Adani Group : अडानी ग्रुप का बंगाल प्लान, 2035 तक 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा निवेश

तनीषा त्यागी

• 06:39 PM • 24 Sep 2026

अडानी ग्रुप ने पश्चिम बंगाल में 2035 तक 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा निवेश का प्लान रखा है. कोलकाता में 2000 बेड का अस्पताल और 10000 से ज्यादा रोजगार पर फोकस है.

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न्यूज़ हाइलाइट्स

निवेश योजना में बिजली, बंदरगाह, सड़क, पुल और रोपवे शामिल हैं

कोलकाता के न्यू टाउन में 2000 बेड का बड़ा अस्पताल बनेगा

अस्पताल के साथ मेडिकल कॉलेज और रिसर्च सेंटर भी तैयार होगा

Adani Group Investment: अडानी ग्रुप ने पश्चिम बंगाल में बड़े निवेश की योजना का ऐलान किया है. ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी ने राज्य में 2035 तक 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश करने का विजन सामने रखा है. यह निवेश सिर्फ एक सेक्टर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पावर, पोर्ट और लॉजिस्टिक्स से लेकर सड़क, पुल, रोपवे, ग्रीन सीमेंट और डेटा सेंटर जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में किया जाएगा. इसी निवेश योजना के साथ हेल्थकेयर सेक्टर में भी एक बड़ा प्रोजेक्ट सामने आया है. कोलकाता के न्यू टाउन इलाके में 2000 बेड वाला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और रिसर्च फैसिलिटी विकसित करने की योजना है. इस पूरे हेल्थकेयर प्रोजेक्ट पर करीब 4000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा. प्रोजेक्ट से राज्य के हेल्थकेयर इकोसिस्टम में 10,000 से ज्यादा रोजगार पैदा होने की उम्मीद जताई गई है.

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2035 तक पश्चिम बंगाल में 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश

गौतम अडानी ने पश्चिम बंगाल को लेकर ग्रुप की लंबी अवधि की निवेश योजना साझा की है. इसके तहत 2035 तक राज्य में 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश किया जाएगा. इस निवेश का फोकस कई अलग-अलग क्षेत्रों पर रहेगा. इनमें पोर्ट और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क, बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन, सड़कें, पुल और रोपवे प्रोजेक्ट्स शामिल हैं. इसके अलावा ग्रीन सीमेंट मैन्युफैक्चरिंग और हाइपरस्केल डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में भी निवेश की योजना है. यानी अडानी ग्रुप का प्लान सिर्फ किसी एक बड़े प्रोजेक्ट तक सीमित नहीं है. कंपनी राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ एनर्जी, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स से जुड़े अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी मौजूदगी बढ़ाने की तैयारी कर रही है.

कोलकाता में बनेगा 2000 बेड का अस्पताल

इस निवेश योजना के बीच हेल्थकेयर प्रोजेक्ट भी खास है. कोलकाता के न्यू टाउन इलाके में 2000 बेड का अस्पताल बनाया जाएगा. इसे 'अडानी आरोग्य मंदिर' नाम दिया गया है. इस प्रोजेक्ट पर 4000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा. अस्पताल के साथ मेडिकल कॉलेज और रिसर्च फैसिलिटी भी विकसित की जाएगी. इसका उद्देश्य इलाज के साथ मेडिकल एजुकेशन और रिसर्च के लिए भी एक बड़ा संस्थान तैयार करना है. इस प्रोजेक्ट की एक खास बात यह है कि 2000 बेड में से 1000 बेड आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग यानी EWS के लिए रखे जाएंगे. इन बेड पर पात्र मरीजों को केंद्र और राज्य सरकार की स्वास्थ्य बीमा योजनाओं के तहत इलाज की सुविधा मिल सकेगी.

हेल्थकेयर सेक्टर में 10,000 से ज्यादा रोजगार की उम्मीद

अडानी आरोग्य मंदिर सिर्फ अस्पताल के तौर पर नहीं देखा जा रहा है. इसके साथ मेडिकल कॉलेज और रिसर्च सेंटर भी विकसित किया जाएगा. ऐसे में इस प्रोजेक्ट से डॉक्टर, मेडिकल स्टाफ, पैरामेडिकल कर्मचारियों और हेल्थकेयर से जुड़े दूसरे कामों के लिए रोजगार के अवसर बनने की उम्मीद है. दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, इस पूरे हेल्थकेयर इकोसिस्टम से 10,000 से ज्यादा रोजगार पैदा होने की उम्मीद है. इसका मतलब है कि प्रोजेक्ट का असर सिर्फ अस्पताल में सीधे मिलने वाली नौकरियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे जुड़े अलग-अलग क्षेत्रों में भी रोजगार के अवसर बन सकते हैं.

