सरकारी बैंक Bank of India ने जून तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं. बैंक के लिए यह तिमाही काफी अच्छी रही. मुनाफा बढ़ा, ब्याज से होने वाली कमाई बढ़ी, फंसे हुए कर्ज यानी NPA में कमी आई और बैंक का कारोबार भी तेजी से बढ़ा. कुल मिलाकर बैंक ने लगभग हर बड़े मोर्चे पर बेहतर प्रदर्शन किया है.
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36% बढ़ा बैंक का मुनाफा
अप्रैल से जून 2026 की तिमाही में Bank of India का शुद्ध मुनाफा बढ़कर 3,068 करोड़ रुपये हो गया. पिछले साल इसी तिमाही में बैंक ने 2,252 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था. यानी इस बार बैंक का मुनाफा करीब 36% बढ़ा है.
ब्याज से होने वाली कमाई भी बढ़ी
बैंक की सबसे बड़ी कमाई लोन पर मिलने वाले ब्याज से होती है. इसे नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) कहा जाता है.
इस तिमाही में बैंक की NII बढ़कर 6,833 करोड़ रुपये रही, जबकि पिछले साल यह 6,068 करोड़ रुपये थी. यानी इसमें करीब 12.6% की बढ़ोतरी हुई है. इसका मतलब है कि बैंक की मुख्य बैंकिंग गतिविधियों से कमाई पहले के मुकाबले बेहतर रही.
फंसे हुए कर्ज में आई बड़ी कमी
बैंक के लिए सबसे राहत की बात यह रही कि उसके खराब कर्ज यानी NPA में और सुधार हुआ है.
बैंक का ग्रॉस NPA घटकर 1.81% रह गया, जबकि नेट NPA भी घटकर 0.51% पर आ गया.
सीधी भाषा में समझें तो बैंक के ऐसे लोन, जिनकी वसूली में दिक्कत होती है, उनका अनुपात पहले के मुकाबले कम हुआ है. यह किसी भी बैंक के लिए अच्छी खबर मानी जाती है.
जमा भी बढ़ा, कर्ज भी बढ़ा
बैंक के पास ग्राहकों की जमा रकम भी बढ़ी है. जून 2026 तक बैंक का ग्लोबल डिपॉजिट बढ़कर 9.57 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया. एक साल पहले यह 8.33 लाख करोड़ रुपये था. यानी इसमें करीब 15% की बढ़ोतरी हुई. वहीं बैंक ने ज्यादा लोन भी बांटे. उसका ग्लोबल एडवांस बढ़कर 7.97 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल 6.72 लाख करोड़ रुपये था. यानी कर्ज वितरण में करीब 19% की बढ़ोतरी दर्ज की गई.
बैंक की वित्तीय स्थिति भी मजबूत
बैंक का रिटर्न ऑन एसेट (RoA) बढ़कर 1.01% हो गया है. आसान शब्दों में कहें तो बैंक अपने संसाधनों का पहले के मुकाबले बेहतर इस्तेमाल करके कमाई कर रहा है. इसके अलावा बैंक का कॉमन इक्विटी टियर-1 (CET-1) Ratio 15.97% रहा, जो यह दिखाता है कि बैंक के पास भविष्य के जोखिमों से निपटने के लिए मजबूत पूंजी मौजूद है.
जून तिमाही के नतीजे क्या कहते हैं?
जून तिमाही के नतीजे बताते हैं कि Bank of India की कमाई और कारोबार दोनों में अच्छी बढ़त देखने को मिली है. मुनाफा बढ़ा है, ब्याज से आय में सुधार हुआ है, खराब कर्ज घटा है और डिपॉजिट व लोन दोनों तेजी से बढ़े हैं. ऐसे में बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत मजबूत प्रदर्शन के साथ की है.
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