अगस्त में Smallcap में ₹8,000 करोड़ का निवेश, Largecap से पैसा बाहर; क्या बदल रही है निवेशकों की पसंद?

चिराग ठाकुर

• 02:00 PM • 11 Sep 2026

अगस्त के आंकड़े दिखाते हैं कि म्यूचुअल फंड निवेशकों का रुख बदला है. स्मॉलकैप और मिडकैप में पैसा बढ़ा, जबकि लार्जकैप से लगातार निकासी हुई. जानें संकेत क्या हैं.

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न्यूज़ हाइलाइट्स

अगस्त में इक्विटी म्यूचुअल फंड में कुल 29,328 करोड़ रुपये आए

स्मॉलकैप फंड में लगातार दूसरे महीने करीब 8,000 करोड़ का निवेश आया

मिडकैप और स्मॉलकैप ने कुल प्रवाह का करीब 51 फीसदी खींच लिया

अगस्त के Mutual Fund आंकड़े बताते हैं कि निवेशकों का पैसा Equity Market से बाहर नहीं जा रहा, लेकिन उसकी दिशा जरूर बदल रही है. एक तरफ Largecap Funds से लगातार दूसरे महीने पैसा निकला है, तो दूसरी तरफ Smallcap और Midcap Funds में मजबूत inflow देखने को मिला है.

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सवाल यही है कि क्या निवेशकों को अब बड़ी कंपनियों के मुकाबले छोटी और मझोली कंपनियों में ज्यादा कमाई की उम्मीद दिख रही है? और क्या इस trend को देखकर आम निवेशक को भी Smallcap Funds में पैसा लगाना चाहिए?

Equity Mutual Funds में बढ़ा निवेश

AMFI के अगस्त के आंकड़ों के मुताबिक, Equity Mutual Funds में कुल ₹29,328 करोड़ का net inflow आया. जुलाई में यह आंकड़ा करीब ₹24,697 करोड़ था.

यानी एक महीने में Equity Mutual Funds में आने वाला पैसा करीब 19 फीसदी बढ़ा.

लेकिन इस बढ़े हुए निवेश में सबसे ज्यादा चर्चा Smallcap और Midcap Funds की है.

Smallcap Funds में करीब ₹8,000 करोड़ का inflow

अगस्त में Smallcap Funds में ₹7,973 करोड़ का inflow आया. जुलाई में यह आंकड़ा करीब ₹7,768 करोड़ था.

महीने-दर-महीने बढ़त भले ही बहुत ज्यादा नहीं है, लेकिन लंबे trend को देखें तो तस्वीर काफी अलग नजर आती है.

Smallcap Funds में inflow का trend:

  • जनवरी: ₹2,942 करोड़
  • मई: ₹4,946 करोड़
  • जून: ₹5,602 करोड़
  • जुलाई: ₹7,768 करोड़
  • अगस्त: ₹7,973 करोड़

यानी जनवरी के मुकाबले अगस्त में Smallcap Funds में आने वाला पैसा करीब 2.7 गुना हो गया.

Smallcap और Midcap में गया आधे से ज्यादा पैसा

अब इसमें Midcap Funds को भी जोड़ दें. अगस्त में Midcap Funds में करीब ₹6,989 करोड़ का inflow आया.

इस तरह दोनों categories में मिलाकर करीब ₹14,963 करोड़ का निवेश आया. यानी Equity Mutual Funds में आए कुल ₹29,328 करोड़ में से करीब 51 फीसदी पैसा Smallcap और Midcap Funds में गया.

सीधी भाषा में कहें तो Mutual Fund में आने वाले हर ₹100 में से करीब ₹51 इन दोनों categories में गए.

Largecap Funds से लगातार दूसरे महीने पैसा निकला

दूसरी तरफ Largecap Funds की तस्वीर बिल्कुल अलग है.

अगस्त में Largecap Funds से ₹1,147 करोड़ का net outflow हुआ. जुलाई में भी करीब ₹1,322 करोड़ बाहर निकले थे.

यानी Largecap Funds से लगातार दूसरे महीने पैसा निकला.

इसकी एक बड़ी वजह पिछले कुछ महीनों का performance gap हो सकता है. अगस्त तक Nifty Midcap 150 करीब 14 फीसदी और Nifty Smallcap 250 करीब 12 फीसदी चढ़ा, जबकि Nifty 100 में बढ़त करीब 2 फीसदी रही.

यानी जिस segment ने हाल में बेहतर performance दिया, निवेशकों का नया पैसा भी उसी दिशा में जाता दिख रहा है.

लेकिन क्या Largecap में मौके खत्म हो गए?

यहां एक जरूरी बात समझना बेहद जरूरी है. Smallcap और Midcap में ज्यादा inflow आने का मतलब यह नहीं है कि Largecap अब निवेश के लिए खराब हो गए हैं.

कुछ Experts का मानना है कि Largecap segment में कई कंपनियों की valuations अभी भी आकर्षक हैं. दूसरी तरफ Midcap और Smallcap की कुछ कंपनियां काफी ऊंचे P/E पर कारोबार कर रही हैं.

यानी निवेशकों का पैसा फिलहाल बेहतर performance के पीछे जा रहा है, लेकिन valuation का सवाल अभी भी बना हुआ है.

आम निवेशक को क्या करना चाहिए?

सिर्फ यह देखकर Smallcap में पैसा लगाना सही नहीं होगा कि दूसरे निवेशक वहां पैसा लगा रहे हैं. अगर आप Smallcap Funds में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो तीन चीजें जरूर देखें.

  • Portfolio में Smallcap का weight कितना है? पहले से ज्यादा exposure है तो सिर्फ तेजी देखकर allocation बढ़ाने की जरूरत नहीं.
  • Risk capacity कितनी है? Smallcap में उतार-चढ़ाव ज्यादा हो सकता है.
  • Investment horizon कितना लंबा है? लंबी अवधि के निवेशक volatility को बेहतर तरीके से handle कर सकते हैं.

इसलिए अगस्त का करीब ₹8,000 करोड़ का Smallcap inflow किसी के लिए तुरंत निवेश करने का signal नहीं है. यह सिर्फ इतना बताता है कि निवेशकों की पसंद बदल रही है.

पैसा Equity Market से बाहर नहीं जा रहा. फिलहाल उसका बड़ा हिस्सा Largecap से निकलकर Smallcap और Midcap की तरफ जाता दिख रहा है.