FII का डबल गेम! भयंकर शॉर्ट लेकर बैठे विदेशी निवेशक, बाज़ार में मचेगा तांडव ?

चिराग ठाकुर

28 Aug 2026 (अपडेटेड: Aug 28 2026 7:19 PM)

विदेशी निवेशक बाजार में 27000 करोड़ रुपये से ज्यादा लगा चुके हैं, लेकिन निफ्टी फ्यूचर्स में भारी शॉर्ट बने हैं. अब 24000 और 24700 के स्तर पर सबकी नजर है.

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न्यूज़ हाइलाइट्स

अगस्त में विदेशी निवेशकों ने 27000 करोड़ रुपये से ज्यादा खरीदे

निफ्टी फ्यूचर्स में उनके पास 1.86 लाख शॉर्ट कॉन्ट्रैक्ट अभी हैं

जानकारों के मुताबिक यह खरीदारी के साथ बचाव की रणनीति भी है

विदेशी निवेशक भारतीय शेयर बाजार में लगातार पैसा लगा रहे हैं. अगस्त में अब तक FIIs ने Cash Market में ₹27,000 करोड़ से ज्यादा की खरीदारी की है. इससे बाजार में तेजी की उम्मीद बढ़ी है और निवेशकों को लग रहा है कि Nifty जल्द ही बड़ी ऊपर की चाल पकड़ सकता है.

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लेकिन कहानी का दूसरा हिस्सा थोड़ा चौंकाने वाला है.

FIIs ने Nifty Futures में करीब 1.86 लाख Short Contracts बना रखे हैं. यानी एक तरफ शेयर खरीद रहे हैं, तो दूसरी तरफ Index के गिरने की स्थिति से भी खुद को बचा रहे हैं.

तो आखिर इस रणनीति का मतलब क्या है? क्या FIIs भारतीय बाजार को लेकर Bullish हैं या उन्हें गिरावट का डर सता रहा है? और Nifty के लिए आगे सबसे अहम Level कौन सा होगा? समझते हैं पूरा खेल.

Cash में खरीदारी, Futures में Short. ऐसा क्यों?

पहली नजर में FII की ये रणनीति विरोधाभासी लग सकती है. लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है.

FIIs भारतीय कंपनियों के शेयर खरीदकर Long-Term या Portfolio exposure बना सकते हैं. साथ ही Nifty Futures में Short Position लेकर बाजार में अचानक गिरावट के Risk को Hedge कर सकते हैं.

यानी सीधी भाषा में कहें तो कंपनियों पर भरोसा हो सकता है, लेकिन Short-Term बाजार की चाल को लेकर पूरी तरह Confidence नहीं है.

FII की रणनीति एक नजर में

  • Cash Market में ₹27,000 करोड़+ खरीदारी.
  • Nifty Futures में 1.86 लाख Short Contracts.
  • Portfolio को गिरावट से बचाने की कोशिश.
  • Short-Term Market Direction पर सावधानी.

Nifty के लिए 24,000 सबसे अहम

अब नजर डालते हैं Nifty के उन Levels पर, जो आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय कर सकते हैं.

September Series के पहले कारोबारी सत्र में Nifty करीब 0.52% गिरकर 24,207 के आसपास बंद हुआ. ऐसे में 24,000 का Level सबसे अहम Support बन गया है.

Options Data में भी इस Level के आसपास Put Writers की मजबूत Positioning दिखाई देती है.

  • 24,200: करीब 95,000 Put Contracts.
  • 24,000: करीब 87,000 Put Contracts.

इसका मतलब है कि बाजार में 24,000 के आसपास Support बनाने की कोशिश हो रही है.

लेकिन ऊपर की तरफ 24,400 से 24,500 का Zone Nifty के लिए बड़ा Resistance है.

यानी फिलहाल Nifty के सामने सीधी जंग है.

24,000 के नीचे कमजोरी और 24,500 के ऊपर मजबूती.

24,700 पार हुआ तो बदल सकता है पूरा खेल

अब आते हैं FIIs की 1.86 लाख Short Positions पर.

अगर Nifty पहले 24,500 और उसके बाद 24,700 के ऊपर मजबूती से निकलता है, तो FIIs को अपनी Short Positions कम करनी पड़ सकती हैं. इसे Short Covering कहा जाता है.

और अगर बड़ी मात्रा में Short Covering शुरू होती है, तो यही Shorts बाजार की तेजी का Fuel बन सकते हैं.

कुछ Analysts का मानना है कि 24,700 के ऊपर निर्णायक Breakout मिलने पर Nifty 26,000 की तरफ बढ़ सकता है.

एक आसान समीकरण

Nifty ऊपर → Shorts कटेंगे → Short Covering → खरीदारी बढ़ेगी → तेजी मजबूत हो सकती है.

लेकिन 24,000 टूटा तो तस्वीर बदल जाएगी

दूसरी तरफ अगर Nifty 24,000 का Support खो देता है, तो बाजार पर दबाव बढ़ सकता है.

ऐसे में FIIs की Short Positions उनके लिए Hedge के साथ-साथ फायदा देने वाली Position भी साबित हो सकती हैं. Selling बढ़ने पर Nifty में और कमजोरी देखने को मिल सकती है.

यानी अभी बाजार में दो अहम Levels पर नजर रखना जरूरी है.

  • 24,000: अहम Support.
  • 24,500: शुरुआती Resistance.
  • 24,700: बड़ा Breakout Level.

सिर्फ Nifty नहीं, Sectors में भी अलग-अलग कहानी

बाजार के अंदर Sector-wise तस्वीर भी काफी दिलचस्प है. अगस्त Series में Metals ने करीब 7.8% की तेजी दिखाई है. Realty Stocks में भी Breakout की कोशिश देखने को मिली है, जबकि Bank Nifty ने Nifty से बेहतर प्रदर्शन किया.

दूसरी तरफ IT और FMCG Stocks दबाव में रहे.

इससे संकेत मिलता है कि बाजार से पैसा पूरी तरह बाहर नहीं जा रहा, बल्कि अलग-अलग Sectors के बीच Rotation देखने को मिल रहा है.

अब निवेशकों को किस पर नजर रखनी चाहिए?

आने वाले दिनों में सिर्फ FII की Cash Buying देखकर Bullish होना या उनके Shorts देखकर Bearish होना सही तस्वीर नहीं देगा.

असल सवाल यह है कि Nifty इन Key Levels पर क्या करता है.

अगर 24,000 बचा रहता है और Nifty 24,700 के ऊपर निकलता है, तो FIIs की Short Positions ही तेजी को और ताकत दे सकती हैं.

लेकिन अगर 24,000 टूटता है, तो यही Shorts बाजार में कमजोरी का संकेत बन सकते हैं.

इसलिए फिलहाल बाजार की कहानी किसी एक दिशा में तय नहीं हुई है. FIIs खरीद भी रहे हैं और Hedge भी कर रहे हैं. अब Nifty का अगला Breakout बताएगा कि विदेशी निवेशकों की ये Short Positions आगे चलकर तेजी का Fuel बनती हैं या बाजार के लिए Warning Signal.