शेयर बाजार में एफ एंड ओ वाले शेयरों के लिए बंद होने का भाव तय करने का तरीका बदल गया है. सेबी और एनएसई ने क्लोजिंग ऑक्शन सेशन यानी सीएएस लागू किया है. इसका मकसद यह है कि दिन के आखिर में शेयर का बंद भाव ज्यादा सही और निष्पक्ष तरीके से तय हो.
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अब इन शेयरों में सामान्य ट्रेडिंग 3:15 बजे बंद होगी. इसके बाद 3:15 से 3:35 बजे तक नीलामी के तरीके से बंद होने का भाव तय किया जाएगा. बाकी सामान्य शेयर पहले की तरह 3:30 बजे तक ट्रेड होंगे, जबकि फ्यूचर्स और ऑप्शंस की ट्रेडिंग 3:40 बजे तक जारी रहेगी.
पहले क्या होता था
अब तक एफ एंड ओ वाले शेयरों का बंद होने का भाव 3:00 बजे से 3:30 बजे के बीच हुए सौदों के औसत भाव से तय होता था. यही औसत उस शेयर का आधिकारिक बंद भाव माना जाता था.
इस तरीके में दिक्कत यह थी कि अगर कोई बड़ा निवेशक या फंड आखिरी 5 से 10 मिनट में बहुत बड़ी खरीद या बिक्री कर देता, तो बंद होने का भाव ऊपर या नीचे खिसक सकता था. यानी आखिरी मिनटों में कीमत पर असर डालना आसान हो सकता था.
नया सिस्टम कैसे काम करेगा
अब एफ एंड ओ वाले शेयरों में 3:15 बजे सामान्य ट्रेडिंग बंद हो जाएगी. इसके बाद सीएएस शुरू होगा. इस दौरान खरीद और बिक्री के ऑर्डर एक साथ जुटाए जाएंगे. फिर जिस भाव पर सबसे ज्यादा शेयरों की खरीद-बिक्री हो सकती है, वही बंद होने का भाव माना जाएगा.
सीएएस का पूरा समय
3:15 बजे. एफ एंड ओ शेयरों की सामान्य ट्रेडिंग बंद.3:15 से 3:20 बजे. नीलामी की तैयारी होगी.3:20 से 3:25 बजे. निवेशक मार्केट ऑर्डर और लिमिट ऑर्डर दोनों लगा सकेंगे.3:25 से 3:30 बजे. सिर्फ लिमिट ऑर्डर लगाए जा सकेंगे. मार्केट ऑर्डर में बदलाव नहीं होगा.3:30 से 3:35 बजे. एक्सचेंज खरीद और बिक्री के ऑर्डर मिलाएगा और एक बंद भाव निकालेगा. यही आधिकारिक भाव होगा.
यह नियम किन शेयरों पर लागू होगा
यह नियम अभी सिर्फ उन शेयरों पर लागू होगा जिनमें एफ एंड ओ ट्रेडिंग होती है. बाकी सामान्य शेयरों में ट्रेडिंग का समय पहले जैसा 3:30 बजे तक रहेगा.
अब बाजार किस समय बंद होगा
एफ एंड ओ वाले शेयर. सामान्य ट्रेडिंग 3:15 बजे तक. क्लोजिंग ऑक्शन 3:15 से 3:35 बजे तक.सामान्य शेयर. ट्रेडिंग 3:30 बजे तक.फ्यूचर्स और ऑप्शंस. ट्रेडिंग 3:40 बजे तक.
इसका मतलब है कि डेरिवेटिव बाजार 10 मिनट ज्यादा खुला रहेगा.
सेबी के मुताबिक क्या फायदा होगा
बंद होने का भाव ज्यादा सही हो सकेगा.आखिरी मिनट में बड़ी खरीद-बिक्री से कीमत हिलाना कठिन होगा.बाजार में छेड़छाड़ की गुंजाइश घट सकती है.बड़ी खरीद-बिक्री को मिलाने में आसानी हो सकती है.इंडेक्स का बंद भाव भी ज्यादा निष्पक्ष हो सकता है.
अगर कोई निवेशक एमआईएस के तहत ट्रेड करता है, तो एफ एंड ओ वाले शेयरों में ऑटो स्क्वेयर ऑफ अब 3:10 बजे होगा. बाकी शेयरों में इसका समय लगभग पहले जैसा रहेगा.
एक आसान उदाहरण
मान लीजिए किसी शेयर का भाव पूरे दिन 1,000 रुपये के आसपास चल रहा है. पुराने तरीके में अगर कोई बड़ा निवेशक आखिरी 5 मिनट में भारी खरीदारी कर देता, तो बंद भाव 1,020 रुपये तक जा सकता था. नए सीएएस सिस्टम में अगर सबसे ज्यादा सौदे 1,005 रुपये पर बनते हैं, तो बंद होने का भाव 1,005 रुपये ही माना जाएगा. इससे एक ही खिलाड़ी के लिए पूरे बाजार का बंद भाव प्रभावित करना आसान नहीं रहेगा.
कुल मिलाकर, एफ एंड ओ वाले शेयरों में बंद होने का भाव अब पुराने औसत तरीके की जगह नीलामी से तय होगा. इसके लिए सामान्य ट्रेडिंग 3:15 बजे बंद होगी और 3:15 से 3:35 बजे तक क्लोजिंग ऑक्शन चलेगा. सेबी और एनएसई का मकसद बंद होने के भाव को ज्यादा साफ, सही और निष्पक्ष बनाना है.
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