सोने में निवेश करने वालों के लिए नई रिपोर्ट अहम मानी जा रही है. ब्रोकरेज फर्म जेफरीज के ग्लोबल हेड ऑफ इक्विटी स्ट्रैटेजी क्रिस वुड ने कहा है कि सोने में फिर से खरीदारी शुरू करने का समय आ गया है. उनका मानना है कि सोने में अगली तेजी पिछली तेजी से भी बड़ी हो सकती है.
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क्रिस वुड की यह राय ऐसे समय आई है जब कई निवेशकों को लग रहा था कि सोने की तेजी थम गई है. वहीं वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल का कहना है कि अभी कीमतें कुछ समय स्थिर रह सकती हैं, लेकिन अगर दुनिया की अर्थव्यवस्था कमजोर होती है, तनाव बढ़ता है या ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद मजबूत होती है, तो सोना फिर से ऊपर जा सकता है.
क्रिस वुड ने क्यों जताई तेजी की उम्मीद
जेफरीज की रिपोर्ट "ग्रीड एंड फियर" में क्रिस वुड ने कहा है कि सोने और गोल्ड माइनिंग कंपनियों के शेयरों में फिर से खरीदारी का समय बन रहा है. उनके मुताबिक दुनिया भर में एआई पर जिस तरह भारी खर्च हो रहा है, वह करीब 25 साल पहले डॉट-कॉम बबल के दौर की याद दिलाता है.
क्रिस वुड का कहना है कि अगर एआई पर हो रहा बड़ा निवेश उम्मीद के मुताबिक न चला और कंपनियों की कमाई कमजोर पड़ी, तो शेयर बाजार पर दबाव बढ़ सकता है. ऐसे माहौल में निवेशक आमतौर पर सुरक्षित विकल्प की तरफ जाते हैं और सोना उनमें सबसे चर्चित विकल्प माना जाता है.
सोने को सहारा देने वाले बड़े कारण
• शेयर बाजार में डर बढ़ने पर निवेशक सुरक्षित जगह तलाशते हैं और सोने की मांग बढ़ सकती है.
• अगर कंपनियां निवेश कम करती हैं और अर्थव्यवस्था धीमी पड़ती है, तो सोने को सहारा मिल सकता है.
• अगर अमेरिका का फेडरल रिजर्व ब्याज दरें घटाने की तरफ बढ़ता है, तो सोने के लिए माहौल मजबूत हो सकता है.
आज सोना और चांदी का भाव
29 जुलाई की दोपहर करीब 1:30 बजे मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर 5 अगस्त 2026 डिलीवरी वाला सोना 327 रुपये की तेजी के साथ 1,41,950 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था.
वहीं 4 सितंबर 2026 डिलीवरी वाली चांदी करीब 3000 रुपये की तेजी के साथ 2,18,797 रुपये प्रति किलो पर कारोबार कर रही थी.
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल का क्या कहना है
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुताबिक फिलहाल सोने की कीमतें स्थिर रह सकती हैं. लेकिन अगर दुनिया की अर्थव्यवस्था कमजोर होती है, दुनिया में तनाव बढ़ता है या ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद मजबूत होती है, तो सोना 4,500 डॉलर प्रति औंस या उससे ऊपर जा सकता है.
रिपोर्ट के मुताबिक इस समय अमेरिका, ईरान और हूती विद्रोहियों के बीच बढ़ते तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई है. रेड सी और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे अहम समुद्री रास्तों पर खतरा बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है. तेल महंगा होने पर महंगाई बढ़ने का खतरा भी बढ़ता है, और ऐसे समय में निवेशक सोने की तरफ रुख कर सकते हैं.
क्या कह रहे एक्सपर्ट
Kaynat Chainwala, AVP Commodity Research, Kotak Securities के मुताबिक, सोना और चांदी की कीमतें फिलहाल एक सीमित दायरे में कारोबार कर रही हैं। सोना करीब 4,040 डॉलर प्रति औंस पर है। चांदी करीब 57.5 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही है। निवेशक आज होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व (Fed) की ब्याज दरों पर होने वाली बैठक के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। इसलिए बाजार में फिलहाल सावधानी का माहौल है।
इस बीच, मध्य पूर्व (West Asia) में तनाव फिर बढ़ गया है। अमेरिकी सेना ने ईरान की ओर से दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को हवा में ही मार गिराया, जो अमेरिकी सैनिकों को निशाना बना रही थी। इस घटना के बाद कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गई हैं।
तेल महंगा होने से महंगाई बढ़ने की आशंका भी बढ़ गई है। ऐसे में बाजार को लग रहा है कि अमेरिकी फेड आगे भी ब्याज दरें ऊंची रख सकता है या बढ़ा सकता है। इसी वजह से डॉलर मजबूत हुआ है और सोने की तेजी पर दबाव बना हुआ है।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर जेफरीज के क्रिस वुड मौजूदा गिरावट को लंबी अवधि के निवेशकों के लिए मौका मान रहे हैं, जबकि वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल ने भी कुछ बड़े जोखिम बने रहने पर सोने में आगे तेजी की संभावना जताई है. हालांकि फिलहाल यह संस्थाओं की राय है, और आगे की चाल एआई निवेश, शेयर बाजार, ब्याज दरों और दुनिया के तनाव पर निर्भर करेगी.
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