Mutual Fund मार्केट में करोड़ों के घोटाले पर SEBI का बड़ा एक्शन, Axis MF के पूर्व डीलर पर 7 साल का बैन !

चिराग ठाकुर

• 02:34 PM • 25 Jul 2026

सेबी ने एक्सिस म्यूचुअल फंड फ्रंट रनिंग मामले में बड़ा आदेश दिया है. जांच में गोपनीय ट्रेड जानकारी लीक, 30.55 करोड़ के कथित मुनाफे और लंबी बाजार पाबंदी का खुलासा हुआ.

NewsTak
Google CTA

न्यूज़ हाइलाइट्स

SEBI का Axis MF Front Running Case में बड़ा एक्शन

₹30.55 करोड़ के कथित मुनाफे का खुलासा

3-7 साल के लिए आरोपियों पर लगा मार्केट बैन

शेयर बाजार में कुछ समय पहले सामने आए एक कथित Front Running मामले में अब मार्केट रेगुलेटर SEBI ने बड़ा फैसला सुनाया है. Axis Mutual Fund से जुड़े इस मामले में SEBI ने 146 पन्नों का अंतिम आदेश जारी किया है. रेगुलेटर ने कई लोगों पर जुर्माना लगाया है और कुछ आरोपियों को लंबे समय के लिए शेयर बाजार से बाहर कर दिया है. SEBI के आदेश के मुताबिक, आरोप है कि Mutual Fund के बड़े ट्रेड्स से जुड़ी गोपनीय जानकारी का इस्तेमाल कर पहले से शेयर खरीदे और बेचे गए. इसके जरिए कथित तौर पर करोड़ों रुपये का गैरकानूनी मुनाफा कमाया गया.

Read more!

इस पूरे मामले में Axis Mutual Fund के पूर्व Chief Dealer वीरेश जोशी का नाम सबसे प्रमुखता से सामने आया है. SEBI के अनुसार, उनके पास फंड के बड़े ट्रेड्स से जुड़ी ऐसी जानकारी होती थी, जो आम निवेशकों के पास उपलब्ध नहीं होती थी. आरोप है कि इसी जानकारी का इस्तेमाल कर एक नेटवर्क ने करोड़ों रुपये का फायदा उठाया.

SEBI Surveillance System ने पकड़ा संदिग्ध ट्रेडिंग पैटर्न

इस मामले की शुरुआत किसी बाहरी शिकायत से नहीं हुई थी. SEBI के Surveillance System ने Axis Mutual Fund के कुछ ट्रेड्स में असामान्य पैटर्न को नोटिस किया. इसके बाद सितंबर 2021 से मार्च 2022 के बीच हुए कई सौदों की जांच शुरू की गई. जांच के दौरान SEBI ने ट्रेडिंग रिकॉर्ड, कम्युनिकेशन डिटेल्स और अन्य जानकारियों का विश्लेषण किया. इसी प्रक्रिया में कथित तौर पर एक ऐसा नेटवर्क सामने आया, जो Mutual Fund के बड़े ऑर्डर आने से पहले ही उसी शेयर में पोजीशन ले रहा था. SEBI का कहना है कि यह सामान्य ट्रेडिंग नहीं थी, बल्कि गोपनीय जानकारी के आधार पर पहले से ट्रेड करने का मामला था.

क्या होता है Front Running?

Front Running शेयर बाजार में एक तरह की गैरकानूनी ट्रेडिंग मानी जाती है. इसे आसान भाषा में समझें तो मान लीजिए किसी बड़े Mutual Fund को किसी कंपनी के लाखों शेयर खरीदने हैं. इतनी बड़ी खरीदारी से अक्सर उस शेयर की कीमत पर असर पड़ सकता है.

अगर किसी व्यक्ति को पहले ही पता चल जाए कि कौन-सा शेयर खरीदा जाएगा, कितने शेयर खरीदे जाएंगे और ऑर्डर कब आएगा, तो वह व्यक्ति Mutual Fund के ऑर्डर से पहले ही उस शेयर को खरीद सकता है. इसके बाद जब बड़े संस्थागत निवेशक की खरीदारी बाजार में आती है और शेयर की कीमत बढ़ती है, तो वह व्यक्ति अपने शेयर बेचकर मुनाफा कमा सकता है. इसी प्रक्रिया को Front Running कहा जाता है और भारतीय बाजार में इसे गंभीर उल्लंघन माना जाता है.

आरोप है कि Axis Mutual Fund के ट्रेड्स की जानकारी लीक हुई

SEBI के मुताबिक, Axis Mutual Fund के पूर्व Chief Dealer वीरेश जोशी के पास फंड के बड़े ट्रेड्स की जानकारी रहती थी. आरोप है कि यह जानकारी दुबई में रहने वाले ट्रेडर प्रिजेश कुरानी तक पहुंचाई जाती थी. SEBI के अनुसार, दोनों के बीच Apple FaceTime और BOTIM जैसे ऐप्स के जरिए संपर्क होता था.

