भारत की सबसे बड़ी रिटेल चेन DMart चलाने वाली Avenue Supermarts ने जून तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं. पहली नजर में कंपनी का प्रदर्शन मजबूत दिखाई देता है. मुनाफे और बिक्री दोनों में दो अंकों की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. ऑपरेटिंग प्रदर्शन भी पहले के मुकाबले बेहतर रहा है. हालांकि इन मजबूत आंकड़ों के पीछे कुछ ऐसे संकेत भी छिपे हैं, जिन पर बाजार और निवेशकों की नजर सबसे ज्यादा रहने वाली है. सबसे बड़ी चिंता कंपनी के पुराने स्टोर्स की धीमी पड़ती ग्रोथ है. इसके अलावा Quick Commerce कंपनियों से बढ़ती प्रतिस्पर्धा और ऑनलाइन कारोबार DMart Ready का घाटा भी ऐसे पहलू हैं, जो आने वाले समय में कंपनी की रणनीति और शेयर की चाल तय कर सकते हैं.
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मुनाफे और बिक्री में मजबूत बढ़त
जून तिमाही में Avenue Supermarts का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 860.6 करोड़ रुपये रहा. यह पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले 11.3% ज्यादा है. इसी दौरान कंपनी की कुल Revenue from Operations 18,795 करोड़ रुपये रही, जो सालाना आधार पर 14.9% बढ़ी है. पिछले साल इसी अवधि में कंपनी की बिक्री 16,360 करोड़ रुपये थी. इन आंकड़ों से साफ है कि ग्राहकों की खरीदारी लगातार बढ़ रही है और कंपनी की बिक्री भी मजबूत बनी हुई है.
ऑपरेटिंग प्रदर्शन भी हुआ बेहतर
किसी भी रिटेल कंपनी के लिए सिर्फ बिक्री बढ़ना ही काफी नहीं होता. निवेशक यह भी देखते हैं कि कंपनी अपने मुख्य कारोबार से कितनी बेहतर कमाई कर रही है.इस मोर्चे पर भी DMart का प्रदर्शन बेहतर रहा. जून तिमाही में कंपनी का EBITDA 15.4% बढ़कर 1,499 करोड़ रुपये पहुंच गया. वहीं EBITDA Margin पिछले साल के 7.9% से बढ़कर 8% हो गया. इसका मतलब है कि कंपनी सिर्फ ज्यादा बिक्री ही नहीं कर रही, बल्कि ऑपरेटिंग स्तर पर उसकी कमाई की गुणवत्ता में भी हल्का सुधार देखने को मिला है.
मजबूत नतीजों के बीच सामने आया बड़ा संकेत
हालांकि कहानी सिर्फ मजबूत मुनाफे तक सीमित नहीं है. कंपनी के नतीजों में सबसे ज्यादा चर्चा Like-for-Like Growth की रही. Like-for-Like Growth उन स्टोर्स की बिक्री को मापती है, जो दो साल या उससे ज्यादा समय से संचालित हो रहे हैं. इसी से पता चलता है कि कंपनी के पुराने स्टोर्स कितना बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं. जून तिमाही में यह ग्रोथ घटकर सिर्फ 5.5% रह गई. पिछले साल की समान तिमाही में यह 7.1% थी, जबकि पिछली तिमाही में यह 10.8% तक पहुंच गई थी. यानी कंपनी के पुराने स्टोर्स की ग्रोथ लगातार धीमी पड़ रही है. यही वजह है कि कई विश्लेषक इसे नतीजों का सबसे बड़ा कमजोर पक्ष मान रहे हैं.
बड़े शहरों में ग्रोथ लगभग थम गई
कंपनी के मुताबिक मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में पुराने स्टोर्स की ग्रोथ इस तिमाही लगभग फ्लैट रही. इसका मतलब है कि देश के बड़े महानगरों में अब पहले जैसी तेज विस्तार की गुंजाइश नहीं दिख रही. इन बाजारों में DMart पहले ही मजबूत मौजूदगी बना चुका है, इसलिए नई ग्रोथ निकालना पहले की तुलना में ज्यादा चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है. इसके उलट नॉन-मेट्रो और छोटे शहरों के स्टोर्स बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं. इससे साफ संकेत मिलता है कि कंपनी की अगली ग्रोथ अब Tier-2 और Tier-3 शहरों से आने की उम्मीद है.
