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता 1,33,675 MVA तक पहुंच जाएगी.
 

Adani Energy Solutions के CEO Kandarp Patel ने कहा कि यह प्रोजेक्ट भारत के अगले दौर के औद्योगिक विकास के लिए अहम साबित होगा. उनके मुताबिक, इससे आंध्र प्रदेश में ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन अमोनिया प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा मिलेगा. साथ ही AI डेटा सेंटर और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती बिजली जरूरतों को भी पूरा किया जा सकेगा.

क्यों अहम है यह प्रोजेक्ट?

विशाखापट्टनम तेजी से भारत के बड़े डिजिटल और क्लीन एनर्जी हब के रूप में उभर रहा है. AI, डेटा सेंटर, सब-सी इंटरनेट कनेक्टिविटी और ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स के बढ़ने से इस क्षेत्र में मजबूत पावर इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत बढ़ रही है. ऐसे में Adani Energy Solutions का यह प्रोजेक्ट न सिर्फ बिजली आपूर्ति को मजबूत करेगा, बल्कि क्षेत्र में नए उद्योगों और निवेश को भी रफ्तार देने में अहम भूमिका निभा सकता है.