Nifty 50 Change: BSE शेयर में तेजी, Nifty 50 में मिल सकती है बड़ी एंट्री!

चिराग ठाकुर

10 Aug 2026 (अपडेटेड: Aug 10 2026 11:50 AM)

नुवामा रिपोर्ट के बाद बीएसई शेयर में तेजी दिखी. रिपोर्ट में सितंबर 2026 की निफ्टी 50 रीबैलेंसिंग में बीएसई की संभावित एंट्री और बड़े फंड फ्लो का अनुमान है.

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न्यूज़ हाइलाइट्स

सोमवार को बीएसई शेयर पहले 1.5 प्रतिशत चढ़ा, फिर करीब 3 प्रतिशत ऊपर गया

नुवामा के अनुसार फ्री फ्लोट कैप बीएसई की दावेदारी मजबूत कर रहा

अंतिम घोषणा 10 अगस्त को बाजार बंद होने के बाद संभव

BSE Limited के शेयरों में सोमवार को तेजी देखने को मिली. इसकी बड़ी वजह है ब्रोकरेज फर्म Nuvama की एक रिपोर्ट, जिसमें अनुमान लगाया गया है कि सितंबर 2026 में होने वाले Nifty 50 के रीबैलेंसिंग में BSE को जगह मिल सकती है. अगर ऐसा होता है, तो BSE की जगह इंडेक्स में शामिल होने वाला शेयर Wipro हो सकता है.

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सोमवार को शुरुआती कारोबार में BSE के शेयर करीब 1.5% तक चढ़े. हालांकि बाद में तेजी और बढ़ी और खबर लिखे जाने तक शेयर करीब 3.3% ऊपर कारोबार करता नजर आया.

क्यों चर्चा में है BSE की Nifty 50 एंट्री

Nuvama के मुताबिक BSE इस समय Nifty Midcap 150 से Nifty 100 की तरफ बढ़ रहा है. लेकिन कंपनी का फ्री-फ्लोट मार्केट कैप इतना बड़ा हो चुका है कि वह Nifty 50 में शामिल होने के जरूरी मानकों को पूरा करता दिखाई दे रहा है.

यानी आसान भाषा में समझें तो. BSE का फ्री-फ्लोट मार्केट कैप मजबूत है. स्टॉक की मार्केट रैंकिंग में लगातार सुधार हुआ है. इंडेक्स में शामिल होने की मौजूदा पात्रता के लिहाज से BSE मजबूत दावेदार बन गया है. Nuvama को लगता है कि मौजूदा नियमों के तहत BSE की Nifty 50 में एंट्री की संभावना काफी ज्यादा है.

Wipro की जगह BSE को मिल सकती है जगह

Nuvama का अनुमान है कि सितंबर 2026 के रीबैलेंसिंग में Wipro को Nifty 50 से बाहर किया जा सकता है और उसकी जगह BSE को शामिल किया जा सकता है. हालांकि यह अभी अंतिम फैसला नहीं है. NSE Indices की ओर से रीबैलेंसिंग से जुड़े बदलावों की घोषणा 10 अगस्त को बाजार बंद होने के बाद होने की उम्मीद है. नए बदलाव 30 सितंबर 2026 से लागू किए जा सकते हैं.

लेकिन यहां एक और दिलचस्प बात है. अगर Nifty Indices Committee आज इंडेक्स की मौजूदा मेथडोलॉजी में कोई बदलाव करती है, तो BSE की जगह TVS Motor भी संभावित उम्मीदवार बन सकता है. वहीं अगर मौजूदा नियमों में बदलाव नहीं होता है, तो Nuvama के मुताबिक BSE का दावा काफी मजबूत है.

BSE को Nifty 50 में शामिल होने से क्या फायदा

Nifty 50 में एंट्री सिर्फ प्रतिष्ठा का मामला नहीं है. इसके साथ बड़ी मात्रा में पैसिव निवेश भी जुड़ा होता है. Nuvama के अनुमान के मुताबिक BSE के Nifty 50 में शामिल होने पर करीब 741 मिलियन डॉलर यानी लगभग 6,500 करोड़ रुपये का संभावित इनफ्लो आ सकता है.

वहीं दूसरी तरफ Wipro के इंडेक्स से बाहर होने पर करीब 246 मिलियन डॉलर यानी 2,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का आउटफ्लो होने का अनुमान है. इसलिए निवेशकों की नजर सिर्फ BSE की संभावित एंट्री पर नहीं, बल्कि इंडेक्स रीबैलेंसिंग से होने वाले संभावित फंड फ्लो पर भी है.

सिर्फ Nifty 50 ही नहीं, इन इंडेक्स में भी बदलाव

Nuvama ने Nifty Next 50 को लेकर भी कई संभावित बदलाव बताए हैं. इसके मुताबिक Wipro, Vedanta Aluminium, Hitachi Energy, Vodafone Idea, Polycab और BHEL जैसे शेयरों की इसमें एंट्री हो सकती है. वहीं Indian Hotels, REC, United Spirits, Shree Cement, Lodha और Mazagon Dock जैसे शेयर बाहर हो सकते हैं.

इसके अलावा Nifty 500 में Vedanta Aluminium, Cupid, Embassy REIT और TD Power Systems की एंट्री की संभावना जताई गई है.

Smallcap इंडेक्स में भी बड़ा फेरबदल

Smallcap 250, Smallcap 100 और Smallcap 50 जैसे इंडेक्स में भी कई बदलाव संभव हैं. संभावित नए नामों में Jubilant FoodWorks, Tata Elxsi, Exide Industries, LIC Housing Finance और KIMS शामिल हैं. वहीं Piramal Finance, Poonawalla Fincorp और Aster DM Healthcare जैसे शेयरों के कई स्मॉलकैप इंडेक्स से बाहर होने का अनुमान है.

लेकिन एक बड़ा रिस्क भी है

Nuvama ने अपने अनुमान के साथ दो अहम जोखिम भी बताए हैं. पहला, NSE Indices रीबैलेंसिंग की मौजूदा मेथडोलॉजी में बदलाव कर सकता है. दूसरा, कट-ऑफ डेट से पहले कंपनियों के फ्री-फ्लोट फैक्टर में बड़ा बदलाव हो सकता है. इसलिए BSE की Nifty 50 एंट्री अभी पक्की नहीं मानी जा सकती. असली तस्वीर 10 अगस्त को बाजार बंद होने के बाद सामने आने वाले ऐलान से साफ होगी.