PM Modi का बड़ा एलान, सरकार कराएगी FREE Coaching! EdTech के लिए बजी खतरे की घंटी?

चिराग ठाकुर

15 Aug 2026 (अपडेटेड: Aug 15 2026 1:43 PM)

पीएम मोदी के फ्री ऑनलाइन कोचिंग ऐलान से यूपीएससी, जेईई, नीट और दूसरी परीक्षाओं की तैयारी सस्ती हो सकती है. जानिए 1.3 लाख करोड़ के कोचिंग बाजार और एडटेक कंपनियों पर इसका कितना बड़ा असर पड़ेगा.

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न्यूज़ हाइलाइट्स

इस बाजार का आकार अभी करीब 1.3 लाख करोड़ रुपये माना जा रहा

हर साल 1.2 से 1.5 करोड़ छात्र गंभीर तैयारी में जुटते हैं

फीस के साथ रहना, खाना और सफर खर्च भी परिवारों पर बढ़ता

क्या Competitive Exam Coaching का पूरा खेल बदलने वाला है? Independence Day पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक ऐसा ऐलान किया है, जिसने Education और EdTech Sector में नई बहस छेड़ दी है. सरकार अब युवाओं को UPSC, JEE, NEET, SSC, Banking समेत अलग-अलग Competitive Exams की Free Online Coaching उपलब्ध कराने के लिए एक National Network तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रही है.

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इसका सीधा फायदा उन Students और परिवारों को मिल सकता है, जो महंगी Coaching के कारण आर्थिक दबाव झेलते हैं. लेकिन दूसरी तरफ एक बड़ा सवाल भी खड़ा हो गया है. अगर Basic Coaching Free हो गई, तो Private EdTech Platforms और Coaching Institutes का Business Model कैसे बदलेगा?

₹1.3 लाख करोड़ का है Coaching Market

भारत में Competitive Exam Coaching और Test Preparation अब सिर्फ Education Sector का हिस्सा नहीं रहा. यह एक बड़ी Economy बन चुका है.

कुछ अहम आंकड़े देखिए.

  • FY26 में Competitive Exam Coaching और Test Preparation Market करीब $14.8 Billion, यानी लगभग ₹1.3 लाख करोड़.
  • FY30 तक Market के $23-26 Billion तक पहुंचने का अनुमान.
  • Industry की Growth करीब 12-15% CAGR.
  • Organized Players की Revenue Share करीब 40%.
  • Unorganized Segment का Volume Share करीब 60%.

यानी जिस Market में सरकार Free Coaching लेकर उतरने जा रही है, उसका आकार पहले से ही काफी बड़ा है.

करोड़ों Students हैं इस Market का हिस्सा

इस Industry का Potential भी बहुत बड़ा है.

TAM यानी Total Addressable Market करीब 3.5 करोड़ से ज्यादा Students का है. इनमें से 1.2-1.5 करोड़ Serious Candidates हर साल Competitive Exams की तैयारी करते हैं.

इतना ही नहीं, Coaching Sector से सरकार को हर साल ₹5,517 करोड़ से ज्यादा GST भी मिलता है.

यानी Coaching Industry लाखों परिवारों की जरूरत होने के साथ-साथ सरकार के लिए भी एक बड़ा Economic Segment है.

आखिर Coaching पर इतना खर्च क्यों?

Government Jobs, IITs, Medical Colleges और दूसरी Competitive Exams में Competition लगातार बढ़ रहा है. लाखों Students सीमित Seats के लिए परीक्षा देते हैं.

खासकर छोटे शहरों और कस्बों के Students के लिए समस्या सिर्फ Coaching Fees तक सीमित नहीं रहती. अगर उन्हें Kota, Delhi या किसी दूसरे Coaching Hub जाना पड़े, तो Hostel, PG, Food और Travel का खर्च भी जुड़ जाता है.

यही वजह है कि एक साल की तैयारी परिवार के बजट पर काफी भारी पड़ सकती है.

PM मोदी का Free Coaching Initiative इसी Financial Burden को कम करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है.

सबसे बड़ा सवाल: EdTech का क्या होगा?

अब आते हैं इस पूरी कहानी के सबसे बड़े Business Angle पर.

आज कई EdTech Platforms SSC, Banking, Railway और दूसरी परीक्षाओं के लिए Low-Cost Recorded Courses उपलब्ध कराते हैं. इनकी कीमत कई बार कुछ सौ रुपये से लेकर कुछ हजार रुपये तक होती है.

अगर सरकार Lectures, Study Material और Test Preparation जैसी Basic Services Free में उपलब्ध कराती है, तो ऐसे Courses की Demand पर दबाव आ सकता है.

लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि Private EdTech Industry खत्म हो जाएगी.

EdTech को बदलना पड़ सकता है अपना Business Model

सरकारी Free Content के सामने Private Companies को ज्यादा Value-Added Services पर Focus करना पड़ सकता है.

संभावित Paid Services:

  • Personalised Learning.
  • One-to-One Mentorship.
  • Doubt Solving.
  • Advanced Test Series.
  • Performance Analytics.
  • Offline Classes.

यानी आने वाले समय में एक नया Model देखने को मिल सकता है.

Basic Preparation Free, लेकिन Advanced Guidance Paid.

Kota जैसे Coaching Hubs पर भी असर?

अगर Students को घर बैठे अच्छी Quality की Free Online Coaching मिलती है, तो बड़े Coaching Centres वाले शहरों में जाने की जरूरत कुछ हद तक कम हो सकती है.

इसका असर सिर्फ Coaching Institutes पर नहीं पड़ेगा.

Hostels, PGs, Mess, Transport और Students से जुड़े दूसरे Businesses भी प्रभावित हो सकते हैं.

हालांकि यह असर कितना बड़ा होगा, यह पूरी तरह इस बात पर निर्भर करेगा कि सरकार का Free Coaching Network कितनी अच्छी Quality और कितने बड़े Scale पर काम करता है.

सिर्फ Free Video से नहीं होगी तैयारी

Competitive Exams की तैयारी में सिर्फ Lectures काफी नहीं होते. Students को Regular Tests, Doubt Solving, Mentorship, Performance Tracking और Personalised Guidance की भी जरूरत होती है.

इसलिए असली Competition सिर्फ Free vs Paid Coaching का नहीं होगा, बल्कि Quality, Results और Student Experience का होगा.

कुल मिलाकर, PM मोदी का Free Coaching ऐलान Students और Middle-Class Families के लिए राहत की बड़ी पहल बन सकता है. वहीं ₹1.3 लाख करोड़ की Coaching Economy और EdTech Industry के लिए यह एक बड़ा Business Model Shift साबित हो सकता है.

अब असली नजर इस बात पर रहेगी कि सरकार इस Free Coaching Network को कब Launch करती है और इसे कितने बड़े Scale पर लागू किया जाता है.