एक तरफ देश की बड़ी कॉरपोरेट कंपनियों में से एक Reliance Industries और दूसरी तरफ देश की संसद का उच्च सदन Rajya Sabha. इन दोनों के बीच इस वक्त एक ऐसा नाम चर्चा में है, जिसकी पहचान अब तक राजनीति से ज्यादा Corporate India और Sports Administration से रही है. नाम है Dhanraj Parimal Nathwani.
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समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश से Rajya Sabha के लिए धनराज नाथवानी और पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रो. राम गोपाल यादव को उम्मीदवार बनाया है. धनराज नाथवानी का नाम इसलिए भी दिलचस्प है, क्योंकि उनका करियर सिर्फ कॉरपोरेट दफ्तर तक सीमित नहीं रहा है. Reliance में वरिष्ठ जिम्मेदारियों से लेकर क्रिकेट और फुटबॉल प्रशासन, शिक्षा और संस्थागत कामकाज तक उनकी प्रोफाइल काफी व्यापक रही है.
Reliance में कितनी बड़ी है धनराज नाथवानी की भूमिका?
धनराज नाथवानी Reliance Industries में Group President हैं. उनकी प्रोफाइल में Reliance New Energy Limited के Director जैसी जिम्मेदारियां भी दर्ज हैं.
Reliance के अलग-अलग कारोबारों में उनकी जिम्मेदारियां कई क्षेत्रों तक फैली रही हैं. इनमें Jamnagar और Vadodara की Manufacturing Divisions से जुड़े गैर-तकनीकी कामों के अलावा Finance, Procurement, HR, IT, Security, Corporate Affairs और CSR जैसे क्षेत्र शामिल हैं. Gujarat में Reliance Jio से जुड़ा काम भी उनकी जिम्मेदारियों का हिस्सा रहा है.
यानी उनकी कॉरपोरेट प्रोफाइल में कई अहम परतें हैं:
- Reliance Industries में Group President.
- Manufacturing से जुड़े प्रशासनिक और गैर-तकनीकी काम.
- Finance, HR, IT और Corporate Affairs जैसी जिम्मेदारियां.
- Gujarat में Reliance Jio से जुड़ा काम.
- Reliance की अलग-अलग संस्थाओं के बोर्ड स्तर की जिम्मेदारियां.
Corporate के साथ Sports और Institutions में भी दखल
लेकिन धनराज नाथवानी की पहचान सिर्फ Reliance के वरिष्ठ अधिकारी के तौर पर नहीं है. वह Gujarat Cricket Association यानी GCA के President भी हैं और Gujarat के Sports Administration से लंबे समय से जुड़े रहे हैं.
उनकी सार्वजनिक प्रोफाइल में Football Administration के साथ-साथ Education, Research और Wildlife Conservation से जुड़ी संस्थाओं में भी भूमिकाओं का उल्लेख मिलता है.
उनकी प्रोफाइल का दूसरा हिस्सा देखिए:
- Gujarat Cricket Association के President.
- Gujarat State Football Association से जुड़ी भूमिका.
- Sports Administration में सक्रियता.
- Education और Research Institutions से जुड़ाव.
- Wildlife और Conservation से जुड़े संस्थानों में भूमिका.
यानी Corporate Management के साथ Sports और Institutional Administration का अनुभव भी उनकी सार्वजनिक प्रोफाइल का हिस्सा रहा है.
Ambani परिवार से कनेक्शन की चर्चा क्यों?
धनराज नाथवानी का नाम Reliance से जोड़ने वाली एक और वजह उनका पारिवारिक और सामाजिक जुड़ाव है. मीडिया रिपोर्ट्स में उन्हें Ambani परिवार के करीबी लोगों में गिना गया है. इसका एक सार्वजनिक उदाहरण 2023 में सामने आया था, जब Akash Ambani और Shloka Mehta के घर बेटी के जन्म पर धनराज नाथवानी ने सोशल मीडिया के जरिए उन्हें बधाई दी थी.
हालांकि यहां एक बात अलग-अलग समझना जरूरी है. धनराज नाथवानी की अपनी कॉरपोरेट प्रोफाइल अलग है और उनके पिता Parimal Nathwani की राजनीतिक प्रोफाइल अलग.
उनके पिता Parimal Nathwani Reliance से लंबे समय तक जुड़े रहे हैं और Rajya Sabha सांसद भी रहे हैं. यानी Nathwani परिवार का Corporate और Parliamentary दोनों क्षेत्रों से जुड़ाव पहले से रहा है.
फिर SP ने धनराज नाथवानी को ही क्यों चुना?
यहीं से इस पूरे घटनाक्रम का राजनीतिक पहलू शुरू होता है. धनराज नाथवानी पारंपरिक अर्थों में SP के पुराने राजनीतिक चेहरे नहीं रहे हैं. ऐसे में उनका उम्मीदवार बनाया जाना स्वाभाविक तौर पर सवाल खड़े करता है.
कुछ रिपोर्ट्स ने इस फैसले को SP के संभावित रणनीतिक विस्तार से जोड़कर देखा है, लेकिन उनकी उम्मीदवारी के पीछे अखिलेश यादव की सटीक वजह सार्वजनिक तौर पर स्पष्ट नहीं की गई है. इसलिए इसे किसी एक निश्चित रणनीति का नतीजा बताना अभी जल्दबाजी होगी.
दिलचस्प बात यह है कि SP ने दो बिल्कुल अलग प्रोफाइल सामने रखी हैं. एक तरफ लंबे राजनीतिक अनुभव वाले प्रो. राम गोपाल यादव, तो दूसरी तरफ Corporate India और Sports Administration से आने वाले धनराज नाथवानी.
16 अक्टूबर को होगा फैसला
उत्तर प्रदेश की 10 Rajya Sabha सीटों के लिए 16 अक्टूबर को मतदान होना है. मौजूदा विधानसभा संख्या के आधार पर BJP-led alliance के 8 और SP-कांग्रेस के समर्थन से 2 सीटों पर पहुंचने का गणित बताया जा रहा है.
ऐसे में धनराज नाथवानी की उम्मीदवारी सिर्फ एक नए राजनीतिक नाम की एंट्री नहीं है. यह इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि Reliance जैसे बड़े कॉरपोरेट समूह में वरिष्ठ जिम्मेदारियां संभालने वाले व्यक्ति अब संसद की राजनीति की ओर बढ़ रहे हैं.
अगर वह Rajya Sabha पहुंचते हैं, तो Corporate Management, Sports Administration और अब Parliamentary Politics — उनकी सार्वजनिक प्रोफाइल में एक नया अध्याय जुड़ जाएगा.
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