अगर आप सोने की कीमतों पर नजर रखते हैं या गोल्ड में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो आज की ये खबर आपके लिए बेहद अहम है. सोने-चांदी के दाम लगातार नए रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं. लेकिन आज सोने-चांदी की कीमतों में जारी इस तेजी पर ब्रेक लगा है, कीमतों में गिरावट आई है. इसके पीछे बड़ी वजह है अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक बयान, जिसका सीधा असर सोने-चांदी की कीमतों पर पड़ा है. सोना-चांदी के इस खास एपिसोड में आज जानेंगे आखिर ऐसा क्या कहा ट्रंप ने जिसका असर सोने-चांदी पर पड़ा और कीमतों में कितनी गिरावट आई है, साथ ही जानेंगे एक्सपर्ट्स का क्या कहना है? आइए विस्तार से समझते हैं पूरी बात.
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सोने-चांदी के कीमतों पर लगा ब्रेक
सोने की कीमत में भी आज मामूली गिरावट आई है. 5 फरवरी की डिलीवरी वाला सोना पिछले सत्र में 1,43,121 रुपये पर बंद हुआ था और 16 जनवरी को ये 1,42,589 रुपए पर खुला. शुरुआती कारोबार में ये 1,42,400 रुपये तक नीचे गया. सुबह के वक्त सोना 0.24 फीसदी गिरावट के साथ 1,42,771 रुपये पर ट्रेड कर रहा था.
वहीं चांदी की बात करें तो इसकी कीमतों में आज भारी गिरावट आई है. MCX पर बाजार खुलते ही इसकी कीमत 6,000 रुपये तक गिर गई. 5 मार्च की डिलीवरी वाली चांदी पिछले सत्र में 2,91,577 रुपये प्रति किलो के भाव पर बंद हुई थी जबकि आज यह 2,87,127 रुपये पर खुली. शुरुआती कारोबार में यह 2,85,513 रुपये तक नीचे गई. एशियाई बाजार में भी सोने की कीमतों में हल्की गिरावट देखने को मिली है. शुक्रवार सुबह अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना फिसलकर करीब $4,605 डॉलर प्रति औंस के आसपास आ गया. यानी हाल के ऊंचे स्तरों से सोने ने थोड़ी पीछे हटने की चाल चली है.
क्यों गिरा सोना के भाव?
जानकारों के मुताबिक, सोने में आई इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह है अमेरिकी डॉलर की मजबूती. दरअसल, अमेरिका से आए ताजा रोजगार के आंकड़ों ने डॉलर को सहारा दिया है. अमेरिका के श्रम विभाग US Department of Labor के मुताबिक 10 जनवरी को खत्म हुए हफ्ते में बेरोजगारी भत्ते के लिए नई अर्जियां घटकर 1,98,000 रह गईं. जबकि बाजार को उम्मीद थी 2,15,000 आवेदन की. पिछले हफ्ते ये आंकड़ा 2,07,000 था.
इसका सीधा मतलब है कि अमेरिकी जॉब मार्केट अब भी मजबूत है और जब अर्थव्यवस्था मजबूत दिखती है, तो डॉलर मजबूत होता है, जिसकी वजह से सोने पर दबाव आता है. इस डेटा के बाद अब बाजार की धारणा ये बन रही है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक Federal Reserve शायद साल के पहले हिस्से में ब्याज दरों में कटौती ना करें. यानी ब्याज दरें थोड़ा और ऊंचे स्तर पर
बनी रह सकती हैं.
ट्रेंड पर एक्सपर्ट की राय
एक्सपर्ट के मुताबिक, हालिया डेटा फेड को लेकर उम्मीदों को फिलहाल रोक देता है. डॉलर इंडेक्स कई हफ्तों के ऊंचे स्तर पर है और यही इस वक्त सोने के लिए एक बाधा बन रहा है.
डोनाल्ड ट्रंप का बयान?
सोना आमतौर पर तभी चमकता है जब दुनिया में डर और अनिश्चितता बढ़ती है. लेकिन इस बार अमेरिका और ईरान के बीच तनाव थोड़ा कम होता दिखा. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर नरमी दिखाई है. उनके बयानों से लगा कि अभी अमेरिका ईरान पर कोई हमला नहीं करेगा और इस खबर के बाद सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट आई है. हालांकि ट्रंप ने ये भी साफ किया कि अगर हालात बिगड़ते हैं और हत्याएं होती हैं तो इसके गंभीर परिणाम होंगे यानी फिलहाल तनाव थोड़ा कम हुआ है, लेकिन पूरी तरह खत्म नहीं.
आगे क्या?
अब निवेशकों की नजर अमेरिका के दिसंबर इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन डेटा पर और फेड गवर्नर के भाषण पर टिकी है. इन दोनों से ब्याज दर, डॉलर और सोने की आगे की दिशा तय हो सकती है. अगर डॉलर और मजबूत होता है और फेड सख्त रुख बनाए रखता है तो सोने पर और दबाव आ सकता है. लेकिन अगर ईरान में हालात फिर बिगड़ते हैं या वैश्विक तनाव बढ़ता है तो सोना दोबारा तेजी पकड़ सकता है.
कुल मिलाकर सोने में मौजूदा गिरावट डॉलर की मजबूती और तनाव में कमी की वजह से है। लेकिन गोल्ड अब भी भू-राजनीतिक खबरों के प्रति बेहद संवेदनशील बना हुआ है। इसलिए आने वाले दिनों में खबरें, डेटा और बयानों पर करीबी नजर रखना जरूरी है.
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