AU स्मॉल फाइनेंस बैंक ने NRI ग्राहकों को दिया बड़ा तोहफा, FCNR और NRE डिपॉजिट पर बढ़ाईं ब्याज दरें, जानें नए रेट्स

संदीप शर्मा

28 Jul 2026 (अपडेटेड: Jul 28 2026 3:45 PM)

एयू बैंक ने एनआरआई ग्राहकों के लिए एफसीएनआर पर 7.40 फीसदी और एनआरई जमा पर 7.60 फीसदी ब्याज शुरू किया. पात्र ट्रांसफर पर जीरो फॉरेक्स चार्ज और डिजिटल सुविधा भी मिलेगी.

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न्यूज़ हाइलाइट्स

FCNR जमा की सबसे ऊंची दर अब 7.40%

NRE फिक्स्ड डिपॉजिट पर अधिकतम ब्याज दर 7.60%

नई दरें 27 जुलाई 2026 से लागू

AU Small Finance Bank ने अनिवासी भारतीय यानी NRI ग्राहकों के लिए FCNR और NRE फिक्स्ड डिपॉजिट की ब्याज दरें बढ़ा दी हैं. नई दरें 27 जुलाई 2026 से लागू हैं. बैंक के मुताबिक, FCNR जमा पर अधिकतम ब्याज दर अब 7.40 फीसदी और NRE फिक्स्ड डिपॉजिट पर 7.60 फीसदी हो गई है.

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FCNR और NRE डिपॉजिट पर कितना ब्याज?

  • FCNR डिपॉजिट: 3 से 4 साल की अवधि के लिए अधिकतम ब्याज दर को 7.10% से बढ़ाकर 7.40% सालाना कर दिया गया है. FCNR डिपॉजिट में ब्याज का भुगतान छमाही आधार पर किया जाता है.
  • NRE फिक्स्ड डिपॉजिट: 36 महीने 1 दिन से लेकर 45 महीने तक की अवधि के लिए पीक इंटरेस्ट रेट को 7.00% से बढ़ाकर 7.60% सालाना कर दिया गया है

RBI के फैसले का मिला फायदा

RBI की 8 जून 2026 घोषणा के बाद बैंकों को विदेशी मुद्रा जमा दरों को ज्यादा प्रतियोगी बनाने का मौका मिला है, जिसका सीधा फायदा NRI ग्राहकों को दिया जा रहा है. FCNR डिपॉजिट के जरिए विदेशी मुद्रा की गिरावट के जोखिम से बचाव मिलता है. प्रिंसिपल और ब्याज की राशि पूरी तरह से रिपेट्रिएबल होती है.

ज़ीरो फॉरेक्स मार्जिन और डिजिटल सुविधाएं

ब्याज दरों में बढ़ोतरी के अलावा, AU स्मॉल फाइनेंस बैंक एलिजिबल इनवर्ड और आउटवर्ड रेमिटेंस पर ज़ीरो फॉरेक्स मार्जिन और ज़ीरो बैंक चार्ज की सुविधा भी दे रहा है. बैंक का दावा है कि वो भारत का अकेला प्राइवेट सेक्टर बैंक है जो हिडन फॉरेक्स मार्क-अप को खत्म कर ग्राहकों को इंटरबैंक रेफरेंस रेट पर करंसी कन्वर्ट करने की सुविधा देता है.

इन योजनाओं का मतलब क्या?

बैंक के मुताबिक, FCNR जमा विदेश में कमाई करने वाले भारतीयों के लिए एक अहम विकल्प है, क्योंकि इसमें बचत भारत में लाई जा सकती है और मुद्रा के उतार-चढ़ाव का असर कम होता है. ये जमा अमेरिकी डॉलर में उपलब्ध है. इसमें मूल रकम और ब्याज, दोनों को वापस बाहर भेजा जा सकता है. साथ ही भारत में कुछ टैक्स लाभ भी मिलते हैं, जो लागू नियमों पर निर्भर करते हैं. इसी तरह, NRE फिक्स्ड डिपॉजिट रुपये में बचत का विकल्प देता है. बैंक ने कहा कि इसमें भी रकम और ब्याज को पूरी तरह वापस बाहर भेजा जा सकता है और भारत में ब्याज आय पर टैक्स नहीं लगता, अगर लागू नियमों की शर्तें पूरी होती हैं.

ट्रांसफर पर क्या सुविधा मिलेगी

बैंक का कहना है कि जिन ट्रांसफर पर ये सुविधा लागू है, उन पर फॉरेक्स मार्जिन और बैंक चार्ज नहीं लिए जाएंगे. बैंक ने ये भी दावा किया कि वह भारत का एकमात्र निजी क्षेत्र का बैंक है जिसने छिपे हुए फॉरेक्स मार्कअप को हटाया है, ताकि ग्राहकों को अंतरराष्ट्रीय ट्रांसफर का ज्यादा फायदा मिल सके.बैंक के मुताबिक, पात्र ग्राहकों को करेंसी बदलने की सुविधा बैंक की इंटरबैंक रेफरेंस रेट पर बिना ट्रांजैक्शन चार्ज के मिलेगी. बैंक का कहना है कि बढ़ी हुई जमा दरें और यह ट्रांसफर सुविधा मिलकर अनिवासी भारतीय ग्राहकों को बचत बढ़ाने और लेनदेन आसान रखने का एक साथ विकल्प देती हैं.

कहां और कैसे मिलेगी सुविधा

बैंक ने कहा कि नई दरें नए और मौजूदा, दोनों तरह के ग्राहकों के लिए उपलब्ध रहेंगी. ग्राहक बैंक के नेटवर्क और डिजिटल मंचों के जरिए इनका इस्तेमाल कर सकेंगे. इनमें AU 0101 ऐप, व्हाट्सऐप बैंकिंग और 24 घंटे 7 दिन वीडियो बैंकिंग शामिल हैं. बैंक के मुताबिक, इससे विदेश में रहने वाले ग्राहक बिना किसी परिवार सदस्य को शाखा भेजे अपने खाते संभाल सकते हैं.