जांच में यह भी सामने आया कि कथित तौर पर दुबई से इस पूरे ऑपरेशन को संचालित किया जा रहा था. SEBI के अनुसार, प्रिजेश कुरानी ने भारत में अपने परिवार और करीबियों के कई ट्रेडिंग अकाउंट का इस्तेमाल किया. इन अकाउंट्स में उनकी पत्नी, मां, सास, भाई और परिवार से जुड़े अन्य लोगों के अकाउंट शामिल थे. इसके अलावा कुछ FPI अकाउंट्स का भी इस्तेमाल किए जाने का आरोप है. SEBI का कहना है कि कई अलग-अलग अकाउंट्स के जरिए ट्रेडिंग की गई, ताकि गतिविधियों को छिपाया जा सके.

Buy-Buy-Sell और Sell-Sell-Buy पैटर्न से हुआ फायदा

SEBI की जांच में ट्रेडिंग का एक खास पैटर्न सामने आया. आरोप है कि जब भी Axis Mutual Fund किसी शेयर में बड़ा Buy Order देने वाला होता था, उससे पहले कथित नेटवर्क उस शेयर को खरीद लेता था. इसके बाद जब Mutual Fund की खरीदारी बाजार में आती और शेयर की कीमत बढ़ती, तो नेटवर्क अपने शेयर बेच देता था. वहीं, अगर Mutual Fund किसी शेयर को बेचने वाला होता था, तो आरोप है कि ये लोग पहले ही शेयर बेच देते थे और बाद में कीमत गिरने पर वापस खरीद लेते थे. SEBI ने इस पैटर्न को Buy-Buy-Sell और Sell-Sell-Buy बताया है.

कथित मुनाफे को छिपाने के लिए Angadia नेटवर्क का इस्तेमाल

SEBI के मुताबिक, अलग-अलग ट्रेडिंग अकाउंट्स से कमाए गए मुनाफे को बाद में इकट्ठा किया जाता था. जांच में आरोप लगाया गया कि इस पैसे को आगे भेजने के लिए पारंपरिक Angadia नेटवर्क का इस्तेमाल किया गया. SEBI के अनुसार, इसका उद्देश्य कथित तौर पर पैसों के लेनदेन की ट्रेल को छिपाना था.

₹30.55 करोड़ के कथित मुनाफे का मामला

SEBI के आदेश के मुताबिक, इस पूरे नेटवर्क ने करीब ₹30.55 करोड़ का कथित गैरकानूनी मुनाफा कमाया. इसमें सबसे बड़ा हिस्सा Visa Capital Partners से जुड़ा बताया गया है, जहां करीब ₹14 करोड़ से ज्यादा के फायदे का आरोप है. SEBI ने पहले ही इस रकम को फ्रीज कर दिया था. अब आदेश के तहत इस रकम को Investor Protection and Education Fund यानी IPEF में ट्रांसफर किया जाएगा. इसके अलावा इस रकम पर 12 प्रतिशत सालाना ब्याज भी देने का आदेश दिया गया है.

SEBI की बड़ी कार्रवाई, कई सालों के लिए मार्केट से बाहर

इस मामले में SEBI ने कड़ी कार्रवाई की है. पूर्व Axis Mutual Fund Chief Dealer वीरेश जोशी पर ₹3 करोड़ का जुर्माना लगाया गया है. साथ ही उन्हें 7 साल के लिए शेयर बाजार से प्रतिबंधित कर दिया गया है. दुबई स्थित ट्रेडर प्रिजेश कुरानी पर ₹1 करोड़ का जुर्माना लगाया गया है और उन्हें भी 7 साल के लिए बाजार से बाहर किया गया है. इसके अलावा कुछ अन्य आरोपियों पर 5 साल और बाकी आरोपियों पर 3 साल का मार्केट बैन लगाया गया है.

वीरेश जोशी ने आरोपों से किया इनकार

हालांकि वीरेश जोशी ने SEBI के आरोपों को खारिज किया है. उनका कहना है कि वह सिर्फ Fund Managers के निर्देशों के आधार पर ट्रेड Execute करते थे. उनके मुताबिक कौन-सा शेयर खरीदना या बेचना है, इसका फैसला उनका नहीं होता था. उन्होंने WhatsApp चैट में इस्तेमाल किए गए "जादूगर" शब्द को भी खुद से जोड़ने से इनकार किया है. साथ ही उन्होंने SEBI की जांच प्रक्रिया और सबूतों पर सवाल उठाए हैं.

SEBI का संदेश, Insider Information के गलत इस्तेमाल पर होगी कार्रवाई

SEBI का कहना है कि यह फैसला किसी एक सबूत के आधार पर नहीं लिया गया है. रेगुलेटर ने Call Records, WhatsApp Chats, गवाहों के बयान, ट्रेडिंग पैटर्न और अन्य परिस्थितिजन्य सबूतों को एक साथ देखने के बाद कार्रवाई की है. यह मामला एक बार फिर बताता है कि शेयर बाजार में Insider Information का गलत इस्तेमाल कितना गंभीर अपराध माना जाता है. SEBI की कार्रवाई से साफ है कि बाजार की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए रेगुलेटर ऐसे मामलों में सख्त कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा.