Share Market : अगस्त में IPO की बहार! 25 कंपनियां जुटाएंगी ₹35,000 करोड़, निवेशकों के लिए खुल सकते हैं नए मौके

तनीषा त्यागी

27 Jul 2026 (अपडेटेड: Jul 27 2026 12:05 PM)

Share Market : जुलाई के मजबूत रिस्पॉन्स के बाद अगस्त में कई बड़ी कंपनियां आईपीओ ला सकती हैं. टेक, हेल्थ और दूसरे सेक्टरों में निवेशकों को नए मौके मिल सकते हैं.

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न्यूज़ हाइलाइट्स

जुलाई में बड़े इश्यू को मजबूत मांग मिली, जिससे भरोसा बढ़ा

फोनपे, जेप्टो और शिपरॉकेट जैसे नाम निवेशकों की नजर में रहेंगे

मणिपाल हेल्थ का बड़ा इश्यू हेल्थकेयर सेक्टर को भी फोकस देगा

कई कंपनियां सेबी मंजूरी अवधि और समय खिड़की देखकर आ रही हैं

सेबी मंजूरी वाली कंपनियों की लंबी कतार आगे भी गतिविधि बनाए रखेगी

भारतीय शेयर बाजार में एक बार फिर IPO मार्केट गर्म होता नजर आ रहा है. जुलाई में बड़े इश्यू की सफलता के बाद अब अगस्त का महीना भी निवेशकों के लिए बेहद अहम रहने वाला है. अनुमान है कि अगले महीने 25 से ज्यादा कंपनियां अपने IPO लॉन्च कर सकती हैं. इन सभी इश्यू के जरिए करीब ₹35,000 करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखा गया है. इससे साफ संकेत मिलता है कि बाजार में कंपनियों का भरोसा वापस लौट रहा है और निवेशकों की दिलचस्पी भी फिर से बढ़ने लगी है.

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जुलाई की मजबूती ने बढ़ाया कंपनियों का भरोसा

साल की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही थी. बाजार में उतार-चढ़ाव, जियोपॉलिटिकल तनाव और विदेशी निवेश की कमजोर रफ्तार की वजह से कई कंपनियों ने अपने IPO लॉन्च टाल दिए थे. लेकिन जुलाई में बाजार के बेहतर प्रदर्शन और बड़े इश्यू को मिले शानदार रिस्पॉन्स ने माहौल बदल दिया है. SBI Funds Management का IPO इस साल का अब तक का सबसे बड़ा इश्यू साबित हुआ. कंपनी ने ₹9,813 करोड़ जुटाए और इस इश्यू को निवेशकों का जबरदस्त समर्थन मिला. IPO को 41.66 गुना सब्सक्रिप्शन मिला, जिसने बाकी कंपनियों का भी भरोसा बढ़ाया है.

नई जेनरेशन की कंपनियां रहेंगी सबसे ज्यादा चर्चा में

अगस्त में आने वाले संभावित IPO की लिस्ट में कई चर्चित टेक और डिजिटल कंपनियों के नाम शामिल हैं. इनमें सबसे बड़ा इश्यू PhonePe का हो सकता है, जो करीब ₹12,000 करोड़ जुटाने की तैयारी में है. इसके अलावा क्विक कॉमर्स कंपनी Zepto लगभग ₹8,010 करोड़ का IPO ला सकती है. वहीं लॉजिस्टिक्स प्लेटफॉर्म Shiprocket भी करीब ₹2,342.35 करोड़ जुटाने की योजना बना रहा है. इन कंपनियों के बाजार में आने से निवेशकों को नई अर्थव्यवस्था से जुड़ी कंपनियों में निवेश का मौका मिल सकता है.

हेल्थकेयर सेक्टर भी रहेगा फोकस में

बड़े इश्यू की बात करें तो Manipal Health Enterprises भी अगस्त की शुरुआत में बाजार में दस्तक देने जा रही है. कंपनी का इश्यू साइज ₹9,275.22 करोड़ है. इसका IPO 29 जुलाई से 31 जुलाई के बीच खुलने वाला है, जबकि शेयरों की लिस्टिंग 5 अगस्त को प्रस्तावित है. यह इस साल का दूसरा बिलियन डॉलर से बड़ा IPO माना जा रहा है.

अगस्त में किन कंपनियों पर रहेगी नजर?

