BIZ DEAL: अपना नया आशियाना खरीदना हर किसी का सपना होता है, लेकिन इस सपने को पूरा करने के लिए लिया गया 'होम लोन' आपकी जिंदगी का सबसे बड़ा वित्तीय फैसला हो सकता है. अधिकांश लोग सिर्फ ब्याज दर देखकर बैंक चुन लेते हैं, जबकि होम लोन केवल एक ईएमआई (EMI) नहीं, बल्कि 20-25 साल का लंबा कमिटमेंट है. याद रखिए, ब्याज दर में महज 0.50% का अंतर भी आपकी जेब पर लाखों रुपये का अतिरिक्त बोझ डाल सकता है.
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ब्याज दर का गणित: छोटी चूक, बड़ा नुकसान
इसे एक आसान उदाहरण से समझते हैं. यदि आप 7.5% की दर पर लोन लेते हैं और आपकी ईएमआई ₹40,000 बनती है, तो दर बढ़कर 8% होते ही यही ईएमआई ₹42,000 हो जाएगी. यानी हर महीने ₹2,000 ज्यादा और पूरे लोन काल के दौरान करीब 4 से 5 लाख रुपये का अतिरिक्त भुगतान. इसलिए लोन लेने से पहले पूरी रणनीति बनाना जरूरी है.
सरकारी बनाम प्राइवेट बैंक: कहां है फायदा?
होम लोन की दरें मुख्य रूप से आरबीआई (RBI) के रेपो रेट पर टिकी होती हैं, जो वर्तमान में 5.25% पर स्थिर है. हालांकि, बैंक आपका सिबिल स्कोर और आय देखकर अपनी दरें तय करते हैं.
सरकारी बैंक: एसबीआई (7.25% - 8.70%), बैंक ऑफ बड़ौदा (7.20% - 9.25%) और यूनियन बैंक (7.15% - 9.50%) जैसे बैंक तुलनात्मक रूप से सस्ती दरें ऑफर कर रहे हैं. यहां ब्याज कम है, लेकिन कागजी कार्रवाई और अप्रूवल में समय लग सकता है.
प्राइवेट बैंक: आईसीआईसीआई (7.45% से शुरू) और एचडीएफसी (7.75% से शुरू) जैसे बैंक डिजिटल प्रोसेस और फास्ट अप्रूवल देते हैं, लेकिन इनकी दरें थोड़ी अधिक हो सकती हैं.
हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां: एलआईसी हाउसिंग और बजाज हाउसिंग जैसी कंपनियां 7.15% से शुरुआत कर रही हैं. ये उन लोगों के लिए बेहतर विकल्प हैं जिन्हें बैंक से लोन मिलने में दिक्कत आ रही है.
छिपे हुए खर्चों से बचें
लोन के लिए सिर्फ आकर्षक ब्याज दर न देखें. लोन लेते समय प्रोसेसिंग फीस, प्री-पेमेंट चार्जेस और लीगल फीस की जांच जरूर करें. कई बार कम ब्याज दर दिखाने वाले बैंक इन शुल्कों के जरिए आपसे ज्यादा वसूली कर लेते हैं.
सस्ता होम लोन पाने के 4 गोल्डन टिप्स
सिबिल स्कोर: अपना स्कोर 800 से ऊपर रखें, इससे मोलभाव करना आसान होगा.
डाउन पेमेंट: कोशिश करें कि कम से कम 20% भुगतान खुद करें.
अवधि (Tenure): अगर बजट अनुमति दे, तो कम समय का लोन चुनें ताकि ब्याज कम देना पड़े.
तुलना करें: किसी एक बैंक पर भरोसा करने के बजाय कम से कम 3-4 विकल्पों की तुलना करें.
7 से 9 अप्रैल के बीच आरबीआई की बैठक होने वाली है, जिसका सीधा असर होम लोन की दरों पर पड़ सकता है. कोई भी फैसला लेने से पहले बैंक की वेबसाइट पर मौजूदा दरों की पुष्टि अवश्य कर लें.
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