दिल्ली-एनसीआर में प्याज की कीमत तेज होने के बाद केंद्र सरकार राहत की तैयारी में है. दिल्ली में प्याज की खुदरा कीमत 55 रुपये प्रति किलो के पार पहुंच गई है. ऐसे में सरकार इस हफ्ते के आखिर में मोबाइल वैन के जरिए 35 रुपये प्रति किलो पर सब्सिडी वाला प्याज बेच सकती है.
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सरकार की कोशिश है कि कीमतों को और बढ़ने से रोका जाए और लोगों को सस्ती दर पर प्याज मिले. अधिकारियों के मुताबिक, इसके लिए दिल्ली-एनसीआर में कई जगहों पर बिक्री की तैयारी चल रही है.
कीमतें क्यों बढ़ीं
आम तौर पर अगस्त और सितंबर के आसपास प्याज की कीमतें बढ़ती हैं. इसकी बड़ी वजह मौसमी मांग, मौसम का असर, सप्लाई में बदलाव और त्योहारों के दौरान बढ़ी मांग होती है. दिल्ली में इस समय प्याज की कीमत करीब 55 रुपये प्रति किलो है, जबकि पिछले साल इसी समय यह 35 रुपये प्रति किलो थी.
सरकार की तैयारी क्या है
अधिकारियों के मुताबिक, मोबाइल वैन के लिए सही जगहों का चुनाव अगले कुछ दिनों में किया जा सकता है. केंद्र सरकार पहले भी सप्लाई बेहतर करने और कीमतों को काबू में रखने के लिए ऐसे कदम उठाती रही है. खुदरा बिक्री के साथ-साथ सरकार ने प्याज को मुख्य उत्पादक इलाकों से ज्यादा खपत वाले शहरों तक पहुंचाने की कोशिश भी तेज कर दी है.
एक नजर में अहम बातें
दिल्ली में प्याज की खुदरा कीमत 55 रुपये प्रति किलो के पार पहुंच चुकी है.सरकार 35 रुपये प्रति किलो पर सब्सिडी वाला प्याज बेचने की तैयारी में है.बिक्री मोबाइल वैन के जरिए दिल्ली-एनसीआर के अलग-अलग इलाकों में की जा सकती है.पिछले साल इसी समय दिल्ली में प्याज की कीमत 35 रुपये प्रति किलो थी.
कांदा एक्सप्रेस से बढ़ेगी सप्लाई
सोमवार को सरकार ने महाराष्ट्र के नासिक से दिल्ली, चेन्नई, कोच्चि, मदुरै और गुवाहाटी तक प्याज पहुंचाने के लिए कांदा एक्सप्रेस ट्रेनें चलानी शुरू कीं. सरकार की प्राथमिकता बड़ी मंडियों में प्याज की मात्रा बढ़ाना है, ताकि थोक कीमतें कम करने में मदद मिल सके. अधिकारियों को उम्मीद है कि इसका असर आगे चलकर दिल्ली-एनसीआर की खुदरा कीमतों पर भी पड़ सकता है.
दूसरे शहरों के लिए भी तैयारी
अधिकारियों का कहना है कि जरूरत पड़ने पर दूसरे शहरों में भी सब्सिडी वाला प्याज बेचा जा सकता है. खासकर उन इलाकों में यह कदम उठाया जा सकता है, जहां प्याज की खुदरा कीमतें राष्ट्रीय औसत से ज्यादा हैं. सरकार का कहना है कि खुदरा कीमतें बढ़ी हैं, लेकिन देश में प्याज की उपलब्धता फिलहाल ठीक-ठाक है और आने वाले महीनों की घरेलू मांग पूरी करने के लिए पर्याप्त है.
कुल मिलाकर, दिल्ली-एनसीआर में बढ़ती प्याज की कीमतों के बीच सरकार सस्ती खुदरा बिक्री और ज्यादा सप्लाई, दोनों पर काम कर रही है. अब नजर इस बात पर रहेगी कि इन कदमों से आम लोगों को कितनी राहत मिलती है.
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