Elon Musk के ‘Oligarchs’ बयान से मचा बवाल, Starlink India की एंट्री पर Ambani-Mittal का नाम क्यों आया चर्चा में?

तनीषा त्यागी

• 05:28 PM • 08 Oct 2026

भारत में Starlink की एंट्री का इंतजार अभी खत्म नहीं हुआ है, लेकिन Elon Musk के एक बयान ने मामला गरमा दिया है. Musk ने बिना नाम लिए कुछ ‘Oligarchs’ पर Starlink को रोकने का आरोप लगाया. मीडिया रिपोर्ट्स में इशारा Mukesh Ambani और Sunil Mittal की ओर बताया गया, जबकि सरकार ने आरोपों को खारिज किया है.

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भारत में Starlink की एंट्री को लेकर मामला एक बार फिर गरमा गया है. भारत में Starlink की सैटेलाइट इंटरनेट सेवा शुरू होने का इंतजार लंबा होता जा रहा है और अब Elon Musk के एक बयान ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है. Elon Musk ने बिना किसी का नाम लिए दावा किया है कि कुछ ‘Oligarchs’ भारत में Starlink की एंट्री में रुकावट डाल रहे हैं. उनका आरोप है कि ऐसा बाजार में अपनी पकड़ और एकाधिकार बनाए रखने के लिए किया जा रहा है. हालांकि, Elon Musk ने किसी भारतीय कारोबारी या कंपनी का नाम नहीं लिया है. मीडिया रिपोर्ट्स में उनके इशारे को Reliance Industries के Mukesh Ambani और Bharti Airtel के Sunil Bharti Mittal से जोड़कर देखा जा रहा है.

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Elon Musk ने क्या कहा?

Elon Musk ने यह टिप्पणी सोशल मीडिया मंच X पर एक पोस्ट के जवाब में की. पोस्ट में भारत के उन गांवों का जिक्र था, जहां अभी भी मोबाइल नेटवर्क की पहुंच नहीं है.

इसी चर्चा के दौरान Musk ने दावा किया कि कुछ ताकतवर कारोबारी Starlink को भारत में आने से रोक रहे हैं. उनके मुताबिक, इसके पीछे बाजार पर अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखने की कोशिश है. Musk ने हालांकि किसी व्यक्ति या कंपनी का नाम नहीं लिया. लेकिन उनके बयान के बाद भारत के बड़े टेलीकॉम कारोबारियों के नाम चर्चा में आ गए हैं. मीडिया रिपोर्ट्स में इसे Mukesh Ambani और Sunil Bharti Mittal की कंपनियों से जोड़कर देखा गया है, क्योंकि Reliance Jio और Bharti Airtel दोनों भारत की बड़ी टेलीकॉम कंपनियां हैं और सैटेलाइट संचार के क्षेत्र में भी मौजूद हैं.

‘Oligarchs’ का मतलब क्या है?

Musk के बयान में इस्तेमाल हुआ ‘Oligarchs’ शब्द भी काफी चर्चा में है. आसान भाषा में समझें तो Oligarch ऐसे बेहद ताकतवर और अमीर व्यक्ति को कहा जाता है, जिसके पास बड़ी आर्थिक ताकत के साथ-साथ काफी प्रभाव भी हो. ‘Oligarchy’ का मतलब ऐसी व्यवस्था से है, जहां सत्ता या नियंत्रण कुछ गिने-चुने लोगों के हाथ में केंद्रित हो. यह शब्द रूस के बेहद अमीर और प्रभावशाली कारोबारियों के संदर्भ में काफी इस्तेमाल हुआ है. हालांकि, अब इसका इस्तेमाल दुनिया के दूसरे देशों में भी बहुत प्रभावशाली और ताकतवर कारोबारियों के लिए किया जाता है.

भारत सरकार ने Musk के आरोपों पर क्या कहा?

Elon Musk के आरोपों के बाद भारत सरकार ने भी अपना पक्ष साफ कर दिया है. सरकार का कहना है कि भारत में सैटेलाइट संचार कंपनियों के लिए नियम सभी पर बराबर लागू होते हैं. सरकार के मुताबिक, Starlink समेत सभी कंपनियों को जरूरी सुरक्षा जांच से गुजरना होगा. संचार मंत्रालय के मुताबिक, Starlink, Jio Satcom और Eutelsat OneWeb करीब एक ही नियामकीय चरण में हैं और तीनों की सुरक्षा से जुड़ी जांच चल रही है. सरकार का कहना है कि सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद ही कंपनियां स्पेक्ट्रम हासिल कर सकती हैं और अपनी सेवा शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ सकती हैं. सरकार ने नियमों या उनके इस्तेमाल में किसी तरह के भेदभाव की बात को खारिज किया है.

