7 new high speed rail corridors: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में पेश हुए केंद्रीय बजट 2026-27 में रेलवे के लिए एक ऐतिहासिक घोषणा की है. सरकार ने देश के प्रमुख शहरों को जोड़ने के लिए 7 नए हाईस्पीड रेल कॉरिडोर बनाने का फैसला लिया है.
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क्या है सरकार का प्लान?
वित्त मंत्री ने इन हाईस्पीड कॉरिडोर को 'ग्रोथ कनेक्टर्स' का नाम दिया है. इसका मतलब है कि ये कॉरिडोर देश की आर्थिक तरक्की में बड़ी भूमिका निभाएंगे. सरकार का उद्देश्य है कि लोगों को सुरक्षित, तेज और प्रदूषण मुक्त यात्रा का विकल्प मिले. इन प्रोजेक्ट्स के जरिए देश के बड़े आईटी हब, धार्मिक पर्यटन केंद्रों और व्यापारिक शहरों को आपस में जोड़ा जाएगा.
ये हैं वे 7 रूट जहां दौड़ेगी हाईस्पीड ट्रेन
1. दिल्ली-वाराणसी: राजधानी से शिव की नगरी वाराणसी का सफर अब कुछ ही घंटों का रह जाएगा.
2. मुंबई-पुणे: महाराष्ट्र के इन दो प्रमुख केंद्रों के बीच यात्रा और तेज होगी.
3. पुणे-हैदराबाद: महाराष्ट्र और तेलंगाना के बीच कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी.
4. हैदराबाद-चेन्नई: दक्षिण भारत के दो बड़े महानगर आपस में जुड़ेंगे.
5. हैदराबाद-बेंगलुरु: दो बड़े आईटी शहरों के बीच सफर अब सुगम होगा.
6. चेन्नई-बेंगलुरु: कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच व्यापारिक गतिविधियों को रफ्तार मिलेगी.
7. वाराणसी-सिलीगुड़ी: उत्तर प्रदेश से लेकर बंगाल और उत्तर-पूर्वी राज्यों तक पहुंच आसान होगी.
तरक्की को मिलेगी नई रफ्तार
वित्त मंत्री ने बजट भाषण में बताया कि सरकार का पूरा फोकस बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को मजबूत करने पर है. फिलहाल मुंबई-अहमदाबाद के बीच पहली बुलेट ट्रेन परियोजना पर काम चल रहा है, लेकिन इन 7 नए कॉरिडोर के आने से भारत का रेल नेटवर्क पूरी तरह आधुनिक हो जाएगा. इससे न केवल समय बचेगा बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे.
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