अगले महीने कई सेक्टरों की कंपनियां बाजार में उतरने की तैयारी कर रही हैं. इनमें फाइनेंस, ग्रीन एनर्जी, एजुकेशन, ज्वेलरी, इंजीनियरिंग, लॉजिस्टिक्स और मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी कंपनियां शामिल हैं.

संभावित IPO लिस्ट में Truhome Finance, Juniper Green Energy, Innovatiview India, Gaja Alternative Asset Management, Ardee Industries, Dhoot Transmission, Hy-Tech Engineers, Learnfluence Education, ARCIL, Shankesh Jewellers, Priority Jewels, Leap India, Parijat Industries, Skyways, MV Electrosystem, Prism (OYO), Elevate Campuses, Horizon Industrial Parks, Varmora Granito और Molbio जैसी कंपनियां शामिल हैं.

आखिर अगस्त ही क्यों चुना जा रहा है?

मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि कई कंपनियां लंबे समय से सही मौके का इंतजार कर रही थीं. अब बाजार में स्थिरता लौटने के बाद वे अपने IPO लॉन्च करने के लिए तैयार हैं. इसके पीछे कई वजहें हैं. कुछ कंपनियों की SEBI मंजूरी की समय सीमा खत्म होने वाली है. वहीं कई कंपनियां NSE और Jio Platforms जैसे संभावित बड़े इश्यू से पहले बाजार में आना चाहती हैं. इसके अलावा श्राद्ध (पितृ पक्ष) शुरू होने से पहले IPO लॉन्च करने की भी रणनीति अपनाई जा रही है, क्योंकि इस दौरान निवेशकों की भागीदारी अपेक्षाकृत कम मानी जाती है.

निवेशकों का भरोसा फिर मजबूत हुआ

इन्वेस्टमेंट बैंकिंग से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में स्थिरता लौटने के बाद निवेशकों का भरोसा भी तेजी से वापस आया है. यही वजह है कि जो कंपनियां पिछले कुछ महीनों से इंतजार कर रही थीं, वे अब अपने पब्लिक इश्यू लॉन्च करने के लिए आगे बढ़ रही हैं. उम्मीद जताई जा रही है कि भारत में इस पूरे कैलेंडर वर्ष के दौरान IPO के जरिए करीब 20 अरब डॉलर जुटाए जा सकते हैं. यह देश के प्राइमरी मार्केट की मजबूत स्थिति को दर्शाता है.

सालभर के आंकड़े क्या कहते हैं

  • इस साल जनवरी और फरवरी में कुल 10 IPO आए, जिनके जरिए ₹12,927 करोड़ जुटाए गए.
  • मार्च में 8 कंपनियों ने बाजार से ₹5,852 करोड़ जुटाए.
  • अप्रैल में गतिविधियां काफी धीमी रहीं और सिर्फ 2 IPO आए, जिनका कुल इश्यू साइज ₹1,076 करोड़ रहा.
  • मई पूरी तरह सुस्त रहा और एक भी IPO लॉन्च नहीं हुआ.
  • जून में बाजार ने वापसी की और 7 IPO के जरिए ₹2,718 करोड़ जुटाए गए.
  • सबसे मजबूत प्रदर्शन जुलाई में देखने को मिला.
  • अब तक 10 IPO के जरिए ₹26,279 करोड़ जुटाए जा चुके हैं. यह 2026 का अब तक का सबसे सफल महीना बन गया है.
  • पूरे साल की बात करें तो अब तक 37 IPO के जरिए कुल ₹48,852 करोड़ की पूंजी जुटाई जा चुकी है.

पाइपलाइन अभी भी बेहद मजबूत

आने वाले महीनों में IPO की रफ्तार और तेज हो सकती है. 24 जुलाई तक 178 कंपनियों को SEBI से IPO लाने की मंजूरी मिल चुकी थी. ये कंपनियां मिलकर लगभग ₹2.9 लाख करोड़ जुटाने की तैयारी में हैं. इसके अलावा 70 और कंपनियां रेगुलेटरी मंजूरी का इंतजार कर रही हैं. इनका लक्ष्य करीब ₹1.80 लाख करोड़ जुटाने का है. यह आंकड़े बताते हैं कि भारतीय प्राइमरी मार्केट की पाइपलाइन फिलहाल काफी मजबूत बनी हुई है और अगर बाजार का माहौल अनुकूल रहा तो आने वाले महीनों में निवेशकों के पास नए IPO की लंबी श्रृंखला देखने को मिल सकती है.