पोर्ट और लॉजिस्टिक्स पर भी बड़ा फोकस

पश्चिम बंगाल में निवेश के पीछे पोर्ट और लॉजिस्टिक्स को भी महत्वपूर्ण क्षेत्र माना गया है. राज्य की भौगोलिक स्थिति इसे पूर्वी भारत के साथ-साथ नॉर्थ-ईस्ट और दक्षिण-पूर्व एशिया से जुड़े व्यापारिक रास्तों के लिए महत्वपूर्ण बनाती है. अडानी ग्रुप पोर्ट और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को मजबूत करने के साथ बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन में भी निवेश करेगा. इसके साथ सड़क और पुल जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को भी योजना में शामिल किया गया है. ग्रुप के मुताबिक, मजबूत पोर्ट और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क से उद्योगों को सपोर्ट मिल सकता है. उद्योगों के विस्तार के साथ ऊर्जा की मांग बढ़ती है और इसके बाद डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत भी बढ़ती है.

डेटा सेंटर और ग्रीन सीमेंट में भी निवेश

अडानी ग्रुप की निवेश योजना में पारंपरिक इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ नए सेक्टर भी शामिल हैं. हाइपरस्केल डेटा सेंटर और ग्रीन सीमेंट मैन्युफैक्चरिंग इनमें प्रमुख हैं. डेटा सेंटर डिजिटल इकोनॉमी के लिए महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर का हिस्सा हैं, जबकि ग्रीन सीमेंट को निर्माण क्षेत्र में पर्यावरण से जुड़े लक्ष्यों के संदर्भ में देखा जाता है. इन क्षेत्रों में निवेश के जरिए ग्रुप पश्चिम बंगाल में अपने बिजनेस पोर्टफोलियो को अलग-अलग सेक्टर तक फैलाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है.

बिजली से लेकर रोपवे तक कई प्रोजेक्ट्स पर नजर

निवेश योजना में पावर सेक्टर को भी अहम जगह दी गई है. बिजली उत्पादन के साथ ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर निवेश की योजना है. इसके अलावा राज्य में सड़कों, पुलों और रोपवे से जुड़े प्रोजेक्ट्स भी निवेश का हिस्सा होंगे. यानी योजना में शहरों और औद्योगिक क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर करने वाले इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी फोकस किया गया है.

बंगाल की विरासत और संस्कृति को भी जोड़ने की बात

निवेश की घोषणा के दौरान गौतम अडानी ने पश्चिम बंगाल की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का भी उल्लेख किया. उन्होंने राज्य की ऐतिहासिक पहचान और सांस्कृतिक विरासत को विकास के साथ बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया. इस संदर्भ में अडानी ग्रुप की ओर से राज्य की ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण में सहयोग की बात भी सामने रखी गई है. यानी निवेश योजना में केवल नए इंफ्रास्ट्रक्चर और बिजनेस प्रोजेक्ट्स ही नहीं, बल्कि विरासत से जुड़े पहलुओं को भी शामिल करने की बात कही गई है.

बंगाल में अडानी ग्रुप की बड़ी विस्तार योजना

कुल मिलाकर, पश्चिम बंगाल के लिए अडानी ग्रुप की योजना कई सेक्टर को कवर करती है. 2035 तक 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के निवेश के साथ ग्रुप पोर्ट, लॉजिस्टिक्स, पावर, सड़क, पुल, रोपवे, ग्रीन सीमेंट और डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में विस्तार की तैयारी कर रहा है. वहीं हेल्थकेयर सेक्टर में 4000 करोड़ रुपये का 2000 बेड वाला अडानी आरोग्य मंदिर इस योजना का एक प्रमुख हिस्सा है. इसमें 1000 बेड आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए रखे जाने की बात कही गई है और मेडिकल कॉलेज व रिसर्च सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी. अब इस बड़े निवेश प्लान के सामने सबसे अहम बात इसके अलग-अलग प्रोजेक्ट्स का जमीन पर उतरना होगा. आने वाले वर्षों में इन योजनाओं की प्रगति से यह स्पष्ट होगा कि पश्चिम बंगाल में अडानी ग्रुप की यह विस्तार योजना कारोबार, इंफ्रास्ट्रक्चर, हेल्थकेयर और रोजगार के क्षेत्र में किस तरह आगे बढ़ती है.

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