Adani Ports के नतीजे दमदार, फिर भी शेयर 3% टूटा! आखिर निवेशकों को क्या नहीं आया पसंद?

संदीप शर्मा

• 01:42 PM • 29 Jul 2026

अदाणी पोर्ट्स की पहली तिमाही में मुनाफा, एबिट्डा और आय बढ़ी. घरेलू पोर्ट्स के साथ अंतरराष्ट्रीय और मरीन कारोबार ने कंपनी के नतीजों को मजबूत सहारा दिया.

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न्यूज़ हाइलाइट्स

Q1 में मुनाफा 9% बढ़ा, रेवेन्यू में 18.5% की बढ़त

घरेलू कार्गो वॉल्यूम 115 MMT के पार रहा, क्षमता 653 MMT पहुंची

इंटरनेशनल पोर्ट्स, मरीन और लॉजिस्टिक्स बिजनेस बड़े ग्रोथ इंजन

Adani Group की कंपनी Adani Ports and Special Economic Zone ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के शानदार नतीजे पेश किए हैं. कंपनी का मुनाफा,आय और ऑपरेटिंग प्रॉफिट तीनों में दो अंकों की मजबूत बढ़त देखने को मिली. इसके बावजूद शेयर बाजार ने इन नतीजों का स्वागत नहीं किया और रिजल्ट आने के बाद Adani Ports का शेयर करीब 3% टूट गया.

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Q1 नतीजे कैसे रहे?

जून तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 9% बढ़कर 3,620 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह 3,315 करोड़ रुपये था. सिर्फ मुनाफा ही नहीं, कंपनी की कमाई भी शानदार रही. ऑपरेशंस से होने वाला रेवेन्यू 18.5% बढ़कर 10,821 करोड़ रुपये पहुंच गया. वहीं EBITDA 19% की बढ़त के साथ 6,540 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन 60.4% पर पहुंच गया, जो बताता है कि कंपनी की कमाई के साथ उसकी ऑपरेटिंग क्षमता भी मजबूत बनी हुई है.

इंटरनेशनल पोर्ट्स का दमदार प्रदर्शन

इस तिमाही की सबसे बड़ी खासियत कंपनी का इंटरनेशनल बिजनेस रहा. विदेशी पोर्ट्स से होने वाला रेवेन्यू 80% उछलकर 1,747 करोड़ रुपये हो गया, जबकि इस कारोबार का EBITDA 256% की जबरदस्त छलांग लगाकर 730 करोड़ रुपये पहुंच गया. ऑस्ट्रेलिया और कोलंबो पोर्ट्स ने इस ग्रोथ में सबसे बड़ा योगदान दिया.

मरीन बिजनेस का हाल

मरीन बिजनेस ने भी कंपनी को मजबूती दी. इस सेगमेंट का रेवेन्यू 67% बढ़कर 901 करोड़ रुपये रहा. दूसरी ओर, घरेलू पोर्ट्स कारोबार से आय 12% बढ़ी. ज्यादा कार्गो हैंडलिंग, बेहतर प्रोडक्ट मिक्स और मजबूत रियलाइजेशन की वजह से इस कारोबार का EBITDA मार्जिन 74% तक पहुंच गया, जिसे कंपनी ने बेस्ट-इन-क्लास बताया.

कंपनी के CEO अश्विनी गुप्ता का कहना है कि अब Adani Ports सिर्फ एक पोर्ट कंपनी नहीं रह गई है. घरेलू पोर्ट्स के साथ-साथ इंटरनेशनल पोर्ट्स, मरीन और लॉजिस्टिक्स बिजनेस भी तेजी से मुनाफे और ग्रोथ के बड़े इंजन बन रहे हैं. उनका कहना है कि यही विविधता कंपनी को 2031 के बड़े विस्तार लक्ष्य तक पहुंचाने में मदद करेगी.

घरेलू पोर्ट्स कारोबार से मजबूत सहारा

घरेलू पोर्ट्स से कंपनी की आय 12 प्रतिशत बढ़कर ₹6,964 करोड़ हो गई. कंपनी ने कहा कि यह बढ़त कार्गो वॉल्यूम बढ़ने, बेहतर प्रोडक्ट मिक्स और ज्यादा कमाई प्रति यूनिट मिलने की वजह से आई. इस हिस्से का एबिट्डा ₹5,152 करोड़ रहा और एबिट्डा मार्जिन 74 प्रतिशत पर रहा.

रेटिंग, कर्ज और आगे का अनुमान

S&P Global Ratings ने उसकी लंबी अवधि की रेटिंग बीबीबी माइनस से बढ़ाकर 'BBB' (Stable Outlook) कर दी है और आउटलुक स्थिर रखा है. केयर रेटिंग्स और इक्रा ने भी कंपनी की घरेलू 'AAA' रेटिंग बरकरार रखी है. 30 जून 2026 तक कंपनी का कुल कर्ज ₹56,776 करोड़ और नकद राशि ₹12,428 करोड़ रही. शुद्ध कर्ज बनाम एबिट्डा 1.9 गुना रहा.