IT Stocks में बड़ा उलटफेर! TCS-Infosys पर CLSA सतर्क, Coforge-Persistent पर भरोसा

संदीप शर्मा

• 12:15 PM • 19 Aug 2026

एआई चिंता के बीच सीएलएसए ने बड़ी आईटी कंपनियों पर सतर्क राय दी, लेकिन कोफोर्ज और पर्सिस्टेंट जैसी मिड टियर कंपनियों पर भरोसा अब भी बरकरार रखा.

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न्यूज़ हाइलाइट्स

CLSA ने TCS, Infosys और Tech Mahindra की रेटिंग घटाकर ‘Hold’ की

Wipro और Mphasis पर ‘Underperform’ रेटिंग, Wipro का टारगेट भी घटाया

TCS और Infosys के टारगेट प्राइस में बढ़ोतरी, लेकिन तेजी की गुंजाइश सीमित

AI को लेकर IT सेक्टर में बड़ी चिंता, बदलाव का असर लंबी अवधि में दिखेगा

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI को लेकर बढ़ती चिंता के बीच भारतीय IT कंपनियों के शेयरों पर दबाव बना हुआ है. इसी बीच ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म CLSA ने भारतीय IT सेक्टर पर अपनी ताजा रिपोर्ट जारी की है. CLSA ने कुछ बड़ी IT कंपनियों की रेटिंग घटाई है, हालांकि मिडकैप IT कंपनियों को लेकर ब्रोकरेज का नजरिया अभी भी मजबूत बना हुआ है.CLSA का मानना है कि AI से जुड़े बदलावों का असर पारंपरिक IT सर्विसेज बिजनेस पर पड़ सकता है. 

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TCS और Infosys पर CLSA की राय?

CLSA ने Infosys का टारगेट प्राइस 1,109 रुपये से बढ़ाकर 1,147 रुपये प्रति शेयर कर दिया है. पिछले बंद भाव 1,115 रुपये के मुकाबले यह करीब 3 फीसदी की संभावित तेजी दिखाता है. वहीं TCS का टारगेट प्राइस 2,165 रुपये से बढ़ाकर 2,326 रुपये किया गया है. यह पिछले बंद भाव के मुकाबले करीब 2 फीसदी की संभावित बढ़त है. हालांकि दोनों कंपनियों की रेटिंग को ‘Hold’ कर दिया गया है. यानी CLSA को इन शेयरों में फिलहाल बहुत ज्यादा तेजी की गुंजाइश नहीं दिख रही है. Tech Mahindra की रेटिंग भी घटाकर ‘Hold’ कर दी गई है. इसका टारगेट प्राइस 1,634 रुपये पर बरकरार रखा गया है, जो करीब 3 फीसदी की संभावित तेजी को दर्शाता है.

Wipro और Mphasis पर ज्यादा दबाव

CLSA का सबसे कमजोर नजरिया Wipro और Mphasis को लेकर है. ब्रोकरेज ने Wipro की रेटिंग घटाकर ‘Underperform’ कर दी है और टारगेट प्राइस भी 157 रुपये से घटाकर 152 रुपये कर दिया है.
Wipro का पिछला बंद भाव करीब 178 रुपये था. इस हिसाब से CLSA के टारगेट प्राइस में करीब 15 फीसदी की गिरावट की संभावना दिखाई देती है. वहीं Mphasis पर भी CLSA ने ‘Underperform’ रेटिंग दी है. इसका टारगेट प्राइस 2,113 रुपये रखा गया है, जो मौजूदा स्तर से 13 फीसदी से ज्यादा की गिरावट की संभावना दिखाता है.

AI को लेकर क्या है CLSA की चिंता?

CLSA के मुताबिक भारतीय IT कंपनियों के लिए सबसे बड़ा सवाल यह है कि AI से आने वाली नई वॉल्यूम ग्रोथ क्या पारंपरिक IT सर्विसेज में दिख रही कीमतों की गिरावट यानी deflation की भरपाई कर पाएगी या नहीं. ब्रोकरेज का कहना है कि साधारण Excel गणना से संकेत मिलता है कि FY30 तक AI से आने वाली अतिरिक्त वॉल्यूम ग्रोथ कीमतों में गिरावट के असर को पार कर सकती है. इससे भारतीय IT कंपनियों की डॉलर में रेवेन्यू ग्रोथ मौजूदा निचले स्तर से बढ़कर low से mid-single digit तक पहुंच सकती है. लेकिन समस्या यह है कि AI से होने वाला बदलाव तुरंत नजर नहीं आएगा. CLSA के मुताबिक इस बदलाव का असर दिखने में लंबा समय लग सकता है और बड़ी IT कंपनियों के शेयरों में मौजूदा स्तर से संभावित तेजी भी सीमित है.
इसी वजह से बड़े IT शेयरों पर ब्रोकरेज ज्यादा सतर्क हो गया है.

मिडकैप IT कंपनियों पर CLSA ज्यादा बुलिश

जहां TCS, Infosys और दूसरी बड़ी कंपनियों पर CLSA का नजरिया सावधान है, वहीं मिड-टियर IT कंपनियों को लेकर ब्रोकरेज ज्यादा सकारात्मक है. CLSA का मानना है कि AI के कारण IT इंडस्ट्री में होने वाले बड़े बदलावों का फायदा कुछ मिडकैप कंपनियां बेहतर तरीके से उठा सकती हैं. खास तौर पर अच्छी मैनेजमेंट टीम और मजबूत execution वाली कंपनियों को इस बदलाव से फायदा मिलने की उम्मीद है. इसी वजह से CLSA ने Coforge और Persistent Systems पर ‘High Conviction Outperform’ रेटिंग बरकरार रखी है. वहीं LTI Mindtree और Hexaware Technologies पर भी ‘Outperform’ रेटिंग बरकरार रखी गई है.

IT सेक्टर में AI का असर सबसे बड़ा ट्रिगर

भारतीय IT सेक्टर पिछले कुछ महीनों से AI को लेकर निवेशकों की चिंता के बीच काफी उतार-चढ़ाव देख रहा है. AI स्टार्टअप्स में तेजी से हो रहे बदलाव और नई तकनीकों के आने से यह सवाल उठ रहा है कि क्या आने वाले समय में पारंपरिक IT सर्विसेज की मांग कम हो सकती है. दूसरी तरफ, AI से कंपनियों के लिए नए काम और नए बिजनेस के मौके भी पैदा हो रहे हैं. यही वजह है कि CLSA को लगता है कि लंबी अवधि में AI वॉल्यूम ग्रोथ IT सेक्टर के लिए सकारात्मक साबित हो सकती है, लेकिन इस बदलाव का फायदा सभी कंपनियों को एक जैसा नहीं मिलेगा.कुल मिलाकर, CLSA ने बड़ी आईटी कंपनियों को लेकर सतर्क रुख अपनाया है, जबकि चुनी हुई मिड टियर कंपनियों पर भरोसा बनाए रखा है. दूसरी तरफ, बाजार की चाल बताती है कि निवेशक अभी भी सेक्टर में चुनिंदा मौके देख रहे हैं.

डिस्क्लेमर: इस स्टोरी में दी गई जानकारी विभिन्न ब्रोकरेज रिपोर्ट्स और बाजार में उपलब्ध आंकड़ों पर आधारित है. शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें. यह स्टोरी किसी भी शेयर को खरीदने या बेचने की सलाह नहीं है.