भारत में Starlink की एंट्री अभी क्यों अटकी है?

Starlink लंबे समय से भारत में अपनी सैटेलाइट इंटरनेट सेवा शुरू करने की कोशिश कर रही है. कंपनी को भारत में काम शुरू करने के लिए लाइसेंस के अलावा कई दूसरी नियामकीय शर्तें भी पूरी करनी हैं. सरकार के मुताबिक, लाइसेंस मिलना प्रक्रिया का अंतिम चरण नहीं है. कंपनियों को सुरक्षा से जुड़ी शर्तें पूरी करनी होती हैं और इसके बाद ही स्पेक्ट्रम से जुड़ी प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है. यही वजह है कि Starlink को भारत में सेवा शुरू करने के लिए अभी और मंजूरियों का इंतजार है. मौजूदा स्थिति में Starlink अकेली कंपनी नहीं है जो इस बाजार में आगे बढ़ना चाहती है. Jio Satcom और Eutelsat OneWeb भी सैटेलाइट संचार के क्षेत्र में मौजूद हैं. सरकार के मुताबिक, इन तीनों की सुरक्षा जांच फिलहाल चल रही है.

Mukesh Ambani और Sunil Mittal का नाम क्यों आया?

Musk ने अपने बयान में किसी भारतीय कारोबारी का नाम नहीं लिया. इसके बावजूद Mukesh Ambani और Sunil Bharti Mittal के नाम चर्चा में आने की बड़ी वजह भारत का टेलीकॉम बाजार है. Reliance Jio और Bharti Airtel दोनों देश की बड़ी टेलीकॉम कंपनियां हैं. वहीं दोनों कंपनियां सैटेलाइट इंटरनेट के क्षेत्र में भी आगे बढ़ रही हैं. इसी वजह से Starlink की भारत में एंट्री को लेकर इन कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा का मुद्दा सामने आता है. हालांकि, यह साफ करना जरूरी है कि Musk ने अपने बयान में Ambani या Mittal का नाम नहीं लिया है. सरकार ने भी किसी कंपनी पर Starlink को रोकने का आरोप नहीं लगाया है.

Starlink के लिए भारत का बाजार क्यों अहम है?

भारत में बड़ी आबादी ऐसे इलाकों में भी रहती है, जहां तेज इंटरनेट कनेक्टिविटी पहुंचाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है. सैटेलाइट इंटरनेट ऐसी जगहों पर कनेक्टिविटी देने का एक विकल्प बन सकता है. इसी वजह से Starlink भारत के बाजार में अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रही है. कंपनी का दावा है कि उसकी सैटेलाइट सेवा उन इलाकों तक इंटरनेट पहुंचाने में मदद कर सकती है, जहां पारंपरिक नेटवर्क पहुंचाना मुश्किल है. दूसरी तरफ भारत में Reliance Jio और Bharti Airtel जैसी बड़ी कंपनियां भी सैटेलाइट संचार के क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं. ऐसे में आने वाले समय में भारत का सैटेलाइट इंटरनेट बाजार काफी प्रतिस्पर्धी हो सकता है.

Starlink की एंट्री पर अब क्या होगा?

फिलहाल पूरा मामला Elon Musk के आरोप और सरकार के जवाब के बीच है. एक तरफ Musk का दावा है कि कुछ ताकतवर कारोबारी Starlink की भारत में एंट्री में रुकावट डाल रहे हैं. दूसरी तरफ सरकार का कहना है कि Starlink समेत सभी संबंधित कंपनियों के लिए नियम समान हैं और तीनों कंपनियां लगभग एक ही नियामकीय चरण में हैं. इसलिए अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि Starlink की भारत में एंट्री किस वजह से रुकी हुई है. अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि Starlink की सुरक्षा जांच कब पूरी होती है, स्पेक्ट्रम कब मिलता है और कंपनी भारत में अपनी सैटेलाइट इंटरनेट सेवा कब शुरू कर पाती है. आने वाले दिनों में इस मामले में सरकार, Starlink और भारत की टेलीकॉम कंपनियों की तरफ से आने वाले बयानों पर सबकी नजर रहेगी.