सोना... जिसे अनिश्चितता और Geopolitical तनाव के दौर में सुरक्षित निवेश माना जाता है, वही इन दिनों भारी दबाव में है. अमेरिका और ईरान के बीच तनाव, Strait of Hormuz को लेकर uncertainty और महंगे Crude Oil के बावजूद Gold की कीमत लगातार नीचे आ रही है. पिछले 24 दिनों में सोने की कीमत करीब ₹10,000 घट चुकी है. 3 सितंबर को MCX पर Gold करीब ₹1.57 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास था, जो अब घटकर करीब ₹1.47 लाख पर आ गया है.
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लेकिन सवाल सिर्फ इतनी बड़ी गिरावट का नहीं है. असली सवाल ये है कि जिस तनाव से आमतौर पर सोने को फायदा होता है, वही इस बार Gold की कीमत पर दबाव क्यों बना रहा है.
MCX Gold में फिर बड़ी गिरावट
सोमवार को भी Gold में बिकवाली देखने को मिली. MCX पर Gold October Futures करीब ₹3,214 टूटकर ₹1,47,667 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया. अंतरराष्ट्रीय बाजार में Spot Gold भी करीब 1.5 फीसदी गिरकर $4,224 के आसपास आ गया.
यानी दबाव सिर्फ घरेलू बाजार तक सीमित नहीं है. Global Gold market में भी फिलहाल कमजोरी बनी हुई है.
पिछले 24 दिनों का बदलाव:
- 3 सितंबर: करीब ₹1.57 लाख प्रति 10 ग्राम.
- अब: करीब ₹1.47 लाख प्रति 10 ग्राम.
- कुल गिरावट: करीब ₹10,000.
Geopolitical Tension के बावजूद Gold क्यों गिर रहा है?
सामान्य तौर पर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव, Hormuz में uncertainty और बढ़ता Geopolitical risk Gold के लिए सकारात्मक माने जाते हैं. लेकिन इस बार कहानी थोड़ी अलग है.
इसका सबसे बड़ा कारण है Crude Oil की कीमतों में तेजी.
महंगा Crude Oil Inflation की चिंता बढ़ाता है. अगर महंगाई ज्यादा समय तक ऊंची रहती है, तो अमेरिकी Federal Reserve के लिए Interest Rates में कटौती करना मुश्किल हो सकता है. बल्कि बाजार में आगे Rate Hike की संभावना भी बढ़ सकती है.
CME FedWatch के मुताबिक अक्टूबर के आखिर में Fed की बैठक में 25 बेसिस प्वाइंट की एक और Rate Hike की संभावना करीब 68 फीसदी तक पहुंच गई है, जो पहले करीब 32 फीसदी थी.
ऊंची Bond Yield भी Gold पर डाल रही दबाव
Gold से कोई नियमित ब्याज नहीं मिलता. ऐसे में जब अमेरिकी बॉन्ड की Yield बढ़ती है, तो निवेशकों के लिए Gold रखने की Opportunity Cost बढ़ जाती है.
अभी 10-year US Treasury Yield 5.1 फीसदी के ऊपर पहुंच चुकी है. इसके साथ अगर Dollar भी मजबूत रहता है, तो Gold की कीमत पर अतिरिक्त दबाव बन सकता है.
यानी फिलहाल Gold के सामने कई चुनौतियां एक साथ हैं:
- महंगा Crude Oil.
- Inflation बढ़ने की चिंता.
- Fed की Rate Hike की उम्मीद.
- ऊंची US Bond Yields.
- मजबूत Dollar.
₹1.47 लाख के बाद कहां जा सकता है Gold?
Commodities expert Ashish Rajodiya के मुताबिक MCX Gold में ₹1,47,000 और ₹1,46,000 अहम Support levels हैं. वहीं ₹1,52,500 और ₹1,55,000 ऊपर की तरफ Resistance zones हैं.
अगर ₹1.47 लाख के आसपास Gold टिकता है और Crude में नरमी आती है, US-Iran बातचीत में प्रगति होती है या Fed का रुख नरम पड़ता है, तो कीमत में Recovery देखने को मिल सकती है.
दूसरी तरफ, अगर Crude Oil, Bond Yields और Dollar ऊंचे बने रहते हैं और Rate Hike की उम्मीद और मजबूत होती है, तो Gold पर दबाव जारी रह सकता है.
आगे Gold के लिए क्या अहम रहेगा?
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के कमोडिटी एनालिस्ट मानव मोदी के अनुसार, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी, फेडरल रिजर्व की ओर से आगे ब्याज दरें बढ़ाने की आशंका और महंगे कच्चे तेल से बढ़ती महंगाई की चिंताओं के चलते सोने और चांदी की कीमतों में क्रमशः करीब 3% और 5% की गिरावट आई है. वहीं, अमेरिकी ट्रेजरी की बढ़ती सप्लाई बाजार की लिक्विडिटी को सोख रही है. इस हफ्ते आने वाले अमेरिकी GDP और महंगाई के आंकड़े आगे ब्याज दरों की दिशा तय करने में अहम होंगे.
भारत में कीमतों में यह गिरावट आगामी त्योहारों और शादी के सीजन से पहले फिजिकल गोल्ड की खरीदारी को ज्यादा किफायती बना सकती है. इससे उन खरीदारों को प्रोत्साहन मिल सकता है, जो बेहतर कीमतों का इंतजार कर रहे थे. रिकॉर्ड ऊंची कीमतों के कारण हल्के वजन के गहनों की तरफ शिफ्ट हुए ग्राहकों के बीच भी ज्वेलरी बिक्री वॉल्यूम में सुधार की उम्मीद बन सकती है. हालांकि, रुपये में उतार-चढ़ाव और सीमित लिक्विडिटी पर नजर रखना जरूरी होगा, क्योंकि सोने की अगली चाल सिर्फ जियोपॉलिटिकल तनाव से नहीं, बल्कि क्रूड ऑयल, बॉन्ड यील्ड, डॉलर इंडेक्स और फेड के अगले फैसलों से भी तय होगी.
फिलहाल ₹1.47 लाख का स्तर Gold के लिए महत्वपूर्ण है. इसके नीचे ₹1.46 लाख अगला Support बन सकता है, जबकि ऊपर ₹1.52-1.55 लाख का Zone अहम रहेगा. इसलिए सिर्फ ये देखकर फैसला करना कि Gold ₹10,000 सस्ता हो गया है, पर्याप्त नहीं है. असली नजर इस बात पर होगी कि इसकी गिरावट के पीछे जो कारण हैं, वे कमजोर पड़ते हैं या नहीं.
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