Gold Price : चीन ने सोने में कर दिया बड़ा खेल, WGC की रिपोर्ट ने उड़ा दिए सबसे होश!

सौरभ दीक्षित

• 02:26 PM • 15 Jul 2026

चीन में जून 2026 के दौरान गोल्ड ईटीएफ से भारी निकासी हुई, लेकिन केंद्रीय बैंक ने खरीद जारी रखी. जानिए इसका सोना, चांदी और बाजार की चाल पर क्या असर पड़ सकता है.

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न्यूज़ हाइलाइट्स

जून में चीन के सोना फंडों से 15 अरब युआन निकले

इन फंडों की कुल संपत्ति घटकर 243 अरब युआन रह गई

शंघाई फ्यूचर्स में कारोबार रहा, लेकिन खुले सौदे सालाना आधार पर घटे

चीन के सोना बाजार से जुड़ी ताजा रिपोर्ट ने कीमतों की चाल पर बड़ा सवाल खड़ा किया है. जून 2026 में चीन के गोल्ड ईटीएफ से रिकॉर्ड निकासी हुई, जबकि चीन का केंद्रीय बैंक लगातार सोना खरीदता रहा. इसी बीच 15 जुलाई को भारतीय बाजार में भी सोना और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट दिखी.

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वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की रिपोर्ट के मुताबिक तस्वीर एक ही दिशा की नहीं है. जून का महीना कमजोर रहा, लेकिन 2026 की पहली छमाही में निवेशकों का भरोसा पूरी तरह नहीं टूटा. रिपोर्ट में कीमत, निवेश, फ्यूचर्स कारोबार, केंद्रीय बैंक की खरीद और आयात, सभी मोर्चों पर बड़े बदलाव दर्ज किए गए हैं.

कीमतों में कितनी गिरावट आई

15 जुलाई को दोपहर करीब 1 बजे एमसीएक्स पर 5 अगस्त 2026 डिलीवरी वाला सोना 1000 रुपये से ज्यादा टूटकर 1,41,788 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था.4 सितंबर 2026 डिलीवरी वाली चांदी 2200 रुपये से ज्यादा गिरकर 2,20,901 रुपये प्रति किलो पर कारोबार कर रही थी.

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के चीन प्रमुख रे जिया के मुताबिक जून 2026 सोने के लिए मुश्किल महीना रहा. रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका के नए फेड चेयरमैन केविन वार्श ने जून की नीति बैठक में सख्त रुख दिखाया. इससे अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ और बॉन्ड यील्ड बढ़ी. ऐसे माहौल में सोने में निवेश का आकर्षण कम हो जाता है.

रिपोर्ट के मुताबिक इसी वजह से जून में अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत करीब 11 फीसदी गिर गई. शंघाई बाजार में भी सोना लगभग 11 फीसदी सस्ता हुआ. जनवरी से जून तक की पहली छमाही में अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर के हिसाब से सोना 8 फीसदी नीचे रहा, जबकि चीन में युआन मजबूत रहने से स्थानीय बाजार में कीमत 10 फीसदी तक गिर गई.

गोल्ड ईटीएफ से रिकॉर्ड निकासी

रिपोर्ट के अनुसार जून में चीन के गोल्ड ईटीएफ से करीब 15 अरब युआन, यानी लगभग 2.2 अरब डॉलर निकाले गए. इसे चीन के इतिहास में एक महीने का सबसे बड़ा आउटफ्लो बताया गया है. सोने की कीमत में गिरावट और निकासी के असर से इन फंडों की कुल संपत्ति घटकर 243 अरब युआन, यानी करीब 36 अरब डॉलर रह गई. यह दिसंबर 2025 के बाद का सबसे निचला स्तर है.

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ईटीएफ में रखा गया सोना 17 टन घटकर 277 टन रह गया. जून में गिरावट की एक वजह यह भी रही कि कई निवेशकों का ध्यान शेयर बाजार की तरफ चला गया. नए ट्रेडिंग खाते खुले और इक्विटी में दिलचस्पी बढ़ी.

