जून महीने के बिक्री आंकड़ों ने भारतीय ऑटो सेक्टर में फिर से अच्छी रफ्तार का संकेत दिया. बेहतर मांग, इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती हिस्सेदारी और कच्चे माल की कुछ नरम कीमतों के बीच ब्रोकरेज फर्म नोमुरा ने सेक्टर पर अपना पॉजिटिव रुख बरकरार रखा है.इसी माहौल में सोमवार के कारोबार में Mahindra&Mahindra और Ather Energy के शेयरों में तेजी देखी गई. रिपोर्ट ये भी बताती है कि कमर्शियल वाहन, ट्रैक्टर, पैसेंजर वाहन और दोपहिया जैसे कई हिस्सों में मांग बनी हुई है, हालांकि कुछ कंपनियों की बिक्री अनुमान से थोड़ी कमजोर रही.
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जून बिक्री में क्या रहा खास
नोमुरा के मुताबिक जून के दौरान ज्यादातर बड़े वाहन वर्गों में मांग मजबूत रही. खासकर मीडियम और हेवी कमर्शियल व्हीकल और ट्रैक्टर सेगमेंट ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया.ब्रोकरेज के अनुसार, कमर्शियल वाहनों की थोक बिक्री में सालाना आधार पर 24 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई. ट्रैक्टरों की थोक बिक्री 14 प्रतिशत बढ़ी. दोनों आंकड़े बाजार के अनुमान से बेहतर रहे.पैसेंजर व्हीकल और दोपहिया सेगमेंट में भी बढ़त दिखी. हालांकि पैसेंजर व्हीकल की थोक बिक्री अनुमान से थोड़ी कम रही.
रिटेल बिक्री से क्या संकेत मिले
वाहन डीलरों के संगठन FADA के ताजा आंकड़ों के मुताबिक जून में देशभर में कुल वाहन रिटेल बिक्री 25.57 लाख यूनिट रही. यह पिछले साल की तुलना में करीब 22 प्रतिशत ज्यादा है.
पैसेंजर वाहनों की बिक्री में करीब 29 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई
दोपहिया बिक्री में 21 प्रतिशत से ज्यादा का इजाफा दर्ज किया गया
तीनपहिया बिक्री भी दोहरे अंक की बढ़त के साथ मजबूत रही
इन आंकड़ों से यह संकेत मिलता है कि ग्राहकों की खरीदारी का रुझान फिलहाल मजबूत बना हुआ है
नोमुरा का कहना है कि भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग लगातार बढ़ रही है. ब्रोकरेज के मुताबिक बाजार अब एक अहम मोड़ पर पहुंच चुका है.जून में पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी बढ़कर 7.5 प्रतिशत हो गई. दोपहिया सेगमेंट में यह हिस्सेदारी 10.6 प्रतिशत तक पहुंच गई.ब्रोकरेज का मानना है कि जिन ऑटो कंपनियों की इलेक्ट्रिक वाहनों में मजबूत मौजूदगी नहीं होगी, उन्हें आगे चलकर निवेशकों की नजर में कमजोर माना जा सकता है.
मार्जिन पर दबाव बरकरार
हाल के महीनों में वैश्विक तनाव कुछ कम होने से स्टील और दूसरी धातुओं जैसी अहम चीजों की कीमतों में नरमी आई है. इससे ऑटो कंपनियों की लागत पर some राहत मिलने की उम्मीद है.हालांकि नोमुरा का कहना है कि जून तिमाही में कंपनियों के मुनाफे के मार्जिन पर दबाव पूरी तरह खत्म नहीं होगा. लागत घटने के बाद भी मुकाबला और दूसरे खर्च असर डाल सकते हैं.
Nomura की पसंद?
नोमुरा ने अपनी पसंदीदा ऑटो कंपनियों की सूची में महिंद्रा एंड महिंद्रा, हुंडई मोटर इंडिया, एथर एनर्जी और सोना बीएलडब्ल्यू प्रिसिजन फोर्जिंग्स को शामिल रखा है.
Tata Motors के कमर्शियल वाहन कारोबार का प्रदर्शन जून में अनुमान से बेहतर रहा
Ashok Leyland और M&M के ट्रैक्टर कारोबार ने भी उम्मीद से अच्छा प्रदर्शन किया
Maruti Suzuki, Eicher Motors, Hero MotoCorp की बिक्री ब्रोकरेज के अनुमान से थोड़ी कमजोर रही
आगे क्या देखना होगा.
जून के आंकड़े बताते हैं कि ग्रामीण मांग, कमर्शियल वाहन बाजार और इलेक्ट्रिक वाहन सेगमेंट में फिलहाल सकारात्मक रुझान बना हुआ है. अगर आने वाले महीनों में मांग मजबूत रहती है और कच्चे माल की कीमतें काबू में रहती हैं, तो ऑटो कंपनियों के प्रदर्शन को और सहारा मिल सकता है. हालांकि आगे निवेशकों की नजर कंपनियों की तिमाही कमाई और मुनाफे के मार्जिन पर रहेगी, जिससे सेक्टर की अगली दिशा तय हो सकती है.
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