Adani Group की कंपनी Adani Power पावर का शेयर 14 जुलाई को उस समय तेज उछला, जब पूरा बाजार दबाव में था और सेंसेक्स गिरावट में कारोबार कर रहा था. शेयर 6.2 प्रतिशत चढ़कर 228.90 रुपये तक पहुंच गया और दोपहर तक 226 से 227 रुपये के आसपास बना रहा.तेजी की खास बात सिर्फ कीमत नहीं रही, बल्कि वॉल्यूम में भी बड़ा उछाल दिखा. BSE पर 42 लाख से ज्यादा शेयरों की खरीद बिक्री हुई, जबकि NSE पर 4 करोड़ से ज्यादा शेयरों में कारोबार हुआ.
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14 जुलाई को शेयर की चाल कैसी रही
जब बाजार का रुख कमजोर था, तब अडानी पावर में लगातार खरीदारी दिखी. इससे ये साफ हुआ कि शेयर में दिलचस्पी सिर्फ छोटे निवेशकों तक सीमित नहीं थी, बल्कि बड़े सौदों की भी भागीदारी दिखी
• शेयर करीब 6.2 प्रतिशत चढ़कर 228.90 रुपये तक गया
• दोपहर तक भाव 226 से 227 रुपये के आसपास रहा
• सेंसेक्स उसी समय करीब 0.6 प्रतिशत गिरावट में था
• BSE पर 42 लाख से ज्यादा शेयरों में कारोबार हुआ
• NSE पर 4 करोड़ से ज्यादा शेयर ट्रेड हुए
तेजी के पीछे क्या वजहें दिख रहीं हैं
बाजार की चाल को देखकर ये माना जा रहा है कि Adani Power में तेजी एक साथ कई वजहों से आई है. इनमें ब्रोकरेज की सकारात्मक राय, बिजली क्षेत्र को लेकर उम्मीद, विदेशी निवेश की वापसी की संभावना और तिमाही नतीजों से पहले की खरीदारी शामिल हैं.
Goldman Sachs की पॉज़िटिव रिपोर्ट
ब्रोकरेज फर्म Goldman Sachs ने भारतीय बाजार पर पॉज़िटिव रिपोर्ट जारी की है. रिपोर्ट के मुताबिक भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है, विदेशी निवेशकों की बिकवाली लगभग थम चुकी है, आने वाले महीनों में विदेशी पैसा फिर लौट सकता है और दूसरी तिमाही के नतीजे अच्छे रह सकते हैं.इसी रिपोर्ट में गोल्डमैन सैक्स ने जिन चुनिंदा भारतीय शेयरों को पसंद किया है, उनमें Adani Power भी शामिल है. बाजार में फिलहाल इसे सबसे बड़ा कारण माना जा रहा है.
पावर सेक्टर को लेकर मजबूत उम्मीद
बिजली की मांग लगातार बढ़ने की बात भी निवेशकों के भरोसे को सहारा दे रही है. डेटा सेंटर, इलेक्ट्रिक गाड़ियां, मैन्युफैक्चरिंग, AI और डिजिटल इंफ्रा जैसे क्षेत्रों में ज्यादा बिजली की जरूरत पड़ रही है.सरकार भी आने वाले वर्षों में बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर जोर दे रही है. इसी वजह से निवेशकों को लग रहा है कि बिजली कंपनियों की कमाई आगे भी मजबूत रह सकती है.
विदेशी निवेश की वापसी की उम्मीद
गोल्डमैन सैक्स का मानना है कि डॉलर स्थिर हो रहा है, कमोडिटी की कीमतें नीचे आई हैं और रुपया भी स्थिर है. ऐसे माहौल में विदेशी निवेशक भारत में दोबारा निवेश बढ़ा सकते हैं.अगर ऐसा होता है, तो पहले बड़े शेयरों में पैसा आ सकता है. Adani Power को बाजार इसी नजर से भी देख रहा है.