रे जिया के अनुसार जून कमजोर रहा, फिर भी जनवरी से जून 2026 के बीच चीन के गोल्ड ईटीएफ में 40 अरब युआन, यानी करीब 5.6 अरब डॉलर का शुद्ध निवेश आया. यह रिकॉर्ड नहीं है, लेकिन पहली छमाही के लिहाज से दूसरी सबसे मजबूत बढ़त है. इसी अवधि में ईटीएफ के लिए 29 टन सोने की मांग दर्ज की गई.

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल का कहना है कि दुनिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, आर्थिक अनिश्चितता और चीन के केंद्रीय बैंक की लगातार खरीद ने निवेशकों का भरोसा बनाए रखा.

फ्यूचर्स बाजार में कारोबार कैसा रहा

रिपोर्ट के मुताबिक शंघाई गोल्ड फ्यूचर्स में जून के दौरान औसतन 305 टन प्रतिदिन का कारोबार हुआ. यह 2025 के मुकाबले कम था, लेकिन पिछले 5 साल के औसत 265 टन प्रतिदिन से अब भी ज्यादा रहा. पहली छमाही में औसतन 386 टन प्रतिदिन का कारोबार हुआ, जिससे संकेत मिलता है कि उतार-चढ़ाव के दौर में भी सोना जोखिम से बचाव का जरिया बना हुआ है.

हालांकि जून के आखिर तक गोल्ड फ्यूचर्स का ओपन इंटरेस्ट, यानी खुले सौदे, 274 टन पर आ गया. यह मई के मुकाबले 8 फीसदी और पिछले साल के मुकाबले 13 फीसदी कम था.

चीन का केंद्रीय बैंक लगातार खरीद रहा है

रिपोर्ट के अनुसार पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना ने जून में 15 टन सोना खरीदा. यह अक्टूबर 2023 के बाद सबसे बड़ी मासिक खरीद है. इसके साथ चीन ने लगातार 20वें महीने अपने गोल्ड रिजर्व में बढ़ोतरी की है, जिसे नया रिकॉर्ड बताया गया है.

अब चीन के पास कुल 2,346 टन सोना है, जो उसके कुल विदेशी मुद्रा भंडार का करीब 8 फीसदी है. सिर्फ 2026 की पहली छमाही में केंद्रीय बैंक ने 40 टन सोना रिजर्व में जोड़ा. पिछले 20 महीनों में कुल खरीद 82 टन तक पहुंच चुकी है.

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल का कहना है कि बढ़ते वैश्विक तनाव, व्यापार से जुड़ी अनिश्चितता और वित्तीय बाजारों के उतार-चढ़ाव के बीच केंद्रीय बैंक सोने को सुरक्षित संपत्ति मान रहे हैं.

आयात में क्या हुआ

मई 2026 में चीन ने 151 टन सोना आयात किया. यह अप्रैल के मुकाबले 6 टन कम था. रिपोर्ट के मुताबिक इसकी वजह थोक मांग में कमजोरी रही. हालांकि पिछले साल की तुलना में आयात ज्यादा रहा, क्योंकि चीन में सोने के दाम अंतरराष्ट्रीय बाजार के मुकाबले बेहतर बने हुए थे.

आगे क्या संकेत हैं

रे जिया के मुताबिक अगर सोने की कीमत स्थिर रहती है तो बाजार को कुछ राहत मिल सकती है. गहनों की बिक्री फिलहाल कमजोर रहने की उम्मीद है, क्योंकि यह ऑफ सीजन का समय है. वहीं आगे निवेश की दिशा इस बात पर निर्भर करेगी कि सोने की कीमत किस तरफ जाती है और चीन का शेयर बाजार कितना मजबूत रहता है.

कुल मिलाकर जून का महीना चीन के गोल्ड ईटीएफ के लिए बहुत कमजोर रहा, लेकिन 2026 की पहली छमाही बताती है कि सोने पर भरोसा पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है. एक तरफ निवेशकों ने जून में पैसा निकाला, तो दूसरी तरफ केंद्रीय बैंक की खरीद जारी रही. यही वजह है कि आने वाले महीनों में चीन के सोना बाजार की चाल पर नजर बनी रहेगी.