Food & Grocery बिजनेस पर बढ़ा दबाव
DMart की सबसे बड़ी कमाई Food और Grocery कैटेगरी से होती है. लेकिन इस बार इस सेगमेंट की हिस्सेदारी में हल्की गिरावट दर्ज की गई. पिछले साल जहां इस कैटेगरी की हिस्सेदारी 55.6% थी, वहीं इस बार यह घटकर 54.9% रह गई. यह बदलाव भले छोटा दिखाई देता हो, लेकिन इसका महत्व काफी बड़ा है. Food और Grocery कंपनी का सबसे मजबूत कारोबार माना जाता है. ऐसे में इस हिस्सेदारी का कम होना बढ़ती प्रतिस्पर्धा की ओर इशारा करता है. Quick Commerce कंपनियां जैसे Blinkit, Zepto और Instamart तेजी से ग्राहकों तक पहुंच बना रही हैं. ऐसे में रोजमर्रा के सामान की खरीदारी का एक हिस्सा अब ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की ओर शिफ्ट होता दिखाई दे रहा है.
DMart Ready अभी भी घाटे में
ऑनलाइन कारोबार के मोर्चे पर भी तस्वीर पूरी तरह सकारात्मक नहीं रही. DMart Ready को जून तिमाही में करीब 91 करोड़ रुपये का घाटा हुआ. इसके बाद कंपनी ने उन सात शहरों में अपना ऑनलाइन ऑपरेशन बंद कर दिया, जहां कारोबार का योगदान बेहद सीमित था. अब DMart Ready सिर्फ 11 शहरों में काम कर रहा है. इस फैसले से यह संकेत मिलता है कि कंपनी फिलहाल हर शहर में विस्तार करने के बजाय उन बाजारों पर फोकस करना चाहती है, जहां बेहतर मुनाफे की संभावना है.
ऑफलाइन विस्तार जारी
ऑनलाइन कारोबार में बदलाव के बावजूद कंपनी अपने पारंपरिक ऑफलाइन मॉडल पर भरोसा बनाए हुए है. जून तिमाही के दौरान DMart ने तीन नए स्टोर खोले. इसके बाद देशभर में कंपनी के कुल स्टोर्स की संख्या बढ़कर 503 हो गई. यह बताता है कि कंपनी अभी भी अपने स्टोर आधारित विस्तार मॉडल को भविष्य की ग्रोथ का अहम आधार मान रही है.
सोमवार को शेयर पर क्या रह सकती है नजर
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि इन नतीजों का असर शेयर बाजार में किस तरह देखने को मिल सकता है. फिलहाल DMart का शेयर करीब 4,081 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा है. सोमवार को निवेशकों की नजर सिर्फ मुनाफे और Revenue के आंकड़ों पर नहीं होगी. बाजार यह भी देखेगा कि पुराने स्टोर्स की धीमी होती ग्रोथ, Quick Commerce से बढ़ती प्रतिस्पर्धा और DMart Ready के घाटे को किस तरह तौला जाता है. अगर मजबूत मुनाफा और बिक्री निवेशकों को ज्यादा प्रभावित करती है, तो शेयर में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है. वहीं अगर बाजार का फोकस धीमी ग्रोथ और बढ़ते प्रतिस्पर्धी दबाव पर रहा, तो मुनाफावसूली भी देखने को मिल सकती है.
आगे की राह
जून तिमाही के नतीजे बताते हैं कि DMart की बुनियादी कारोबारी स्थिति अभी भी मजबूत बनी हुई है. कंपनी की बिक्री और मुनाफा दोनों बढ़ रहे हैं. ऑपरेटिंग प्रदर्शन में भी सुधार आया है. हालांकि दूसरी तरफ पुराने स्टोर्स की सुस्त पड़ती ग्रोथ, बड़े शहरों में सीमित विस्तार की गुंजाइश, Quick Commerce से बढ़ती चुनौती और ऑनलाइन कारोबार का घाटा ऐसे संकेत हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. आने वाले समय में कंपनी की ग्रोथ काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगी कि वह छोटे शहरों में विस्तार, ऑफलाइन नेटवर्क की मजबूती और बदलते रिटेल ट्रेंड के बीच किस तरह संतुलन बनाती है. फिलहाल निवेशकों की नजर इसी पर रहेगी कि मजबूत वित्तीय प्रदर्शन ज्यादा असर डालता है या भविष्य की चुनौतियां.
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