EPFO का बड़ा ऐलान : सहायता राशि बढ़कर हुआ 15 लाख रुपये, हर साल 5% की बढ़ोतरी भी होगी

ईपीएफओ ने मृत्यु राहत कोष की सहायता राशि 8.8 लाख से बढ़ाकर 15 लाख रुपये कर दी है. अब परिवार को अधिक मदद मिलेगी और प्रक्रिया भी आसान होगी. साथ ही, 2026 से हर साल 5% वृद्धि लागू होगी.

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ईपीएफओ ने केंद्रीय बोर्ड के कर्मचारियों के परिवारों के लिए सहायता राशि बढ़ाई.

बृजेश उपाध्याय

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कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने कर्मचारियों के लिए बड़ी घोषणा की है. अब केंद्रीय बोर्ड के किसी कर्मचारी की यदि सेवाकाल के दौरान मृत्यु हो जाती है तो परिवार को 8.8 लाख रुपये की जगह 15 लाख रुपये की अनुग्रह राशि (Ex-Gratia) दी जाएगी. यह फैसला 1 अप्रैल, 2025 से लागू हो गया है. 

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ईपीएफओ ने 19 अगस्त, 2025 के एक सर्कुलर में इस बात की जानकारी दी. EPFO ने कहा कि राशि केंद्रीय बोर्ड के मृतक कर्मचारी के परिवार के सदस्यों (नॉमिनी) को कर्मचारी कल्याण कोष से दिया जाएगा. 

ये बदलाव हुए

  • 8.8 लाख से बढ़कर सहायता राशि 15 लाख रुपए हो गई है. 
  • 1 अप्रैल, 2026 से यह राशि हर साल 5% ऑटोमैटिक बढ़ेगी, ताकि महंगाई के असर को कवर किया जा सके.

प्रोसेस को भी बनाया आसान

EPFO ने इस तरह के मामले में अपनाई जाने वाली प्रक्रिया को भी आसान बनाने का काम किया है. 

  • मृत्यु दावा प्रक्रिया सरल: अब नाबालिग बच्चों के बैंक खाते में राशि डालने के लिए गार्जियनशिप का सर्टिफिकेट नहीं देना होगा.   
  • आधार-UAN लिंकिंग आसान: जो सदस्य अभी तक आधार को UAN से लिंक नहीं कर पाए या जिनके आधार में सुधार की जरूरत है, वे अब इसे पहले से कही ज्यादा आसानी से कर सकते हैं. 
  • कागजी प्रक्रिया कम: सदस्यों और नियोक्ताओं के लिए कागजी झंझट कम कर दिया गया है. 

EPFO का डेटा बता रहा...रोजगार में हुई बढ़ोत्तरी

ईपीएफओ का डेटा बता रहा है कि पहले से कई ज्यादा लोग इससे जुड़े हैं. यानी रोजगार में बढ़ोत्तरी देखी गई है. EPFO के जून 2025 पेरोल डेटा के मुताबिक...

  • 21.8 लाख नई नौकरियां ऐड हुई हैं. 
  • इनमें 10.6 लाख नए सदस्य शामिल हुए हैं.
  • करीब 60% युवा (18-25 आयु वर्ग) पहली बार संगठित क्षेत्र से जुड़े हैं.
  • 16.9 लाख सदस्य नौकरी बदलने के बाद भी EPF से जुड़े रहे और अपने खाते को ट्रांसफर किया. 

महिलाओं की भागीदारी भी बढ़ रही

  • जून 2025 में 4.7 लाख महिला सदस्य EPFO से जुड़ीं हैं.
  • ये जून 2024 की तुलना में 10.3% ज्यादा है. 

इन राज्यों ने दिए सबसे ज्यादा रोजगार

  • जून 2015 के डेटा के मुताबिक महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, गुजरात, हरियाणा, दिल्ली, यूपी और तेलंगाना.
  • केवल इन राज्यों ने ही 61.5% नई नौकरियां दीं हैं.  

ये सुविधाएं तो केंद्रीय बोर्ड के कर्मचारियों के लिए हैं. फिर निजी क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए क्या सुविधाएं हैं? जानिए इसकी डिटेल...

  • निजी क्षेत्र में काम करने वालों के लिए सरकार की Employee Deposit Linked Insurance Scheme (EDLI) स्कीम है.
  • इसके तहत कर्मचारियों को 7 लाख रुपए के लाइफ इंश्योरेंस का फायदा मिलता है. 
  • इसका प्रीमियम भी कर्मचारी को नहीं देना होता. 
  • ये बिल्कुल फ्री होता है. इसका पूरा कैलकुलेशन और पूरी जानकारी यहां लीजिए 

केंद्रीय बोर्ड के कर्मचारी यानी कौन?

अब सवाल ये है कि केंद्रीय  बोर्ड के कर्मचारी कौन हैं? दरअसल केंद्रीय बोर्ड के कर्मचारी यानी EPFO के कर्मचारियों की बात हो रही है. EPFO से जुड़े निजी कंपनियों के कर्मचारियों की बात नहीं हो रही है. 

EPFO का संचालन EPF & MP Act, 1952 के तहत होता है. इसके लिए एक निकाय है- Central Board of Trustees (CBT). इसे शॉर्ट में सेंट्रल बोर्ड भी कहा जाता है. इसमें 3 तरह के सदस्य होते हैं. पहला केंद्र सरकार के प्रतिनिधि जिसमें श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अफसर शामिल होते हैं. दूसरा राज्य सरकारों के प्रतिनिधि जो अलग-अलग राज्यों से होते हैं. तीसरा नियोक्ता और कर्मचारी प्रतिनिधि जिसमें कर्मचारी यूनियन और इंडस्ट्री संगठनों से लोग होते हैं.

ये बोर्ड पॉलिसी और नियम तय करता है, जैसे- EPF की ब्याज दर, पेंशन स्कीम, EDLI स्कीम वगैरह. सेंट्रल बोर्ड के कर्मचारी खुद भी EPF और पेंशन स्कीम से जुड़े होते हैं. 

केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारी EPFO से जुड़े होते हैं?

केंद्र सरकार के कर्मचारी GPF और NPS से जुड़े होते हैं. वहीं राज्य सरकार में कुछ PSU, बोर्ड और कॉरपोरेशन के कर्मचारी ही EPF से जुड़े होते हैं. वो भी तब जब संगठन ने खुद को EPFO में पंजीकृत किया हो. 

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