Gold Outlook: Wall Street के दिग्गजों ने बजाया सोने का बिगुल, अब सोना करेगा कमाल ?

चिराग ठाकुर

• 06:37 PM • 16 Aug 2026

सोना फिर तेजी में है और अब 4500 डॉलर का स्तर सबसे अहम माना जा रहा है. फेड के नरम संकेत, वैश्विक माहौल और रुपये की चाल भारत में कीमतों की अगली दिशा तय कर सकते हैं.

NewsTak
Google CTA

न्यूज़ हाइलाइट्स

भारतीय वायदा बाजार में सोना 1.84 फीसदी और चांदी 1.66 फीसदी चढ़ी

अमेरिका के नरम आंकड़ों से ब्याज दर बढ़ने की चिंता कुछ घटी

विशेषज्ञों का मानना है कि नरम दरें सोने को सहारा देती हैं

सोने की कीमतों में एक बार फिर तेजी लौटती दिख रही है. पिछले हफ्ते भारतीय वायदा बाजार में Gold करीब 1.84 फीसदी चढ़कर ₹1,54,590 प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंच गया. वहीं Silver भी 1.66 फीसदी मजबूत होकर करीब ₹2,36,180 प्रति किलो पर पहुंची.

Read more!

अब International Market में Gold की नजर एक ऐसे Level पर है, जिसके ऊपर टिकने में कामयाबी मिलती है तो तेजी को नया Momentum मिल सकता है. यह Level है $4,500 प्रति औंस.

लेकिन क्या Gold इस Level को पार कर पाएगा? और अगर ऐसा हुआ तो भारत में सोने की कीमतों पर क्या असर पड़ेगा?

International Market में Gold ने दिखाई मजबूती

अमेरिकी बाजार में पिछले हफ्ते Gold करीब $4,342 से बढ़कर $4,450 प्रति औंस तक पहुंचा. इस दौरान कीमत 10-Week High तक भी पहुंची, हालांकि ऊंचे स्तरों पर Profit Booking देखने को मिली.

इसके बाद Gold में Recovery आई और हफ्ते का अंत मजबूती के साथ हुआ.

पिछले हफ्ते की तस्वीर:

  • Gold: $4,342 से बढ़कर $4,450 प्रति औंस.
  • 10-Week High का स्तर छुआ.
  • ऊंचे स्तरों पर Profit Booking.
  • Week End तक फिर Recovery.

Fed की ब्याज दरों की उम्मीद बनी Gold का सहारा

Gold की मौजूदा तेजी के पीछे सबसे बड़ी वजहों में से एक अमेरिकी Federal Reserve की Rate Policy को लेकर बदलती उम्मीदें हैं.

अमेरिका की जुलाई Inflation Report बाजार की उम्मीदों के आसपास रही. इसके बाद सितंबर में Interest Rate बढ़ने की संभावना को लेकर बाजार की चिंता कुछ कम हुई. वहीं जुलाई में US Retail Sales में 0.6 फीसदी की Unexpected गिरावट ने भी अमेरिकी Economy को लेकर कुछ नरमी के संकेत दिए.

Gold पर ब्याज नहीं मिलता. इसलिए जब Interest Rates और Bond Yields ज्यादा होते हैं, तो Investors के लिए Interest-bearing Assets ज्यादा आकर्षक हो सकते हैं. इसके उलट Rates में नरमी की उम्मीद बढ़ने पर Gold की मांग को सपोर्ट मिल सकता है.

अब सबसे अहम है $4,500 का Level

Gold के लिए इस समय सबसे महत्वपूर्ण Technical Level करीब $4,500 प्रति औंस है. इस स्तर के आसपास Gold का 200-Day Moving Average बताया जा रहा है.

यानी Gold अभी इस अहम Technical Zone के ठीक नीचे है.

अगर Gold मजबूती के साथ $4,500 के ऊपर जाता है और वहां टिकता है, तो बाजार में नई तेजी का भरोसा बढ़ सकता है. लेकिन अगर इस स्तर पर फिर Selling आती है, तो कीमत कुछ समय के लिए Range में रह सकती है.