22 जुलाई के नतीजों से पहले खरीदारी
कंपनी का बोर्ड 22 जुलाई को अप्रैल से जून तिमाही के नतीजों पर विचार करेगा. बाजार में अक्सर नतीजों से पहले उम्मीद के आधार पर खरीदारी बढ़ जाती है. अडानी पावर में भी ऐसा रुख दिख रहा है.
क्या सिर्फ ब्रोकरेज रिपोर्ट से शेयर चढ़ सकता है
बाजार में कई बार बड़ी विदेशी ब्रोकरेज की रिपोर्ट से माहौल बदल जाता है. बड़े फंड ऐसी रिपोर्टों पर ध्यान देते हैं. इसलिए किसी रिपोर्ट में किसी शेयर का नाम आने के बाद उसमें खरीदारी बढ़ना असामान्य नहीं माना जाता.हालांकि इसका यह मतलब नहीं है कि शेयर हमेशा ऊपर ही जाएगा. आगे की चाल अब भी कंपनी के नतीजों, बाजार के रुख और निवेशकों के भरोसे पर निर्भर करेगी.
अडानी पावर की मजबूती क्या है
• भारत में बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है
• अडानी पावर देश की बड़ी निजी बिजली उत्पादक कंपनियों में गिनी जाती है
• कंपनी की उत्पादन क्षमता बढ़ने की बात पर बाजार नजर रखे हुए है
• अडानी समूह बंदरगाह, हवाई अड्डे, हरित ऊर्जा, ट्रांसमिशन और डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में निवेश कर रहा है.
• कई संस्थागत निवेशक समूह की कंपनियों पर फिर से सकारात्मक नजरिया दिखा रहे हैं.
जोखिम क्या है?
तेजी के साथ कुछ साफ जोखिम भी जुड़े हुए हैं. इसलिए सिर्फ एक दिन की चाल देखकर फैसला करना जल्दबाजी हो सकती है.
• हाल की तेजी के बाद शेयर पहले के मुकाबले महंगा दिख सकता है
• अगर 22 जुलाई के नतीजे उम्मीद से कमजोर रहे, तो मुनाफावसूली बढ़ सकती है
• कंपनी का बड़ा हिस्सा अब भी ताप बिजली पर आधारित है. कोयले की कीमत बढ़ने पर कमाई के मार्जिन पर असर पड़ सकता है
• बिजली क्षेत्र में सरकारी नियम और टैरिफ बहुत अहम होते हैं. किसी बदलाव का सीधा असर कारोबार पर पड़ सकता है
निवेशकों को अब क्या देखना चाहिए
अगर आप पहले से इस शेयर में हैं, तो 22 जुलाई के नतीजों पर नजर रखना जरूरी होगा. तेजी के बाद कुछ निवेशक आंशिक मुनाफावसूली पर भी विचार कर सकते हैं, जबकि लंबी अवधि के निवेशक कारोबार और नतीजों पर ज्यादा ध्यान रख सकते हैं.अगर आप अभी निवेश पर सोच रहे हैं, तो सिर्फ एक दिन की तेजी के आधार पर फैसला करना ठीक नहीं होगा. इन बातों पर नजर रखना अहम रहेगा.
• तिमाही नतीजे कैसे आते हैं
• प्रबंधन आगे के लिए क्या संकेत देता है
• बिजली क्षेत्र की मांग कैसी रहती है
• विदेशी निवेशकों का रुख क्या रहता है
अडानी पावर में आई तेजी के पीछे गोल्डमैन सैक्स की सकारात्मक रिपोर्ट, विदेशी निवेश की वापसी की उम्मीद, बिजली क्षेत्र की मांग और 22 जुलाई को आने वाले नतीजों से पहले की खरीदारी जैसी कई वजहें दिख रही हैं. लेकिन शेयर में तेजी के साथ जोखिम भी मौजूद हैं. इसलिए आगे की दिशा अब काफी हद तक नतीजों और कंपनी के आगे के संकेतों से तय होगी.
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