Sona Chandi: दिवाली से पहले ₹1.33 लाख तक गिरेगा सोना? BofA के अनुमान ने बढ़ाई चिंता!

चिराग ठाकुर

• 04:46 PM • 02 Oct 2026

सितंबर की गिरावट के बाद BofA ने Gold को लेकर नया अनुमान दिया है, जानिए $3,750 के स्तर का भारत में सोने की कीमत पर कितना असर पड़ सकता है.

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न्यूज़ हाइलाइट्स

BofA का अनुमान: अक्टूबर-दिसंबर 2026 में सोना $3,750 प्रति औंस तक फिसल सकता है

भारत में असर: मौजूदा भाव के हिसाब से यह करीब ₹1.33 लाख प्रति 10 ग्राम बैठता है

बड़ी चिंता: कच्चा तेल महंगा हुआ तो महंगाई, ब्याज दर और बॉन्ड पर मिलने वाला रिटर्न सोने पर दबाव बढ़ा सकता है

सोना... सितंबर में 6% से ज्यादा टूटने के बाद अक्टूबर की शुरुआत में करीब ₹1.48 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास संभलने की कोशिश कर रहा है. लेकिन इसी बीच Bank of America ने सोने को लेकर ऐसा अनुमान दिया है, जो दिवाली से पहले सोना खरीदने वालों के लिए अहम हो सकता है.

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BofA का कहना है कि अगर मध्य-पूर्व में तनाव लंबे समय तक बना रहता है और कच्चा तेल बहुत महंगा हो जाता है, तो सोने पर दबाव बढ़ सकता है. बैंक ने अक्टूबर से दिसंबर 2026 के दौरान सोने के $3,750 प्रति औंस तक फिसलने का जोखिम बताया है.

यानी सवाल ये है कि क्या दिवाली से पहले सोने में एक और बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है?

भारत और विदेशी बाजार में सोने का हाल

5 अक्टूबर के वायदा भाव के मुताबिक, एमसीएक्स पर सोना करीब ₹1.48 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास था. सितंबर में इसमें तेज गिरावट देखने को मिली, हालांकि अक्टूबर की शुरुआत में कुछ सुधार भी आया.

विदेशी बाजार में सोना करीब $4,183 प्रति औंस तक पहुंचा. अमेरिका में महंगाई के नरम आंकड़ों से सोने को कुछ सहारा मिला, लेकिन अमेरिकी सरकारी बॉन्ड पर ज्यादा रिटर्न और मजबूत डॉलर अभी भी सोने के लिए चुनौती बने हुए हैं.

मध्य-पूर्व का तनाव सोने के लिए परेशानी कैसे बन सकता है?

आमतौर पर जब दुनिया में तनाव बढ़ता है तो लोग सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की तरफ जाते हैं. लेकिन इस बार एक दूसरा जोखिम सामने है. अगर मध्य-पूर्व के तनाव के कारण कच्चा तेल बहुत महंगा हो जाता है, तो पेट्रोल-डीजल और दूसरी चीजों की कीमतों पर असर पड़ सकता है. इससे महंगाई बढ़ सकती है.

महंगाई बढ़ी तो केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में कटौती को टाल सकते हैं. इसके साथ ही सरकारी बॉन्ड पर मिलने वाला रिटर्न बढ़ सकता है. ऐसे माहौल में निवेशकों को ब्याज देने वाले निवेश ज्यादा आकर्षक लग सकते हैं, जबकि सोने से ब्याज नहीं मिलता. यही वजह है कि BofA लंबे समय तक चलने वाले मध्य-पूर्व तनाव को सोने के लिए जोखिम के तौर पर देख रहा है.

$3,750 का भाव भारत में कितना होगा?

अब आते हैं सबसे अहम गणित पर.

BofA ने अक्टूबर-दिसंबर 2026 के लिए सोने के $3,750 प्रति औंस तक जाने की संभावना बताई है.

अगर मौजूदा भारतीय और विदेशी सोने के भाव के अनुपात से सिर्फ एक मोटा हिसाब लगाएं, तो $3,750 का भाव करीब ₹1.33 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास बैठता है.

यानी करीब ₹1.48 लाख के मौजूदा भाव से देखें तो लगभग ₹15,000 की गिरावट.

लेकिन यहां एक बात बिल्कुल साफ है. ₹1.33 लाख BofA का एमसीएक्स लक्ष्य नहीं है. यह सिर्फ मौजूदा भाव के आधार पर निकाला गया मोटा अनुमान है. भारत में सोने की वास्तविक कीमत पर डॉलर-रुपया विनिमय दर, आयात शुल्क, जीएसटी और स्थानीय प्रीमियम का भी असर पड़ता है.

तेल $150 पहुंचा तो क्या होगा?

BofA ने एक और ज्यादा खराब स्थिति का भी जिक्र किया है. अगर मध्य-पूर्व का तनाव बहुत बढ़ता है और कच्चा तेल 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच जाता है, तो बैंक के अनुमान में 2027 में सोने का औसत भाव करीब $3,500 प्रति औंस रह सकता है.

इसी आधार पर मोटा हिसाब लगाएं तो भारत में यह करीब ₹1.24 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास बैठता है. हालांकि यह एक बेहद खराब स्थिति वाला अनुमान है, इसे BofA का सामान्य अनुमान नहीं माना जाना चाहिए.

फिर सोने को सहारा कौन देगा?

सोने की पूरी कहानी सिर्फ गिरावट की नहीं है. अगर निवेशकों की सोने में खरीदारी बढ़ती है, सोने से जुड़े कोषों में पैसा आता है और केंद्रीय बैंक खरीदारी जारी रखते हैं, तो सोने को सहारा मिल सकता है.

BofA के मुताबिक मौजूदा निवेश मांग करीब $4,000 के आसपास के भाव को सहारा दे रही है. करीब $5,000 तक पहुंचने के लिए निवेश मांग में और तेजी की जरूरत होगी.

इसलिए दिवाली से पहले सोना खरीदने वालों के लिए सिर्फ आज का भाव देखना काफी नहीं होगा. कच्चा तेल, डॉलर, अमेरिकी बॉन्ड पर मिलने वाला रिटर्न, निवेशकों की खरीदारी और केंद्रीय बैंकों की खरीदारी पर भी नजर रखनी होगी.

क्योंकि इस बार सोने की अगली चाल सिर्फ त्योहार की मांग से नहीं, बल्कि दुनिया की महंगाई और ब्याज दरों की दिशा से भी तय हो सकती है.