Gold के लिए दो संभावित तस्वीरें:

  • $4,500 के ऊपर टिकाव: तेजी को नया Momentum मिल सकता है.
  • $4,500 पर Selling: Profit Booking और Consolidation देखने को मिल सकता है.

Wall Street के 90% Analysts Gold पर Bullish

Gold को लेकर सिर्फ Chart ही Positive Signal नहीं दे रहा है. Analysts का Sentiment भी मजबूत है.

Kitco के Weekly Gold Survey में 10 में से 9 Wall Street Analysts ने अगले हफ्ते Gold में तेजी की उम्मीद जताई. यानी करीब 90 फीसदी Analysts Bullish हैं.

Retail Investors भी Gold को लेकर सकारात्मक नजर आए. Kitco के Online Poll में करीब 68 फीसदी Investors ने अगले हफ्ते Gold के बढ़ने की उम्मीद जताई.

Sentiment हिस्सा
Gold में तेजी 68%
गिरावट 17%
Consolidation 15%

भारत में Gold की कीमतों पर क्या असर?

International Gold Price के साथ भारतीय बाजार में कीमतों के लिए रुपये की चाल भी बेहद महत्वपूर्ण है.

अगर International Market में Gold तेजी से बढ़ता है और इसी दौरान रुपया Dollar के मुकाबले कमजोर होता है, तो भारत में Gold की कीमतों में तेजी और ज्यादा दिखाई दे सकती है.

यानी भारतीय निवेशकों के लिए सिर्फ $4,500 का Level देखना पर्याप्त नहीं होगा. Dollar-Rupee Movement भी अहम रहेगा.

लेकिन Risk भी मौजूद हैं

Gold के लिए तस्वीर पूरी तरह एकतरफा नहीं है. कुछ Analysts मानते हैं कि हालिया तेजी एक Corrective Rally भी हो सकती है. अगर Gold $4,500 के ऊपर टिकने में नाकाम रहता है, तो ऊंचे स्तरों पर Profit Booking बढ़ सकती है.

इसके अलावा इन Factors पर भी नजर रहेगी:

  • US Dollar की चाल.
  • Treasury Yields.
  • Crude Oil Prices.
  • US Inflation.
  • Federal Reserve की Rate Policy.
  • Geopolitical Tensions.

खासकर Geopolitical Risk Gold के लिए बड़ा Wild Card है. अगर US-Iran तनाव बढ़ता है या दुनिया में कोई बड़ा संकट सामने आता है, तो Safe-Haven Demand Gold को सपोर्ट कर सकती है.

Fed Minutes पर भी रहेगी नजर

आने वाले दिनों में Federal Reserve की July Meeting के Minutes भी महत्वपूर्ण रहेंगे. इससे पता चलेगा कि Fed Officials Inflation और Economy को लेकर क्या सोच रहे हैं और आने वाले महीनों में Interest Rates पर उनका रुख कितना नरम या सख्त है.

अगर Minutes से Dovish संकेत मिलते हैं और Rate Cut की उम्मीद मजबूत होती है, तो Gold को एक और Boost मिल सकता है.

Gold की अगली चाल क्या?

फिलहाल Gold के पक्ष में कई Factors दिखाई दे रहे हैं. Rate Hike की उम्मीद कमजोर हुई है, Inflation में नरमी के संकेत हैं, Geopolitical Risk बना हुआ है और Wall Street Analysts भी काफी Bullish हैं.

लेकिन Gold की अगली बड़ी परीक्षा $4,500 पर होगी.

अगर Gold इस Level के ऊपर मजबूती से टिकता है, तो तेजी को नया रास्ता मिल सकता है. वहीं $4,500 पर Selling आती है तो कुछ समय के लिए Correction या Consolidation देखने को मिल सकता है.

यानी Gold की चमक फिलहाल बरकरार है, लेकिन अगली बड़ी उड़ान के लिए $4,500 का Level सबसे बड़ा Test बन चुका है.