Cheapest Recharge Plan: आज के दौर में दो या तीन सिम कार्ड रखना अब पहले जैसा आसान नहीं रह गया है. एक समय था जब लोग अलग-अलग नंबर कॉल्स, इंटरनेट और ओटीपी के लिए रखते थे, लेकिन अब सिम कार्ड को केवल चालू रखने का खर्च ही हजारों में पहुंचने लगा है. अगर आपके पास कोई सेकेंडरी सिम है जिसका उपयोग आप केवल बैंक ओटीपी, आधार या व्हाट्सएप बैकअप के लिए करते हैं, तो उसे एक्टिव रखने के लिए भी अब हर महीने करीब 200 रुपये तक खर्च करने पड़ सकते हैं.
ADVERTISEMENT
एयरटेल और वीआई के न्यूनतम रिचार्ज प्लान
निजी टेलीकॉम कंपनियों की बात करें तो एयरटेल ने अपने न्यूनतम रिचार्ज की सीमा बढ़ा दी है. एयरटेल अब 199 रुपये से नीचे का कोई भी रेगुलर प्लान ऑफर नहीं करता है. इस प्लान में ग्राहकों को 28 दिनों की वैधता के साथ अनलिमिटेड कॉल्स, 2 जीबी डेटा और 300 एसएमएस मिलते हैं. महत्वपूर्ण बात यह है कि रिचार्ज खत्म होने के 7 से 15 दिनों के भीतर ही इनकमिंग कॉल्स बंद होने का खतरा रहता है. ठीक इसी तरह वोडाफोन आइडिया (Vi) की स्थिति भी एयरटेल जैसी ही है. वीआई का सबसे सस्ता प्लान भी 199 रुपये का है और इसके फायदे भी लगभग एयरटेल के समान ही हैं.
जियो का सबसे सस्ता विकल्प
प्राइवेट प्लेयर्स में रिलायंस जियो को अभी भी सबसे किफायती माना जा रहा है, हालांकि अंतर बहुत ज्यादा नहीं है. जियो का न्यूनतम प्लान 189 रुपये का है, जो एयरटेल और वीआई के मुकाबले थोड़ा सस्ता है. इस प्लान के तहत यूजर्स को 28 दिनों की वैधता, अनलिमिटेड कॉलिंग, 2 जीबी डेटा और 300 एसएमएस की सुविधा दी जाती है. हालांकि यह प्राइवेट कंपनियों में सबसे कम है, फिर भी सेकेंडरी सिम यूजर्स के लिए यह बोझ जैसा ही है.
BSNL का किफायती दांव
अगर आप केवल ओटीपी और सिम को जिंदा रखने के लिए सबसे सस्ता विकल्प तलाश रहे हैं, तो सरकारी टेलीकॉम कंपनी बीएसएनएल अभी भी बाकी कंपनियों से काफी आगे है. बीएसएनएल का न्यूनतम रिचार्ज करीब 107-108 रुपये का है. इसमें सबसे बड़ी राहत इसकी वैधता को लेकर है, जो पूरे 35 दिनों की मिलती है. हालांकि, इसमें प्राइवेट कंपनियों की तरह अनलिमिटेड कॉलिंग नहीं मिलती, बल्कि 200 मिनट कॉल्स और 3 जीबी डेटा दिया जाता है. बजट सिम यूजर्स के लिए यह वर्तमान में सबसे सस्ता विकल्प बनकर उभरा है.
आखिर क्यों महंगे हुए रिचार्ज प्लान?
टेलीकॉम सेक्टर में मिनिमम रिचार्ज महंगे होने के पीछे कई बड़े कारण हैं. एक समय था जब कंपनियां ग्राहकों को जोड़ने के लिए मुफ्त डेटा और सस्ती कॉलिंग दे रही थीं, जिससे कई कंपनियां बाजार से बाहर हो गईं या कर्ज में डूब गईं. अब कंपनियों का फोकस सिर्फ यूजर्स बढ़ाने पर नहीं, बल्कि हर यूजर से होने वाली औसत कमाई को बढ़ाने पर है. इसके अलावा 4जी और 5जी नेटवर्क अपग्रेड, स्पेक्ट्रम नीलामी में लगा भारी पैसा और नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर पर हुए हजारों करोड़ के खर्च की भरपाई के लिए कंपनियां अब हर एक्टिव सिम से न्यूनतम राजस्व सुनिश्चित करना चाहती हैं.
उपभोक्ताओं के सामने चुनाव की चुनौती
वर्तमान में टेलीकॉम बाजार दो हिस्सों में बंट गया है. एक तरफ जियो, एयरटेल और वीआई जैसी कंपनियां हैं जो बेहतर स्पीड, कवरेज और 5जी का अनुभव देने के नाम पर ज्यादा पैसे वसूल रही हैं. दूसरी तरफ बीएसएनएल है जो सस्ता विकल्प तो दे रहा है, लेकिन उसकी नेटवर्क क्वालिटी और 4जी पहुंच को लेकर अभी भी सवाल बने हुए हैं. ऐसे में उपभोक्ताओं को अब यह तय करना है कि वे बेहतर नेटवर्क के लिए अधिक भुगतान करेंगे या सेकेंडरी सिम के लिए सबसे सस्ते विकल्प को चुनेंगे.
BIZ DEAL: Jio के धांसू प्लान, 200 रुपये से कम में मिलेगा डेटा और OTT का मजा
ADVERTISEMENT


