विदेशी ब्रोकरेज Bernstein का मानना है कि भारतीय शेयर बाजार में इस साल की शुरुआत में जो सबसे सस्ते वैल्यूएशन का दौर था, वह अब पीछे छूट चुका है. हालांकि अच्छी बात यह है कि बाजार अभी भी बहुत महंगा नहीं हुआ है. ब्रोकरेज के मुताबिक, निफ्टी में अभी करीब 8-9% तक और तेजी की गुंजाइश है, लेकिन इसके बाद बाजार में आगे की कमाई सीमित हो सकती है.
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2026 में उतार-चढ़ाव
Bernstein ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि 2026 अब तक भारतीय बाजार के लिए काफी उतार-चढ़ाव वाला साल रहा. मार्च के अंत तक निफ्टी करीब 14.6% टूट चुका था. उस समय ब्रोकरेज ने बाजार के वैल्यूएशन को पिछले कई वर्षों का सबसे आकर्षक स्तर बताया था. इसके बाद पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और निवेशकों का भरोसा लौटने से बाजार में सुधार आया. मार्च के निचले स्तर से निफ्टी करीब 7.8% रिकवर कर चुका है.
अभी न सस्ता, न बहुत महंगा
Bernstein के अनुसार मौजूदा समय में भारतीय बाजार न तो बहुत सस्ता है और न ही बहुत महंगा. ब्रोकरेज का कहना है कि मौजूदा स्तर से करीब 8-9% की और तेजी संभव है. लेकिन अगर इसके बाद भी बाजार लगातार चढ़ता है तो वैल्यूएशन महंगे होने लगेंगे और निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत होगी.
बड़ी कंपनियों के शेयरों पर बढ़ा भरोसा
रिपोर्ट में कहा गया है कि आने वाले महीनों में लार्जकैप शेयर यानी बड़ी कंपनियों के शेयर, बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं
- विदेशी निवेशकों (FII) की भारतीय बाजार में धीरे-धीरे वापसी
- घरेलू निवेशकों का स्मॉलकैप और मिडकैप से कुछ पैसा निकालकर लार्जकैप शेयरों में लगाना
Bernstein का कहना है कि अगर लार्जकैप शेयर मजबूत होंगे तो उसका असर स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों के प्रदर्शन पर पड़ सकता है.
स्मॉलकैप और मिडकैप महंगे दिख रहे
रिपोर्ट के मुताबिक पिछले कई महीनों में स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों ने लार्जकैप की तुलना में कहीं बेहतर रिटर्न दिया है. इसी वजह से इनका वैल्यूएशन भी काफी बढ़ गया है
- मिडकैप शेयर अपने ऐतिहासिक औसत से काफी महंगे स्तर पर कारोबार कर रहे हैं
- स्मॉलकैप शेयरों का वैल्यूएशन भी लंबे समय के औसत से ऊपर पहुंच चुका है
आईटी और हेल्थकेयर
हाल की गिरावट के बाद कई आईटी कंपनियों के वैल्यूएशन आकर्षक हो गए हैं. हेल्थकेयर सेक्टर में भी कई अच्छे निवेश के अवसर दिख रहे हैं.
ऑटो
ऑटो सेक्टर को लेकर Bernstein का नजरिया मिला-जुला है. कंपनी Mahindra & Mahindra को पसंद करती है, लेकिन ग्रामीण मांग और पूंजीगत खर्च से जुड़े जोखिमों पर भी नजर रखने की सलाह दी है.
सीमेंट
रिपोर्ट के मुताबिक फिलहाल सबसे महंगे सेक्टरों में सीमेंट शामिल है. इसके वैल्यूएशन ऐतिहासिक रूप से ऊंचे स्तर पर पहुंच चुके हैं.
एनर्जी
एनर्जी सेक्टर में भी वैल्यूएशन काफी बढ़े हैं. हालांकि अगर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आती है तो इस सेक्टर की तस्वीर तेजी से बदल सकती है.
निवेशकों के लिए क्या है संदेश?
Bernstein का मानना है कि भारतीय शेयर बाजार में अभी भी तेजी की कुछ गुंजाइश बनी हुई है, लेकिन अब निवेशकों को पूरे बाजार की बजाय चुनिंदा शेयरों और सेक्टरों पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए.ब्रोकरेज के मुताबिक आने वाले समय में लार्जकैप शेयरों का प्रदर्शन स्मॉलकैप और मिडकैप की तुलना में बेहतर रह सकता है. इसलिए निवेशकों को केवल तेजी का पीछा करने के बजाय कंपनियों के वैल्यूएशन और कमाई की संभावनाओं को देखकर निवेश करना चाहिए.
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